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Shahjahanpur News: बगैर ट्रैफिक प्लान बनाए खोदाई, जनता झेल रही दुश्वारी
Fri, 09 Jun 2023 12:46 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 09 Jun 2023 12:46 AM IST
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शाहजहांपुर। सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदाई से नगर का ट्रैफिक प्लान ध्वस्त हो गया है। नगर निगम और यातायात पुलिस के बीच समन्वय न होने से लोगों को हर दिन जाम से जूझना पड़ रहा है। ट्रैफिक प्लान के क्रियान्वयन के लिए पुलिस खोदाई खत्म होने का इंतजार कर रही है। इधर, ई-रिक्शों का रूट तय न होने से जाम की समस्या और विकराल हो गई है।
सीवर लाइन की खोदाई से सड़कों की दुर्दशा हो गई है। जेल रोड, पुराना जिला अस्पताल रोड, देवी प्रसाद कॉलेज रोड, चारखंभा से केरूगंज जाने वाली रोड समेत कई स्थानों पर सड़कें खोदी गई हैं। इससे लोगों को जाम से जूझना पड़ रहा है। दूसरी ओर खोदाई के चलते पूरा ट्रैफिक प्लान ही चौपट हो गया है।
नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने जल निगम को कई बार यातायात पुलिस से समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए, लेकिन इन्हें हवा में उड़ा दिया गया। खोदाई के लिए रोड बंद करने से पहले यातायात पुलिस को कोई सूचना नहीं दी जाती है। लिहाजा रूट डायवर्ट नहीं हो पाता है। ऐसे में लोगों को जाम से जूझना पड़ता है। यातायात प्रभारी चंद्रकिरण राव का कहना है कि अगर खोदाई से पहले बता दिया जाए तो संबंधित सड़क से यातायात डायवर्ट किया जा सकता है।
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ई-रिक्शों के रूट निर्धारण का काम भी अटका
- शहर में करीब नौ हजार ई-रिक्शों का संचालन हो रहा है, लेकिन इनमें से पचास फीसदी का ही पंजीकरण है। दिसंबर में डीएम उमेश प्रताप सिंह ने जाम से निजात के लिए ई-रिक्शों का रूट तय करने के निर्देश दिए थे, लेकिन सड़कों की खोदाई के चलते रूट निर्धारण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। अधिकारियों का कहना है कि सड़कें सही होने के बाद ही ई-रिक्शों का रूट तय किया जाएगा। इधर, यातायात पुलिस पांच महीने से ई-रिक्शा स्टैंड के लिए जमीन तलाश रही है, लेकिन अब तक नहीं मिल सकी है।
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पांच किलोमीटर का रूट रखने की तैयारी
- रूट निर्धारण के लिए अधिकारियों ने मंथन कर लिया है। अफसरों का मानना है कि रूट निर्धारण के चलते किसी ई-रिक्शा चालक का अहित नहीं होगा। यातायात प्रभारी चंद्रकिरण राव के अनुसार, एक ई-रिक्शा के लिए पांच किलोमीटर दूरी का रूट तय किया जाएगा। इसी तरह चालक जिस क्षेत्र का रहने वाला होगा, उसी ओर उसका रूट तय किया जाएगा। ऐसी व्यवस्था बनाने का प्रयास रहेगा कि सभी ई-रिक्शा को सवारी आसानी से उपलब्ध हो सकें।
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ये होना चाहिए
-सीवर लाइन की खोदाई के समय वैकल्पिक मार्ग का ध्यान रखना चाहिए। कई बार मुख्य और वैकल्पिक मार्ग पर एक साथ खोदाई शुरू कर दी जाती है। इससे हालात बिगड़ जाते हैं।
-मुख्य सड़क को खोदाई के लिए बंद करते समय इसका विभिन्न माध्यम से प्रचार करने के अलावा सड़क की शुरुआत और अंत में संकेतक लगाने चाहिए।
- खोदे गए गड्ढे के पास यातायात संचालन के लिए होमगार्ड और ट्रैफिक सिपाही लगाए जाने चाहिए।
- धूल-मिट्टी से बचाव के लिए नगर निगम को पानी का छिड़काव कराना चाहिए।
-खोदाई के बाद सड़कों को पुरानी स्थिति में लाने का काम तेजी से करना चाहिए।
