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डेंगू के 17 नए मरीज और मिले, कुल पीड़ितों की संख्या 857 हुई
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जैतीपुर सीएचसी पर जांच करते डाक्टर
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। बारिश के बाद मच्छरजनित बीमारियां और वायरल के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं। अब तक जिले में डेंगू के 874 मरीज मिल चुके हैं, जबकि मलेरिया के मरीजों का आंकड़ा 400 पहुंच गया है। हर दूसरे घर में बुखार के रोगी मिल रहे हैं। नगर निकाय द्वारा फॉगिंग कराने का दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है। सोमवार को डेंगू के 17 नए मरीज मिले हैं।
डेंगू और मलेरिया के रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। सोमवार को बुखार के 32 मरीजों के रक्त के नमूने डेंगू की जांच को लिए गए। इनमें से 17 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। इन मरीजों का इलाज किया जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू की जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसकी वजह से लोगों को राजकीय मेडिकल कॉलेज आकर जांच करानी पड़ती है। वहीं बड़ों के साथ ही सबसे ज्यादा बच्चे बुखार की चपेट में आ रहे हैं।
सोमवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए सबसे ज्यादा भीड़ नजर आई। अधिकतर बच्चे वायरल की चपेट में थे। बुखार के रोगियों की संख्या इतनी बढ़ी कि राजकीय मेडिकल कॉलेज के 400 बेड भी नाकाफी साबित हुए। 60 अतिरिक्त बेड डालकर मरीज भर्ती किए गए। वहीं ट्रॉमा सेंटर पर भी 30 से 40 प्रतिशत बुखार के रोगी पहुंच रहे हैं। जिले में अब तक 14 लोगों की मृत्यु डेंगू से हो चुकी है। इनमें से अधिकतर लोगों का इलाज जिले के बाहर चल रहा था।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में दूसरे जिलों से आकर भी लोग जांच करा रहे हैं। इनमें डेंगू या मलेरिया निकलने पर जरूरत पड़ने पर भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में सभी तरह की जांच और दवाइयां उपलब्ध हैं। मरीजों का बेहतर इलाज करने का प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
डेंगू-मलेरिया के लक्षण
- तेज बुखार आता है।
- जोड़ों एवं शरीर में दर्द होता है।
- सर्दी लगती है।
- आंखें लाल हो जाती हैं।
- शरीर में चकत्ते पड़ जाते हैं।
बचाव
- घर के आसपास सफाई व्यवस्था रखें।
- कूलर का पानी नियमित बदलते रहें।
- घर की खिड़कियों में जाली लगवाएं।
- मच्छरदानी लगाकर सोएं।
(जैसा कि राजकीय मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया)
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डेंगू और मलेरिया के रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। सोमवार को बुखार के 32 मरीजों के रक्त के नमूने डेंगू की जांच को लिए गए। इनमें से 17 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। इन मरीजों का इलाज किया जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू की जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसकी वजह से लोगों को राजकीय मेडिकल कॉलेज आकर जांच करानी पड़ती है। वहीं बड़ों के साथ ही सबसे ज्यादा बच्चे बुखार की चपेट में आ रहे हैं।
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सोमवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए सबसे ज्यादा भीड़ नजर आई। अधिकतर बच्चे वायरल की चपेट में थे। बुखार के रोगियों की संख्या इतनी बढ़ी कि राजकीय मेडिकल कॉलेज के 400 बेड भी नाकाफी साबित हुए। 60 अतिरिक्त बेड डालकर मरीज भर्ती किए गए। वहीं ट्रॉमा सेंटर पर भी 30 से 40 प्रतिशत बुखार के रोगी पहुंच रहे हैं। जिले में अब तक 14 लोगों की मृत्यु डेंगू से हो चुकी है। इनमें से अधिकतर लोगों का इलाज जिले के बाहर चल रहा था।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में दूसरे जिलों से आकर भी लोग जांच करा रहे हैं। इनमें डेंगू या मलेरिया निकलने पर जरूरत पड़ने पर भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में सभी तरह की जांच और दवाइयां उपलब्ध हैं। मरीजों का बेहतर इलाज करने का प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
डेंगू-मलेरिया के लक्षण
- तेज बुखार आता है।
- जोड़ों एवं शरीर में दर्द होता है।
- सर्दी लगती है।
- आंखें लाल हो जाती हैं।
- शरीर में चकत्ते पड़ जाते हैं।
बचाव
- घर के आसपास सफाई व्यवस्था रखें।
- कूलर का पानी नियमित बदलते रहें।
- घर की खिड़कियों में जाली लगवाएं।
- मच्छरदानी लगाकर सोएं।
(जैसा कि राजकीय मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया)