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जिला योजना: सिर्फ एक पंचायत भवन का मिला पैसा, वह भी बना अधूरा
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सिंधौली के गांव पटई में हो रहा पंचायत भवन का निर्माण कार्य । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। वित्त वर्ष 2021-22 की वार्षिक जिला योजना में विकास और निर्माण के जो कार्य प्रस्तावित किए गए, उनमें ब्लॉकों में 45 बहुउद्देशीय पंचायत भवनों का निर्माण भी शामिल है। यही नहीं, योजना समिति की बैठक में इसके लिए 785.70 लाख रुपये परिव्यय भी अनुमोदित किया गया। यह अलग बात है कि सिर्फ एक पंचायत भवन के लिए धनराशि जारी हो सकी। इस पंचायत भवन का निर्माण कार्य भी अभी पूरा नहीं हो सका है। उधर, राज्य वित्त आयोग और ग्राम निधि के बजट से पहले से बनाए जा रहे पंचायत भवन भी अधूरे पड़े हैं।
पुरानों की जगह बनाए जा रहे नए भवन
गत अगस्त मेें जिले की 1077 ग्राम पंचायतों में 709 ऐसी पंचायत चिह्नित की गईं, जहां पंचायत भवन नहीं हैं या फिर दशकों पुराने होने के कारण भवन खस्ताहाल हो चुके हैं। बाद में लेखपालों से सर्वे कराने पर 670 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन बनाने का निर्णय किया गया। तीन मॉडल में बनने वाले पंचायत भवनों के निर्माण पर होने वाले कुल व्यय की 50 फीसदी धनराशि 14वें राज्य वित्त आयोग और शेष 50 फीसदी धनराशि मनरेगा मद से खर्च की जा रही है।
ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अधिशासी अभियंता के स्तर से तैयार किए इस्टीमेट के अनुसार पहले मॉडल के पंचायत भवन पर 17 लाख रुपये, दूसरे मॉडल पर 19.65 लाख रुपये और तीसरे मॉडल पर 23.50 लाख रुपये व्यय होने का अनुमान है। ग्राम प्रधानों को छूट दी गई है कि वह ग्राम निधि खाते में उपलब्ध राज्य वित्त आयोग की धनराशि के सापेक्ष पंचायत भवन बनाने का कोई एक मॉडल चुन सकते हैं।
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पटई में छह माह तक भूमि विवाद में अटका रहा काम
सिंधौली। विकास खंड के पटई गांव में बहुउद्देश्यीय पंचायत भवन गत वर्ष स्वीकृत हुआ था। करीब छह माह तक इसे लेकर ग्रामीणों में विवाद होता रहा कि पंचायत भवन कहां बनेगा। छह माह पूर्व जगह तय होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो सका, लेकिन उसकी गति बहुत धीमी है। निर्माणाधीन भवन की दीवारें खड़ी हो चुकी हैं और लिंटर के लिए सरिया भी आ चुकी है। ग्राम प्रधान सुशीला देवी ने बताया कि पंचायत भवन में अब तेजी से काम चल रहा है। उसे जल्द बनाकर तैयार कराने के लिए ठेकेदार को मजदूर बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। लिंटर के लिए बीम तैयार होने के साथ जाल बांधा जा रहा है और बहुत जल्द ही भवन पर लिंटर भी पड़ जाएगा।
इन सभी कार्यों में उपयोगी साबित होंगे पंचायत भवन
गांवों में सरकारी बैठकों, पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान, अफसरों की चौपाल या फिर गांव स्तर के अन्य आयोजनों के लिए वहां के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल भवन इस्तेमाल किए जाते रहे। बरात ठहराने के लिए भी स्कूल भवनों का सहारा लेना पड़ता था। इन सभी कार्यों के लिए गांवों में करीब दो दशक पहले ग्राम निधि के बजट से हॉल जैसे कमरों वाले पंचायत घर बनवाए गए थे, लेकिन अब नए पंचायत भवनों को बड़ा आकार दिया जा रहा है। गांव के आंगनबाड़ी केंद्र, एएनएम सेंटर, ग्राम पंचायत कार्यालय आदि वहीं स्थापित हो रहे हैं।
