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Shahjahanpur News: .प्रदूषण की मार, धूल के गुबार से युवा हो रहे अस्थमा का शिकार

Tue, 07 May 2024 04:57 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Tue, 07 May 2024 04:57 AM IST
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Due to pollution, youth are becoming victims of asthma due to dust.
डॉ.शुभम जैन। स्रोत: स्वयं
शाहजहांपुर। शहर के अंदर सड़कों की खोदाई से उड़ती धूल और वाहनों से निकलने वाले धुएं ने लोगों को अस्थमा का रोगी बनाना शुरू कर दिया है। बुजुर्ग ही नहीं, युवा भी रोग की चपेट में आने लगे हैं। गांव-देहात की अपेक्षा शहरी क्षेत्र के लोग अधिक पीड़ित हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि पिछले एक साल में अस्थमा रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है।
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अस्थमा यानी सांस के रोग की चपेट में पूर्व में 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले आते थे। वर्तमान में स्थिति में काफी बदलाव हुआ है। शहरी इलाकों में लगातार प्रदूषण बढ़ने के चलते धूल के कण व धुएं की वजह से युवा वर्ग रोग की चपेट में आने लगा है। इनमें 18 से 25 साल तक के युवक व युवतियों शामिल हैं। युवा वर्ग में लड़कियों की संख्या अधिक है।
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डॉक्टर बताते हैं कि युवतियों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होने के चलते एलर्जी की समस्या हो जाती है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के श्वांस रोग विभाग में पिछले दो वर्षों में अस्थमा के रोगियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई। रोजाना ओपीडी में आने वाले 150 से अधिक मरीजों में 50 से 55 अस्थमा के रोगी आते हैं। इन मरीजों में 25 से 30 युवा शामिल होते हैं। संवाद
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ये है लक्षण
-धूल के कण, धुआं आदि शरीर के अंदर प्रवेश कर संक्रमण कर देता है। इससे सीने में जकड़न, सांस लेने में तकलीफ, रात में लगातार खांसी आने की समस्या होने लगती है। आमतौर पर मरीज सामान्य समस्या मानकर टाल देते हैं, लेकिन उपचार नहीं कराने पर घातक हो सकती है।
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ये बरतें सावधानी
-धूल, मिट्टी, धुएं आदि से दूर रहे।
-सांस लेने में दिक्कत होने पर जांच अवश्य करा लें।
-धूल वाले इलाके में निकलने पर मास्क का उपयोग करें।
-गेहूं की कटाई होने पर धूल के कण से अपना बचाव करें।
-सांस अटकने पर इन्हेलर का उपयोग कर सकते हैं।
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नजला-जुकाम को सामान्य नहीं समझे
लोगों को नजला-जुकाम होने पर मेडिकल स्टोर से दवा लेकर ठीक हो जाते हैं, पर यह इसे सामान्य बीमारी नहीं समझे। उम्र बढ़ने के साथ ही एलर्जी सांस के रोग में बदल जाती है। जुकाम होने पर जांच अवश्य कराएं।

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-अस्थमा एक बहुत ही प्रबंधनीय स्थिति है। डॉक्टर से नियमित जांच कराएं। इन्हेलर का सही ढंग से उपयोग करना चाहिए। धूल-मिट्टी व धुएं से बचकर अस्थमा पर बचाव कर सकते हैं। शहरी क्षेत्र के युवाओं में अस्थमा का रोग बढ़ने लगा है।
डॉ.शुभम जैन, असिस्टेंट प्रोफेसर, छाती एवं श्वांस रोग विभाग-राजकीय मेडिकल कॉलेज
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