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वर्जन
-ई-रिक्शों के रूट को चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है। रिक्शा-स्टैंड के लिए जमीन को तलाश किया जा रहा है। जल्द ही ई-रिक्शों का रूट तय कर लिया जाएगा। सीवर लाइन की खोदाई से जाम न लगे, इसके लिए नगर निगम से समन्वय किया जाएगा।
जगदीश लाल टम्टा, सीओ ट्रैफिक
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सीवर लाइन की खोदाई से सड़कों की दुर्दशा हो गई है। जेल रोड, पुराना जिला अस्पताल रोड, देवी प्रसाद कॉलेज रोड, चारखंभा से केरूगंज जाने वाली रोड समेत कई स्थानों पर सड़कें खोदी गई हैं। इससे लोगों को जाम से जूझना पड़ रहा है। दूसरी ओर खोदाई के चलते पूरा ट्रैफिक प्लान ही चौपट हो गया है।
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नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने जल निगम को कई बार यातायात पुलिस से समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए, लेकिन इन्हें हवा में उड़ा दिया गया। खोदाई के लिए रोड बंद करने से पहले यातायात पुलिस को कोई सूचना नहीं दी जाती है। लिहाजा रूट डायवर्ट नहीं हो पाता है। ऐसे में लोगों को जाम से जूझना पड़ता है। यातायात प्रभारी चंद्रकिरण राव का कहना है कि अगर खोदाई से पहले बता दिया जाए तो संबंधित सड़क से यातायात डायवर्ट किया जा सकता है।
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ई-रिक्शों के रूट निर्धारण का काम भी अटका
- शहर में करीब नौ हजार ई-रिक्शों का संचालन हो रहा है, लेकिन इनमें से पचास फीसदी का ही पंजीकरण है। दिसंबर में डीएम उमेश प्रताप सिंह ने जाम से निजात के लिए ई-रिक्शों का रूट तय करने के निर्देश दिए थे, लेकिन सड़कों की खोदाई के चलते रूट निर्धारण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। अधिकारियों का कहना है कि सड़कें सही होने के बाद ही ई-रिक्शों का रूट तय किया जाएगा। इधर, यातायात पुलिस पांच महीने से ई-रिक्शा स्टैंड के लिए जमीन तलाश रही है, लेकिन अब तक नहीं मिल सकी है।
पांच किलोमीटर का रूट रखने की तैयारी
- रूट निर्धारण के लिए अधिकारियों ने मंथन कर लिया है। अफसरों का मानना है कि रूट निर्धारण के चलते किसी ई-रिक्शा चालक का अहित नहीं होगा। यातायात प्रभारी चंद्रकिरण राव के अनुसार, एक ई-रिक्शा के लिए पांच किलोमीटर दूरी का रूट तय किया जाएगा। इसी तरह चालक जिस क्षेत्र का रहने वाला होगा, उसी ओर उसका रूट तय किया जाएगा। ऐसी व्यवस्था बनाने का प्रयास रहेगा कि सभी ई-रिक्शा को सवारी आसानी से उपलब्ध हो सकें।
ये होना चाहिए
-सीवर लाइन की खोदाई के समय वैकल्पिक मार्ग का ध्यान रखना चाहिए। कई बार मुख्य और वैकल्पिक मार्ग पर एक साथ खोदाई शुरू कर दी जाती है। इससे हालात बिगड़ जाते हैं।
-मुख्य सड़क को खोदाई के लिए बंद करते समय इसका विभिन्न माध्यम से प्रचार करने के अलावा सड़क की शुरुआत और अंत में संकेतक लगाने चाहिए।
- खोदे गए गड्ढे के पास यातायात संचालन के लिए होमगार्ड और ट्रैफिक सिपाही लगाए जाने चाहिए।
- धूल-मिट्टी से बचाव के लिए नगर निगम को पानी का छिड़काव कराना चाहिए।
-खोदाई के बाद सड़कों को पुरानी स्थिति में लाने का काम तेजी से करना चाहिए।
वर्जन
-ई-रिक्शों के रूट को चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है। रिक्शा-स्टैंड के लिए जमीन को तलाश किया जा रहा है। जल्द ही ई-रिक्शों का रूट तय कर लिया जाएगा। सीवर लाइन की खोदाई से जाम न लगे, इसके लिए नगर निगम से समन्वय किया जाएगा।
जगदीश लाल टम्टा, सीओ ट्रैफिक