{"_id":"58d6bb694f1c1b1a191a290f","slug":"due-to-the-poor-quality-of-building-of-the-slater-house-the-dm","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्लाटर हाउस के निर्माण की खराब गुणवत्ता पर भड़के डीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्लाटर हाउस के निर्माण की खराब गुणवत्ता पर भड़के डीएम
शाहजहांपुर, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 26 Mar 2017 12:18 AM IST
विज्ञापन
स्लाटर हाउस
- फोटो : शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश
डीएम कर्ण सिंह चौहान ने शनिवार को ककरा कलां में नगरपालिका परिषद की ओर से बनवाए जा रहे स्लाटर हाउस के भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने नई वधशाला में निर्माण की खराब गुणवत्ता और आसपास मानक के विपरीत हो रहे नए मकानों का निर्माण पर नाराजगी जताते हुए वहां मौजूद नगरपालिका परिषद के अधिकारी अधिकारी मुनेंद्र सिंह राठौर को आड़े हाथों ले लिया।
बता दें कि बुधवार दोपहर डीएम के निर्देश पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और ईओ ने ककरा कलां के पुराने स्लाटर हाउस का निरीक्षण किया था। इस दौरान वहां के कर्मचारियों ने अफसरों को बताया कि पशुओं की स्लाटिंग अमूमन सुबह होती है। इसीलिए डीएम पुराने स्लाटर हाउस की दशा परखने के साथ निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण करने के लिए शनिवार को सुबह ककरा कलां जा पहुंचे। कुछ देर बाद चेयरमैन तनवीर खां भी वहां पहुंच गए।
निरीक्षण में डीएम ने पाया कि स्लाटर हाउस के निर्माण की गुणवत्ता मानक के विपरीत है। मोरंग में मिट्टी जैसी मिली पाई गई। स्लाटर हाउस के आसपास कई मकान बनते पाए जबकि नियमानुसार 300 गज की परिधि में कोई निर्माण नहीं होना चाहिए। स्लाटर हाउस की बमुश्किल दस गज की दूरी पर नक्शा पास कराए बगैर मकान बनते देख डीएम ने ईओ से सवाल किया कि इन आवासों का निर्माण कार्य रोका क्यों नहीं गया।
विज्ञापन
डीएम ने नजदीक बनाए गए आवास को ढहाए जाने के साथ ही स्लाटर हाउस के चारों ओर रोड का निर्माण शीघ्र कराने के निर्देश दिए। साथ ही नई वधशाला के निर्माण में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। चेयरमैन ने बताया कि स्लाटर हाउस का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने के लिए अतिरिक्त भवन मिस्त्री और मजदूर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान नगरपालिका के प्रभारी सहायक अभियंता सुधीर कुमार कनौजिया और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
000
100 घरों के चूल्हे जलाएगी बायो गैस
निरीक्षण के दौरान डीएम ने नए स्लाटर हाउस में बनाए जा रहे बायो मैथेनेशन सिस्टम पर आधारित डाइजेस्टर प्लांट भी देखा। चेयरमैन तनवीर खां ने बताया नए स्लाटर हाउस में रोजाना औसतन 50 पशुओं की स्लाटिंग होगी। उनसे निकलने वाले ठोस और द्रव अपशिष्टों का इसी संयंत्र से निस्तारण करके बायो गैस बनाई जाएगी। यह बायो गैस ककरा कलां की मंसूरी कालोनी के 100 परिवारों को खाना पकाने के लिए रियायती मूल्य पर दिया जाएगा। साथ ही पशु वधशाला के अंदर और बाहर प्रदूषण व दुर्गंध रहित वातावरण भी मिलेगा। चेयरमैन ने कार्य स्थल पर ही प्रभारी सहायक अभियंता को निर्माण कार्य तेजी लाने को कहा ताकि कुरैशी समाज के लोगों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट गहराने न पाए।
00
डीएम ने बंद कराया ककरा का पुराना स्लाटर हाउस
