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नेशनल हाईवे पर धूल से मुश्किल हुआ सफर, हादसे का बन रही सबब
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नेशनल हाईवे पर उड़ती धूल और रोड पर पड़ी बजरी। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। लखनऊ दिल्ली नेशनल हाईवे पर निर्माण कार्य होने से उड़ती धूल की वजह से राहगीरों को बेहद दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। धूल के चलते आवागमन में तो दिक्कत होती ही है, इसके साथ ही प्रतिदिन दोपहिया वाहनों से यात्रा करने वाले लोग बीमार भी पड़ रहे हैं।
लखनऊ दिल्ली नेशनल हाईवे पर जनपद की सीमा मीरानपुर कटरा से रोजा तक निर्माण कार्य चल रहा है। इसके चलते सड़क खोद दी गई है। सड़क पर बजरी व मिट्टी पड़ी होने के चलते धूल उड़ती रहती है। बड़े वाहनों के निकलने के चलते पूरे हाईवे पर काफी ऊंचाई तक धूल पहुंच जाती है। इससे दोपहिया वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। धूल और बजरी होने के वजह से आए दिन वाहन चालक स्लिप होकर गिर जाते हैं। वहीं धूल सांस के जरिये फेफड़ों में पहुंच कर बीमारियां उत्पन्न कर रही है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एमएल अग्रवाल के मुताबिक धूल में कई प्रकार के बैक्टीरिया होते हैं जो कि सांस के जरिए फेफड़ों तक जाते हैं और अस्थमा जैसी बीमारी को जन्म देते हैं। इसके अलावा कई अन्य हानिकारक बैक्टीरिया शरीर के अंदर आ जाने के कारण गंभीर रोगों से ग्रसित होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। प्रतिदिन सफर करने वाले लोगों के लिए यह बेहद खतरनाक है।
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हाईवे पर धूल उड़ने के चलते व्यापार काफी प्रभावित हो रहा है। होटल पर लोग रुकते नहीं है। वहीं धूल के चलते सांस लेना तक दूभर हो जाता है। - तहजीब खां, होटल व्यवसायी।
व्यापार के चलते जनपद में कई स्थानों पर बाइक से जाना पड़ता है। हाईवे पर धूल एवं गड्ढों के चलते सफर बेहद मुश्किल हो जाता है। सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी है।
जितेंद्र कुमार, सराफा व्यापारी।
राजकीय पॉलिटेक्निक में पढ़ाई के लिए प्रतिदिन सफर करने में बेहद दिक्कत होती है। हाईवे पर निकलने के दौरान धूल के चलते कभी कभार रास्ता समझ नहीं आता है। एक-दो बार गाड़ी स्लिप होकर गिर पड़ी।
चित्रांश कुमार, छात्र, राजकीय पॉलिटेक्निक शाहजहांपुर।
फोटो--37
नेशनल हाईवे पर धूल और बजरी के चलते सफर करना बेहद मुश्किल हो गया है। कार्य की प्रगति बेहद धीमी है। अक्सर कोई न कोई हादसे होते रहते हैं सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
मनोज वर्मा, व्यवसायी।
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लखनऊ दिल्ली नेशनल हाईवे पर जनपद की सीमा मीरानपुर कटरा से रोजा तक निर्माण कार्य चल रहा है। इसके चलते सड़क खोद दी गई है। सड़क पर बजरी व मिट्टी पड़ी होने के चलते धूल उड़ती रहती है। बड़े वाहनों के निकलने के चलते पूरे हाईवे पर काफी ऊंचाई तक धूल पहुंच जाती है। इससे दोपहिया वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। धूल और बजरी होने के वजह से आए दिन वाहन चालक स्लिप होकर गिर जाते हैं। वहीं धूल सांस के जरिये फेफड़ों में पहुंच कर बीमारियां उत्पन्न कर रही है।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एमएल अग्रवाल के मुताबिक धूल में कई प्रकार के बैक्टीरिया होते हैं जो कि सांस के जरिए फेफड़ों तक जाते हैं और अस्थमा जैसी बीमारी को जन्म देते हैं। इसके अलावा कई अन्य हानिकारक बैक्टीरिया शरीर के अंदर आ जाने के कारण गंभीर रोगों से ग्रसित होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। प्रतिदिन सफर करने वाले लोगों के लिए यह बेहद खतरनाक है।
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हाईवे पर धूल उड़ने के चलते व्यापार काफी प्रभावित हो रहा है। होटल पर लोग रुकते नहीं है। वहीं धूल के चलते सांस लेना तक दूभर हो जाता है। - तहजीब खां, होटल व्यवसायी।
व्यापार के चलते जनपद में कई स्थानों पर बाइक से जाना पड़ता है। हाईवे पर धूल एवं गड्ढों के चलते सफर बेहद मुश्किल हो जाता है। सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी है।
जितेंद्र कुमार, सराफा व्यापारी।
राजकीय पॉलिटेक्निक में पढ़ाई के लिए प्रतिदिन सफर करने में बेहद दिक्कत होती है। हाईवे पर निकलने के दौरान धूल के चलते कभी कभार रास्ता समझ नहीं आता है। एक-दो बार गाड़ी स्लिप होकर गिर पड़ी।
चित्रांश कुमार, छात्र, राजकीय पॉलिटेक्निक शाहजहांपुर।
फोटो--37
नेशनल हाईवे पर धूल और बजरी के चलते सफर करना बेहद मुश्किल हो गया है। कार्य की प्रगति बेहद धीमी है। अक्सर कोई न कोई हादसे होते रहते हैं सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
मनोज वर्मा, व्यवसायी।