शाहजहांपुर। कृभको नगर स्थित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथावाचक ने कृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाया। इस बीच कृष्णजन्म की लीला का मंचन भी किया गया। भजनों पर श्रद्धालु थिरक उठे।
कथावाचक गोपालाचार्य महाराज ने बताया कि भगवान कृष्ण का जन्म मथुरा में कंस के कारागार में हुआ था। वासुदेव उन्हें गोकुल में नंद के घर ले गए। कृष्ण जन्म के समय कारागार के पहरेदार सो गए थे। श्रीकृष्ण का जन्म होते ही सभी बंधन टूट गए। कथावाचक ने गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, नंद महोत्सव आदि के प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
इस बीच मैकेनिकल इंजीनियर अनिल यादव अपने बेटे को श्रीकृष्ण के वेश में टोकरी में लेकर पहुंचे। सभी ने जयकारे लगाएं। इससे पहले कथा के शुभारंभ पर यजमान तिरुनाथ व उनकी पत्नी ने पूजन किया। इस मौके यूनिट हेड विजय बांगर, उनकी पत्नी सुदेश बांगर, हितेश कुलश्रेष्ठ, जेपी श्रीवास्तव, आनंद पाठक, जितेंद्र यादव, रणधीर ठाकुर आदि मौजूद रहे।