डीएम ने नगरपालिका परिषद के ईओ द्वारा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर पुराने स्लाटर हाउस में पशुओं की स्लाटिंग का काम तत्काल रोकने के निर्देश दिए। तिलहर, कटरा और कांट के स्लाटर हाउसों को मानक पूरे नहीं होने पर पहले ही बंद किया जा चुका है। बता दें कि गत बुधवार को डीएम के निर्देश पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र सिंह ने ककरा का दौरा करने पर पाया कि पुराने स्लाटर हाउस में खुले स्थान पर पशुओं का वध किया जा रहा है और वहां सफाई भी नहीं है। बाद मेें सीवीओ की संस्तुति पर डीएम ने ककरा में पुरानी वधशाला बंद करा दी।
विज्ञापन
बता दें कि बुधवार दोपहर डीएम के निर्देश पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और ईओ ने ककरा कलां के पुराने स्लाटर हाउस का निरीक्षण किया था। इस दौरान वहां के कर्मचारियों ने अफसरों को बताया कि पशुओं की स्लाटिंग अमूमन सुबह होती है। इसीलिए डीएम पुराने स्लाटर हाउस की दशा परखने के साथ निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण करने के लिए शनिवार को सुबह ककरा कलां जा पहुंचे। कुछ देर बाद चेयरमैन तनवीर खां भी वहां पहुंच गए।
विज्ञापन
निरीक्षण में डीएम ने पाया कि स्लाटर हाउस के निर्माण की गुणवत्ता मानक के विपरीत है। मोरंग में मिट्टी जैसी मिली पाई गई। स्लाटर हाउस के आसपास कई मकान बनते पाए जबकि नियमानुसार 300 गज की परिधि में कोई निर्माण नहीं होना चाहिए। स्लाटर हाउस की बमुश्किल दस गज की दूरी पर नक्शा पास कराए बगैर मकान बनते देख डीएम ने ईओ से सवाल किया कि इन आवासों का निर्माण कार्य रोका क्यों नहीं गया।
विज्ञापन
डीएम ने नजदीक बनाए गए आवास को ढहाए जाने के साथ ही स्लाटर हाउस के चारों ओर रोड का निर्माण शीघ्र कराने के निर्देश दिए। साथ ही नई वधशाला के निर्माण में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। चेयरमैन ने बताया कि स्लाटर हाउस का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने के लिए अतिरिक्त भवन मिस्त्री और मजदूर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान नगरपालिका के प्रभारी सहायक अभियंता सुधीर कुमार कनौजिया और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
000
100 घरों के चूल्हे जलाएगी बायो गैस
निरीक्षण के दौरान डीएम ने नए स्लाटर हाउस में बनाए जा रहे बायो मैथेनेशन सिस्टम पर आधारित डाइजेस्टर प्लांट भी देखा। चेयरमैन तनवीर खां ने बताया नए स्लाटर हाउस में रोजाना औसतन 50 पशुओं की स्लाटिंग होगी। उनसे निकलने वाले ठोस और द्रव अपशिष्टों का इसी संयंत्र से निस्तारण करके बायो गैस बनाई जाएगी। यह बायो गैस ककरा कलां की मंसूरी कालोनी के 100 परिवारों को खाना पकाने के लिए रियायती मूल्य पर दिया जाएगा। साथ ही पशु वधशाला के अंदर और बाहर प्रदूषण व दुर्गंध रहित वातावरण भी मिलेगा। चेयरमैन ने कार्य स्थल पर ही प्रभारी सहायक अभियंता को निर्माण कार्य तेजी लाने को कहा ताकि कुरैशी समाज के लोगों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट गहराने न पाए।
00
डीएम ने बंद कराया ककरा का पुराना स्लाटर हाउस
डीएम ने नगरपालिका परिषद के ईओ द्वारा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर पुराने स्लाटर हाउस में पशुओं की स्लाटिंग का काम तत्काल रोकने के निर्देश दिए। तिलहर, कटरा और कांट के स्लाटर हाउसों को मानक पूरे नहीं होने पर पहले ही बंद किया जा चुका है। बता दें कि गत बुधवार को डीएम के निर्देश पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र सिंह ने ककरा का दौरा करने पर पाया कि पुराने स्लाटर हाउस में खुले स्थान पर पशुओं का वध किया जा रहा है और वहां सफाई भी नहीं है। बाद मेें सीवीओ की संस्तुति पर डीएम ने ककरा में पुरानी वधशाला बंद करा दी।