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विपिन को मिला पीसीएफ के जिला प्रबंधक चार्ज
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Mon, 25 Jul 2016 11:22 PM IST
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मिश्रीपुर स्थित पीसीएफ के गोदाम के प्रभारी शिव प्रताप उर्फ एसपी की संदिग्ध मौत के मामले में मृतक के भाई द्वारा नामजद कराए तत्कालीन जिला प्रबंधक को लखनऊ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इस बीच, प्रबंध निदेशक के आदेश पर बरेली के जिला प्रबंधक विपिन यादव ने यहां जिला प्रबंधक का अतिरिक्त कार्य भार संभाल लिया है। इसके साथ ही क्षेत्रीय प्रबंधक राज कुमार गुप्ता ने घटना के बाद सील कराए गए गोदाम को खुलवाकर उसका चार्ज दूसरे गोदाम प्रभारी को सौंप दिया है।
बता दें कि पीसीएफ के गोदाम प्रभारी शिव प्रताप उर्फ एसपी की सड़ी-गली लाश छह जुलाई को कच्चा कटरा मोड़ स्थित पीसीएफ के बंद पड़े पुराने दफ्तर में कुंडे से लटकी मिली थी। दो दिन से लापता शिव प्रताप की तलाश करते हुए उसका भाई वीरेंद्र प्रताप पुराने दफ्तर पहुंचा था। मौके से मिले सुसाइड नोट में गोदाम के खाद स्टॉक में गड़बड़ी के लिए तत्कालीन जिला प्रबंधक प्रभंजन यादव, जिला कृषि अधिकारी अखिलानंद पांडेय, ठेकेदार रवीश आदि कई लोगों को जिम्मेदार ठहरराया गया था।
इसी सुसाइड नोट के आधार पर वीरेंद्र प्रताप ने इन सभी के खिलाफ शहर कोतवाली में भाई की हत्या कर उसे मारकर लटका देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के बाद पुलिस ने गोदाम सील कर दिया। इस बीच, गिरफ्तारी से बचने के लिए डीएस प्रभंजन समेत अन्य आरोपी भूमिगत हो गए। जिससे दफ्तर में कई दिन ताला पड़ा रहा। आफिस की तालाबंदी पीसीएफ के प्रबंध निदेशक अरविंद सिंह के संज्ञान मेें लाए जाने पर उन्होंने बरेली में तैनात डीएस विपिन यादव को यहां का अतिरिक्त प्रभार लेने के आदेश पारित किए।
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एमडी के आदेश पर विपिन यादव द्वारा यहां का अतिरिक्त कार्यभार लिए जाने के साथ ही पीसीएफ के रीजनल मैनेजर गुप्ता ने यहां आकर सील गोदाम खुलवाकर उसमें रखे खाद के स्टॉक का सत्यापन किया। उन्होंने इस गोदाम का चार्ज मिश्रीपुर स्थित दूसरे गोदाम केे प्रभारी अरुण कुमार को सौंपा है। इस फेरबदल के बाद से पीसीएफ दफ्तर का दैनिक कामकाज पटरी पर आ गया है।
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बता दें कि पीसीएफ के गोदाम प्रभारी शिव प्रताप उर्फ एसपी की सड़ी-गली लाश छह जुलाई को कच्चा कटरा मोड़ स्थित पीसीएफ के बंद पड़े पुराने दफ्तर में कुंडे से लटकी मिली थी। दो दिन से लापता शिव प्रताप की तलाश करते हुए उसका भाई वीरेंद्र प्रताप पुराने दफ्तर पहुंचा था। मौके से मिले सुसाइड नोट में गोदाम के खाद स्टॉक में गड़बड़ी के लिए तत्कालीन जिला प्रबंधक प्रभंजन यादव, जिला कृषि अधिकारी अखिलानंद पांडेय, ठेकेदार रवीश आदि कई लोगों को जिम्मेदार ठहरराया गया था।
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इसी सुसाइड नोट के आधार पर वीरेंद्र प्रताप ने इन सभी के खिलाफ शहर कोतवाली में भाई की हत्या कर उसे मारकर लटका देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के बाद पुलिस ने गोदाम सील कर दिया। इस बीच, गिरफ्तारी से बचने के लिए डीएस प्रभंजन समेत अन्य आरोपी भूमिगत हो गए। जिससे दफ्तर में कई दिन ताला पड़ा रहा। आफिस की तालाबंदी पीसीएफ के प्रबंध निदेशक अरविंद सिंह के संज्ञान मेें लाए जाने पर उन्होंने बरेली में तैनात डीएस विपिन यादव को यहां का अतिरिक्त प्रभार लेने के आदेश पारित किए।
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एमडी के आदेश पर विपिन यादव द्वारा यहां का अतिरिक्त कार्यभार लिए जाने के साथ ही पीसीएफ के रीजनल मैनेजर गुप्ता ने यहां आकर सील गोदाम खुलवाकर उसमें रखे खाद के स्टॉक का सत्यापन किया। उन्होंने इस गोदाम का चार्ज मिश्रीपुर स्थित दूसरे गोदाम केे प्रभारी अरुण कुमार को सौंपा है। इस फेरबदल के बाद से पीसीएफ दफ्तर का दैनिक कामकाज पटरी पर आ गया है।