UP: शाहजहांपुर में सेवानिवृत्त शिक्षक के अपहरण में आठ बदमाशों को उम्रकैद, साल 2005 में किया था अगवा
शाहजहांपुर के मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र में अक्तूबर 2005 में बदमाशों ने घर में घुसकर सेवानिवृत्त शिक्षक का अपहरण कर लिया था। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद बदमाशों से शिक्षक को मुक्त कराया था। इस मामले में कोर्ट ने आठ बदमाशों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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शाहजहांपुर में फिरौती के लिए अपहरण के मुकदमे में अदालत ने आठ बदमाशों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद अपहरण किए गए सेवानिवृत्त शिक्षक को मुक्त कराया था।
मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र के गांव भमौरी निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक सीताराम ने पुलिस को बताया कि आठ-नौ अक्तूबर 2005 की रात वह अपने घर में सो रहे थे। अचानक कुछ बदमाश उनके घर में घुस आए और उन्हें पकड़कर खींचने लगे। वह चिल्लाए तो परिवार के लोग जाग गए। इस पर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में उनका बेटा हरवंश घायल हो गया था।
बदमाश उन्हें पीटते हुए बाग की ओर ले गए। वहां से उन्हें जैतीपुर क्षेत्र की कटरी में ले गए। बदमाशों ने उनका अपहरण कर फिरौती मांगी थी। बदमाश आपस में नाम लेकर बातचीत करते थे जिससे उसने उन्हें पहचान लिया था। बदमाशों ने पांच-छह दिन उसे अपने कब्जे में रखा था।
इनके खिलाफ दाखिल हुआ था आरोपपत्र
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद उन्हें बदमाशों से मुक्त कराया था। पुलिस ने मोरपाल, सत्यपाल, साधु, राम सिंह उर्फ मोटे, श्रीकृष्ण, होरी यादव के बेटे रामवीर, दरबारी धीमर के बेटे रामवीर, जंजाली, पुत्तू धीमर व एक अन्य के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत भेजा।
विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट गरिमा सिंह ने सोमवार को मोरपाल, सत्यपाल, साधु, राम सिंह उर्फ मोटे, श्रीकृष्ण, होरी यादव के बेटे रामवीर, दरबारी धीमर के बेटे रामवीर और जंजाली को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।