डीएम के स्तर से सभी बीडीओ को निर्देशित किया जा चुका है। वर्ष 2021-22 की जिला योजना में केवल एक बहुउद्देश्यीय पंचायत भवन के लिए धनराशि अवमुक्त हुई है और उससे विकास खंड सिंधौली के पटई गांव में निर्माण कार्य कराया जा रहा है। -घनश्याम सागर, जिला पंचायत राज अधिकारी
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पुरानों की जगह बनाए जा रहे नए भवन
गत अगस्त मेें जिले की 1077 ग्राम पंचायतों में 709 ऐसी पंचायत चिह्नित की गईं, जहां पंचायत भवन नहीं हैं या फिर दशकों पुराने होने के कारण भवन खस्ताहाल हो चुके हैं। बाद में लेखपालों से सर्वे कराने पर 670 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन बनाने का निर्णय किया गया। तीन मॉडल में बनने वाले पंचायत भवनों के निर्माण पर होने वाले कुल व्यय की 50 फीसदी धनराशि 14वें राज्य वित्त आयोग और शेष 50 फीसदी धनराशि मनरेगा मद से खर्च की जा रही है।
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ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अधिशासी अभियंता के स्तर से तैयार किए इस्टीमेट के अनुसार पहले मॉडल के पंचायत भवन पर 17 लाख रुपये, दूसरे मॉडल पर 19.65 लाख रुपये और तीसरे मॉडल पर 23.50 लाख रुपये व्यय होने का अनुमान है। ग्राम प्रधानों को छूट दी गई है कि वह ग्राम निधि खाते में उपलब्ध राज्य वित्त आयोग की धनराशि के सापेक्ष पंचायत भवन बनाने का कोई एक मॉडल चुन सकते हैं।
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पटई में छह माह तक भूमि विवाद में अटका रहा काम
सिंधौली। विकास खंड के पटई गांव में बहुउद्देश्यीय पंचायत भवन गत वर्ष स्वीकृत हुआ था। करीब छह माह तक इसे लेकर ग्रामीणों में विवाद होता रहा कि पंचायत भवन कहां बनेगा। छह माह पूर्व जगह तय होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो सका, लेकिन उसकी गति बहुत धीमी है। निर्माणाधीन भवन की दीवारें खड़ी हो चुकी हैं और लिंटर के लिए सरिया भी आ चुकी है। ग्राम प्रधान सुशीला देवी ने बताया कि पंचायत भवन में अब तेजी से काम चल रहा है। उसे जल्द बनाकर तैयार कराने के लिए ठेकेदार को मजदूर बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। लिंटर के लिए बीम तैयार होने के साथ जाल बांधा जा रहा है और बहुत जल्द ही भवन पर लिंटर भी पड़ जाएगा।
इन सभी कार्यों में उपयोगी साबित होंगे पंचायत भवन
गांवों में सरकारी बैठकों, पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान, अफसरों की चौपाल या फिर गांव स्तर के अन्य आयोजनों के लिए वहां के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल भवन इस्तेमाल किए जाते रहे। बरात ठहराने के लिए भी स्कूल भवनों का सहारा लेना पड़ता था। इन सभी कार्यों के लिए गांवों में करीब दो दशक पहले ग्राम निधि के बजट से हॉल जैसे कमरों वाले पंचायत घर बनवाए गए थे, लेकिन अब नए पंचायत भवनों को बड़ा आकार दिया जा रहा है। गांव के आंगनबाड़ी केंद्र, एएनएम सेंटर, ग्राम पंचायत कार्यालय आदि वहीं स्थापित हो रहे हैं।
डीएम के स्तर से सभी बीडीओ को निर्देशित किया जा चुका है। वर्ष 2021-22 की जिला योजना में केवल एक बहुउद्देश्यीय पंचायत भवन के लिए धनराशि अवमुक्त हुई है और उससे विकास खंड सिंधौली के पटई गांव में निर्माण कार्य कराया जा रहा है। -घनश्याम सागर, जिला पंचायत राज अधिकारी