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कोलाघाट पुल चालू नहीं होने के विरोध में किया प्रदर्शन
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शाहजहांपुर। कोलाघाट के क्षतिग्रस्त पुल का निर्माण पूरा होने के बावजूद आवागमन की अनुमति नही दिए जाने के विरोध में एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर कहा है कि राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए एक हिस्सा तत्काल खोल जाए।
29 नवंबर को कोलाघाट पुल का एक पिलर जमींदोज होने से पुल टूटकर तीन हिस्सों में बंट गया था। तभी से मिर्जापुर और कलान क्षेत्र के करीब दो सौ गांवों के लोगों को जलालाबाद और जिला मुख्यालय तक आने-जाने में कठिनाई हो रही है। जनवरी में प्रधानमंत्री की जनसभा से पहले कोलाघाट में पैंटून पुल बनाया गया लेकिन भारी वाहनों के बोझ से पुराने स्लीपर क्षतिग्रस्त हो गए। बाद में नए सिरे से पैंटून पुल बना और इसी के साथ सेतु निगम ने पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का निर्माण कार्य शुरू कर दिया।
अब पुल निर्मित हो चुका है लेकिन लोक निर्माण विभाग के मंत्री जितिन प्रसाद के निर्देश पर उसके सभी पिलर की तकनीकी जांच का काम शेष होने के कारण पुल पर यातायात शुरू नहीं हुआ है। क्षेत्र के लोगों को जोखिम लेकर नाव से रामगंगा पार करनी पड़ती है। ज्ञापन में कहा गया है कि नाविकों की सेतु निगम के कर्मचारियों से साठगांठ होने से पुल पर यातायात चालू नहीं किया जा रहा है। पुल की तकनीकी जांच होने तक पैदल और दुपहिया वाहनों को निकलने की अनुमति दी जाए। इस मौके पर बीएन सिंह यादव, अखिलेश श्रीवास्तव, गौरव शुक्ला, उपेश वर्मा, नीरज शर्मा आदि मौजूद रहे।
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29 नवंबर को कोलाघाट पुल का एक पिलर जमींदोज होने से पुल टूटकर तीन हिस्सों में बंट गया था। तभी से मिर्जापुर और कलान क्षेत्र के करीब दो सौ गांवों के लोगों को जलालाबाद और जिला मुख्यालय तक आने-जाने में कठिनाई हो रही है। जनवरी में प्रधानमंत्री की जनसभा से पहले कोलाघाट में पैंटून पुल बनाया गया लेकिन भारी वाहनों के बोझ से पुराने स्लीपर क्षतिग्रस्त हो गए। बाद में नए सिरे से पैंटून पुल बना और इसी के साथ सेतु निगम ने पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का निर्माण कार्य शुरू कर दिया।
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अब पुल निर्मित हो चुका है लेकिन लोक निर्माण विभाग के मंत्री जितिन प्रसाद के निर्देश पर उसके सभी पिलर की तकनीकी जांच का काम शेष होने के कारण पुल पर यातायात शुरू नहीं हुआ है। क्षेत्र के लोगों को जोखिम लेकर नाव से रामगंगा पार करनी पड़ती है। ज्ञापन में कहा गया है कि नाविकों की सेतु निगम के कर्मचारियों से साठगांठ होने से पुल पर यातायात चालू नहीं किया जा रहा है। पुल की तकनीकी जांच होने तक पैदल और दुपहिया वाहनों को निकलने की अनुमति दी जाए। इस मौके पर बीएन सिंह यादव, अखिलेश श्रीवास्तव, गौरव शुक्ला, उपेश वर्मा, नीरज शर्मा आदि मौजूद रहे।
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