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Shahjahanpur News: छह नालों पर जाल लगाकर नदियों में गिरने से रोकी जाएगी गंदगी
Sun, 01 Dec 2024 12:53 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 01 Dec 2024 12:53 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। गर्रा और खन्नौत नदी में जा रही नालों की गंदगी को रोकने के लिए जिम्मेदार अब चेते हैं। नदियों में खुले छह नालों पर अब जाल लगाया जाएगा, ताकि गंगा को स्वच्छ रखा जा सके।
नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार मिश्र ने बताया कि शहर में कुल 17 बड़े नाले हैं। इनमें छह नाले सीधे गर्रा व खन्नौत नदी में गिरते हैं। अमर उजाला ने 29 नवंबर को खबर प्रकाशित कर अफसरों का ध्यान आकृष्ट कराया था। गर्रा में गिरने वाले महमुरिया-जलालनगर नाला और छोटा ककरा नाला पर जाल लगवाया जाएगा। खन्नौत नदी में गिरने वाली गंदगी को रोकने के लिए फत्तेहपुर रेती नाला, लोधीपुर नाला, रोशनगंज नाला तथा बंकाघाट में जाल लगाए जाएंगे।
मात्र आठ एमएलडी का हो रहा शोधन
- नदियों को दूषित होने से बचाने के लिए मघई टोला में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। इसकी क्षमता 40 एमएलडी बताई जाती है। अधिकारियों का दावा है कि आठ एमएलडी सीवर का शोधन शुरू भी कर दिया गया है। शोधन के बाद सीवर के पानी को नदी में छोड़ा जाता है, इसके साथ ही बागवानी आदि के लिए भी उसका उपयोग किया जा रहा है।
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2023 तक पूरा होना था सीवर लाइन बिछाने का कार्य
377 करोड़ से अधिक का बजट सीवर लाइन बिछाने और एसटीपी प्लांट लगाने के लिए मंजूर हुआ था। इससे शहर में 186 किमी सीवर लाइन बिछाई जानी है। इसका काम जून 2021 में शुरू हो गया था और 31 मई 2023 तक होना था, लेकिन यह अब तक जारी है। एसटीपी भी पूरी क्षमता के साथ चालू नहीं हो पाया है। सीवर लाइन के माध्यम से एसटीपी में गंदा पानी पहुंचने का दावा किया जा रहा है। जब सीवर लाइन का काम पूरा हो जाएगा तो सारा पानी शोधित कर नदियों में बहाया जाएगा।
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शाहजहांपुर। गर्रा और खन्नौत नदी में जा रही नालों की गंदगी को रोकने के लिए जिम्मेदार अब चेते हैं। नदियों में खुले छह नालों पर अब जाल लगाया जाएगा, ताकि गंगा को स्वच्छ रखा जा सके।
नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार मिश्र ने बताया कि शहर में कुल 17 बड़े नाले हैं। इनमें छह नाले सीधे गर्रा व खन्नौत नदी में गिरते हैं। अमर उजाला ने 29 नवंबर को खबर प्रकाशित कर अफसरों का ध्यान आकृष्ट कराया था। गर्रा में गिरने वाले महमुरिया-जलालनगर नाला और छोटा ककरा नाला पर जाल लगवाया जाएगा। खन्नौत नदी में गिरने वाली गंदगी को रोकने के लिए फत्तेहपुर रेती नाला, लोधीपुर नाला, रोशनगंज नाला तथा बंकाघाट में जाल लगाए जाएंगे।
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मात्र आठ एमएलडी का हो रहा शोधन
- नदियों को दूषित होने से बचाने के लिए मघई टोला में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। इसकी क्षमता 40 एमएलडी बताई जाती है। अधिकारियों का दावा है कि आठ एमएलडी सीवर का शोधन शुरू भी कर दिया गया है। शोधन के बाद सीवर के पानी को नदी में छोड़ा जाता है, इसके साथ ही बागवानी आदि के लिए भी उसका उपयोग किया जा रहा है।
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2023 तक पूरा होना था सीवर लाइन बिछाने का कार्य
377 करोड़ से अधिक का बजट सीवर लाइन बिछाने और एसटीपी प्लांट लगाने के लिए मंजूर हुआ था। इससे शहर में 186 किमी सीवर लाइन बिछाई जानी है। इसका काम जून 2021 में शुरू हो गया था और 31 मई 2023 तक होना था, लेकिन यह अब तक जारी है। एसटीपी भी पूरी क्षमता के साथ चालू नहीं हो पाया है। सीवर लाइन के माध्यम से एसटीपी में गंदा पानी पहुंचने का दावा किया जा रहा है। जब सीवर लाइन का काम पूरा हो जाएगा तो सारा पानी शोधित कर नदियों में बहाया जाएगा।