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Shahjahanpur News: नगर निगम कार्यालय के निर्माण में देरी... एजेंसी पर लगा 33.25 लाख का जुर्माना
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टाउनहॉल स्थित नगर निगम कार्यालय परिसर में खड़े वाहन। संवाद
- फोटो : नानपारा में बंद पड़ी गैस एजेंसी।
शाहजहांपुर। न्यू ककरा सिटी स्थित नगर निगम कार्यालय के निर्माण में देरी होने पर निर्माण एजेंसी पर 33.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इससे पहले 66:50 लाख रुपये जुर्माना लगाया जा चुका है। एजेंसी पर अब तक 99.75 लाख का जुर्माना लगाने के साथ ही निर्माण की समय सीमा एक जून तक बढ़ा दी गई है। पहले 31 मार्च तक निर्माण कार्य पूरा होना था।
वर्ष 2021 में नगर निगम के नए कार्यालय भवन का निर्माण सीएंडडीएस की देखरेख में मैसर्स स्काईलाइन इंफ्रावर्ड प्राइवेट लिमिटेड ने शुरू किया था। इसकी लागत 43 करोड़ 39 लाख 57 हजार रुपये निर्धारित की गई थी। इसका शत-प्रतिशत निर्माण 28 फरवरी 2023 तक हो जाना चाहिए था।
काम पूरा नहीं होने की स्थिति में एजेंसी को अप्रैल 2024 तक काम पूरा करने का समय दिया गया था। इसके बाद फिर जून 2024 तक निर्माण पूर्ण करने के लिए कहा गया। एक बार फिर समय सीमा 31 दिसंबर तक बढ़ाई गई। इसके बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो पाया था। निर्माण कार्य की गति धीमी होने पर वित्तमंत्री ने निर्माण एजेंसी पर जुर्माना लगाने के लिए कहा था।
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इस पर नगर निगम की ओर से एजेंसी पर 66.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। 31 मार्च तक कार्य पूरा करने का समय दिया गया था। फिर भी काम पूरा नहीं होने पर शासन की ओर से निर्माण एजेंसी पर 33.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अब काम पूरा करने की समय सीमा एक जून 2026 तक बढ़ा दी गई है। इस समय निगम कार्यालय के दो फ्लोर पर फिनिशिंग का काम चल रहा है, जबकि दो का काम अभी बकाया है।
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पुराने नगर निगम कार्यालय में पार्किंग तक नहीं
पुराना नगर निगम कार्यालय काफी छोटा है। इसमें अधिकारियों और कर्मचारियों के कमरे छोटे-छोटे बने हैं। निगम परिसर में वाहन पार्किंग स्थल के लिए जगह नहीं है। पूरे परिसर में अधिकारियों के चार पहिया वाहन से लेकर कर्मचारियों के वाहन खड़े होते हैं। आने वाले फरियादियों को वाहन खड़ा करने में काफी दिक्कत होती है। फरियादी से लेकर कर्मचारी तक नगर निगम के बाहर सड़क किनारे वाहन खड़ा करते हैं। इसकी वजह से जाम की समस्या बनी रहती है।
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नगर निगम कार्यालय बनाने में लगातार देरी करने पर डीएम के निर्देश पर शासन से पत्राचार किया गया। शासन ने नगर निगम पर 33.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एजेंसी को एक जून तक का समय निर्माण कार्य पूरा करने के लिए दिया गया है।
- रघुवंशराम, परियोजना प्रबंधक, सीएंडडीएस
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वर्ष 2021 में नगर निगम के नए कार्यालय भवन का निर्माण सीएंडडीएस की देखरेख में मैसर्स स्काईलाइन इंफ्रावर्ड प्राइवेट लिमिटेड ने शुरू किया था। इसकी लागत 43 करोड़ 39 लाख 57 हजार रुपये निर्धारित की गई थी। इसका शत-प्रतिशत निर्माण 28 फरवरी 2023 तक हो जाना चाहिए था।
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काम पूरा नहीं होने की स्थिति में एजेंसी को अप्रैल 2024 तक काम पूरा करने का समय दिया गया था। इसके बाद फिर जून 2024 तक निर्माण पूर्ण करने के लिए कहा गया। एक बार फिर समय सीमा 31 दिसंबर तक बढ़ाई गई। इसके बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो पाया था। निर्माण कार्य की गति धीमी होने पर वित्तमंत्री ने निर्माण एजेंसी पर जुर्माना लगाने के लिए कहा था।
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इस पर नगर निगम की ओर से एजेंसी पर 66.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। 31 मार्च तक कार्य पूरा करने का समय दिया गया था। फिर भी काम पूरा नहीं होने पर शासन की ओर से निर्माण एजेंसी पर 33.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अब काम पूरा करने की समय सीमा एक जून 2026 तक बढ़ा दी गई है। इस समय निगम कार्यालय के दो फ्लोर पर फिनिशिंग का काम चल रहा है, जबकि दो का काम अभी बकाया है।
पुराने नगर निगम कार्यालय में पार्किंग तक नहीं
पुराना नगर निगम कार्यालय काफी छोटा है। इसमें अधिकारियों और कर्मचारियों के कमरे छोटे-छोटे बने हैं। निगम परिसर में वाहन पार्किंग स्थल के लिए जगह नहीं है। पूरे परिसर में अधिकारियों के चार पहिया वाहन से लेकर कर्मचारियों के वाहन खड़े होते हैं। आने वाले फरियादियों को वाहन खड़ा करने में काफी दिक्कत होती है। फरियादी से लेकर कर्मचारी तक नगर निगम के बाहर सड़क किनारे वाहन खड़ा करते हैं। इसकी वजह से जाम की समस्या बनी रहती है।
नगर निगम कार्यालय बनाने में लगातार देरी करने पर डीएम के निर्देश पर शासन से पत्राचार किया गया। शासन ने नगर निगम पर 33.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एजेंसी को एक जून तक का समय निर्माण कार्य पूरा करने के लिए दिया गया है।
- रघुवंशराम, परियोजना प्रबंधक, सीएंडडीएस

टाउनहॉल स्थित नगर निगम कार्यालय परिसर में खड़े वाहन। संवाद- फोटो : नानपारा में बंद पड़ी गैस एजेंसी।