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घना कोहरा छाने से जनजीवन प्रभावित, ठिठुरन के साथ बढ़ी सर्दी
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शाहजहांपुर। बुधवार रात से कोहरा छाने के साथ बृहस्पतिवार सुबह इतना घना हो गया कि जनजीवन पूरी तरह ठहर गया और वातावरण में ठिठुरन के साथ सर्दी बढ़ गई। कोहरे के कारण सुबह विजुअलिटी (दृश्यता) भी घटकर 50 मीटर रह गई। इसके साथ ही पुरवा हवा ने शीतलहर का प्रभाव पैदा किया तो न्यूनतम तापमान तीन डिग्री घटकर 7.5 डिग्री सेल्सियस हो गया। यही नहीं, दिन भर कोहरा और धुंध छाई रहने से धूप की तेजी में कमी आई तो अधिकतम तापमान भी एक डिग्री घटकर 17.5 डिग्री सेल्सियस हो गया। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अब हवा चलने के साथ कोहरा और ठंड का प्रकोप बढ़ेगा।
गत सात जनवरी से बूंदाबांदी और बारिश का शुरू हुआ दौर तीन दिन पहले थम चुका है। मंगलवार को धूप निकलने के साथ थर्मामीटर का पारा उछलने से मौसम सामानय होता प्रतीत होने लगा। बीते दिन सुबह कुछ देर कोहरा छाए रहने के बाद धूप निकल आई, लेकिन बीती शाम वायुदाब बढ़ने से बैरोमीटर सूचकांक 13 अंक उछला तो पछुआ हवा दिशा बदलकर पूरब से बहने लगी। इसी के साथ धूप से आर्द्रता में आई कमी कोहरा बनकर छाने लगी। रात दस बजे तक कोहरा की धुंध हल्की रही, लेकिन रात गहराने के साथ कोहरा भी बढ़ने लगा। सुबह तक कोहरा इतना घना हो गया कि बाहर निकलने लोगों को पड़ोसी का घर दिखना भी कठिन हो गया।
सूर्योदय के घंटों बाद तक कोहरा की घनी चादर छाई रहने से दृश्यता सामान्य स्तर से करीब 50 प्रतिशत घट गई। इस वजह से लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग समेत जिले से होकर गुजरे अन्य राजमार्गों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। वाहन चालक दिन में भी हेडलाइट और फॉगलाइट जलाकर बहुत धीमी गति से चले। वाहनों की रफ्तार घटने से सड़कों पर कई बार जाम लगने की नौबत आ गई। दोपहर बाद तक कोहरा का असर बना रहने से आम से लेकर खास तक सभी तबके के लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ा। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार कोहरा के कारण वातावरण मेें आर्द्रता बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को पुरवाई और कोहरा का मेलजोल सर्दी बढ़ा देगा।
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गत सात जनवरी से बूंदाबांदी और बारिश का शुरू हुआ दौर तीन दिन पहले थम चुका है। मंगलवार को धूप निकलने के साथ थर्मामीटर का पारा उछलने से मौसम सामानय होता प्रतीत होने लगा। बीते दिन सुबह कुछ देर कोहरा छाए रहने के बाद धूप निकल आई, लेकिन बीती शाम वायुदाब बढ़ने से बैरोमीटर सूचकांक 13 अंक उछला तो पछुआ हवा दिशा बदलकर पूरब से बहने लगी। इसी के साथ धूप से आर्द्रता में आई कमी कोहरा बनकर छाने लगी। रात दस बजे तक कोहरा की धुंध हल्की रही, लेकिन रात गहराने के साथ कोहरा भी बढ़ने लगा। सुबह तक कोहरा इतना घना हो गया कि बाहर निकलने लोगों को पड़ोसी का घर दिखना भी कठिन हो गया।
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सूर्योदय के घंटों बाद तक कोहरा की घनी चादर छाई रहने से दृश्यता सामान्य स्तर से करीब 50 प्रतिशत घट गई। इस वजह से लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग समेत जिले से होकर गुजरे अन्य राजमार्गों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। वाहन चालक दिन में भी हेडलाइट और फॉगलाइट जलाकर बहुत धीमी गति से चले। वाहनों की रफ्तार घटने से सड़कों पर कई बार जाम लगने की नौबत आ गई। दोपहर बाद तक कोहरा का असर बना रहने से आम से लेकर खास तक सभी तबके के लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ा। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार कोहरा के कारण वातावरण मेें आर्द्रता बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को पुरवाई और कोहरा का मेलजोल सर्दी बढ़ा देगा।
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