विरोध होने पर बूथ से भगी 12 वर्षीया छात्रा
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पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान मंगलवार को भी बूथों पर लगी कतारों में शुमार बिना मूंछ-दाढ़ी वाले किशोर उम्र के बालक वोटर सूची बनाए जाने की प्रक्रिया में नियमों के उड़े मखौल की बानगी पेश कर रहे थे। कांट ब्लाक के अंतर्गत मदनापुर को जाने वाले मार्ग पर स्थित मोहनपुर ममरेजपुर प्राथमिक विद्यालय में बने पोलिंग बूथ से वोट डालकर निकले भानू प्रताप चौहान के चेहरे में मतदान की खुशी साफ झलक रही थी। पूछने पर बताया कि नौंवीं में पढ़ता हूं। आधार कार्ड में जन्मतिथि वर्ष 2011 की है। यानी इसकी उम्र अभी 15 वर्ष ही, जबकि मतदाता होने की अर्हता आयु 18 वर्ष है।
शाहजहांपुर-जलालाबाद मार्ग पर ददरौल ब्लाक के अंतर्गत पड़ने वाले गांव पिपरौला का नजारा भी इससे कुछ जुदा नहीं था। यहां प्राथमिक विद्यालय में बने बूथ पर मतदान को जा रहे दीपक कुमार ने बताया कि नौंवीं कक्षा में पढ़ता है और वोटर आईडी पर उसकी जन्म तिथि वर्ष 1998 की अंकित है। वह बूथ के भीतर गया तो किसी ने आपत्ति नहीं की और अंगूठे पर निशान लगवाकर पीठासीन अधिकारी ने मतपत्र के साथ बैलेट बाक्स की ओर भेज दिया। यहीं पर हाईस्कूल के छात्र आरेश ने भी वोट डाला और उम्र पूछने पर हंसते हुए वोटर आईडी के हवाले से 22 वर्ष बताई। आसपास खड़े लोग भी मखौल बनाते हुए पूरे मामले की पुष्टि करते मिले। मदनापुर मार्ग पर कांट ब्लाक के अंतर्गत पड़ने वाले डींगुरपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में वोट डालकर निकले हाईस्कूल के छात्र रजनीश की आईडी पर जन्म तिथि वर्ष 1993 की अंकित मिली। यहीं नौैंवी की छात्रा क्रांति और हाईस्कूल की छात्रा रूबी देवी वोटर आईडी में बढ़ाकर दर्ज कराई गई उम्र के बूते मतदान कर चुकी थीं।
मदनापुर इलाके में बूथों के औचक निरीक्षण पर निकलीं डीएम शुभ्रा सक्सेना और एसपी बबलू कुमार भी मिले और ऐसे वोटरों के बाबत ध्यान आकृष्ट करने पर उन्होंने कहा कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी।
फोटो 09 नंबर
विरोध होने पर बूथ
से भगी 12 वर्षीया छात्रा
- मदनापुर के गलौला खेड़ा सुंदरपुर वाले बूथ से वोटर बने सात नाबालिग हिरासत में लिए गए
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। कम उम्र के होकर भी खुद को अधिक उम्र का दर्शाकर गलत तरीके से वोटर सूची में दर्ज हुए नाबालिग लड़के-लड़कियों के मतदान करने संबंधी अमर उजाला द्वारा प्रकाशित खबर का दूसरे चरण में असर भी दिखा। जनता भी मुखर हुई और तंत्र ने भी अपने स्तर पर ऐसे मामले पकड़ में सख्ती से एक्शन लिया। मदनापुर ब्लाक में इसकी बानगी भी देखने को मिली।
इसी ब्लाक के अंतर्गत पड़ने वाले बड़ी खास द्वितीय प्राथमिक विद्यालय में बने बूथ पर महिलाओं और पुरुषों की लंबी कतार लगी हुई थी। महिलाओं की कतार में एक 12 वर्षीय छात्रा भी थी। प्रत्याशियों की ओर से यहां तैनात मतदान एजेंट शरदवीर सिंह, प्रभाकर चौहा, मानवीर आदि ने पीठासीन अधिकारी और पुलिस कर्मियों से वोटर के तौर पर छात्रा के अपात्र होने की शिकायत की और मामले की तस्दीक गांव के लोगों एवं आईडी से कराने का अनुरोध किया। पीठासीन अधिकारी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही पुलिस वाले हरकत में आए और कतार की चेकिंग शुरू की तो छात्रा कतार से अलग हटी और अपने घर भाग गई। इसी ब्लाक के गलौला खेड़ा सुंदरपुर प्राथमिक विद्यालय में बने बूथ पर मतदान को पहुंचे नाबालिगों की टोली को औचक निरीक्षण पर पहुंची एडीएम पीके श्रीवास्तव और एसपी सिटी राजेश कुमार के नेतृत्व वाली टीम ने चेक किया। पूछने पर किशोरों ने 40 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाली अपनी आईडी प्रस्तुत की जबकि इनकी बमुश्किल 14 से 17 के बीच थी। इस दौरान कुछ तो भाग निकले लेकिन सात को पुलिस ने दबोच लिया और मदनापुर थाने में मतदान खत्म होने तक बिठाए रखा। थाने में इन्होंने अपनी पहचान ज्ञान पाल, रामसेवक, पंकज, बबलू, राजीव, जयप्रकाश और विपिन के रूप में बताई। एसपी सिटी ने देर शाम इन किशोरों को उनके घरवालों के हवाले कर दिए जाने की पुष्टि की।