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दूर होगी खाद की किल्लत, सुदृढ़ होगा निगरानी तंत्र
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शाहजहांपुर। निजी क्षेत्र के थोक उर्वरक विक्रेताओं को वितरण के लिए डीएपी की नई खेप जल्द मिल जाएगी। तीन दिन पहले गुजरात से चली 2600 टन डीएपी की रेलवे रैक रविवार सुबह तक रोजा के रेलवे रैक प्वॉइंट पर पहुंच जाएगी। जिला कृषि अधिकारी के अनुसार नई रेलवे रैक से प्राप्त होने वाली डीएपी का वितरण कराने के लिए कृषि और सहकारिता विभाग के कर्मचारियों का संयुक्त निगरानी तंत्र बनाया है।
गत वर्ष इन्हीं दिनों शहर के एक थोक उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठान और पुवायां में गुुटैया स्थित इफको बिक्री केंद्र पर अधिकारियों ने छापा मारकर वहां से भारी मात्रा में नकली डीएपी बरामद की थी। शहर का थोक विक्रेता नकली डीएपी का सूत्रधार निकला। गत माह भारी वर्षा से रबी फसल की बुआई को खेत जल्दी तैयार हुए तो किसानों में डीएपी की मांग बढ़ गई।
खुले बाजार में डीएपी की कमी का असर सहकारी समितियों की वितरण व्यवस्था पर भी पड़ा। आपाधापी में किसानों ने जरूरत से ज्यादा खाद खरीदनी शुरू की तो डीएपी का संकट पैदा हो गया। कृषि विभाग ने चार दिन पहले प्राप्त 1200 टन डीएपी निजी क्षेत्र के 94 बिक्री केंद्रों पर भिजवाने के साथ अपने कर्मचारी भी बिठा दिए ताकि दुकानदार किसानों को उनके आधार कार्ड और जोत बही के आधार पर प्रति एकड़ एक बोरी के हिसाब से डीएपी उपलब्ध कराएं। बुधवार की शाम 3600 टन डीएपी की आवक होने पर उसे सहकारी समितियों को भिजवाया गया, इसके बाद हालात थोड़े सुधरते नजर आ रहे हैं।
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अधिकारियों का कहना है कि किसानों में डीएपी की मांग बढ़ी है, लेकिन इस उर्वरक की सरकारी, सहकारी और निजी बिक्री केंद्रों पर कोई कमी नहीं है। बताया कि 2600 टन डीएपी की नई रैक रविवार को यहां पहुंचते ही उसे भी निजी क्षेत्र के विक्रेताओं को उपलब्ध करा दिया जाएगा। डीएपी मिलने में कोई असुविधा होने पर किसान दुकानों पर बिठाए गए विभागीय कर्मचारियों से सहायता ले सकते हैं अथवा सीधे कंट्रोल रूम को टेलीफोन नंबर 8429400522 और 8429400585 पर शिकायत करें।
डीएपी की मांग बढ़ी, लेकिन किल्लत नहीं है, किसान थोड़ा संयम से काम लें और डीएपी की अनावश्यक खरीद नहीं करें। कृषि और सहकारिता विभाग के निगरानी तंत्र में शामिल कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वह सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक संबंधित प्रतिष्ठान पर मौजूद रहें और अधिक दर पर डीएपी बैग देने अथवा टैगिंग की शिकायत पर संबंधित किसान के बयान लेकर अवगत कराएं। नई रेलवे रैक की डीएपी निजी क्षेत्र के थोक प्रतिष्ठानों पर रविवार तक पहुंचने की उम्मीद है।
-डॉ. सतीश चंद्र पाठक, जिला कृषि अधिकारी
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गत वर्ष इन्हीं दिनों शहर के एक थोक उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठान और पुवायां में गुुटैया स्थित इफको बिक्री केंद्र पर अधिकारियों ने छापा मारकर वहां से भारी मात्रा में नकली डीएपी बरामद की थी। शहर का थोक विक्रेता नकली डीएपी का सूत्रधार निकला। गत माह भारी वर्षा से रबी फसल की बुआई को खेत जल्दी तैयार हुए तो किसानों में डीएपी की मांग बढ़ गई।
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खुले बाजार में डीएपी की कमी का असर सहकारी समितियों की वितरण व्यवस्था पर भी पड़ा। आपाधापी में किसानों ने जरूरत से ज्यादा खाद खरीदनी शुरू की तो डीएपी का संकट पैदा हो गया। कृषि विभाग ने चार दिन पहले प्राप्त 1200 टन डीएपी निजी क्षेत्र के 94 बिक्री केंद्रों पर भिजवाने के साथ अपने कर्मचारी भी बिठा दिए ताकि दुकानदार किसानों को उनके आधार कार्ड और जोत बही के आधार पर प्रति एकड़ एक बोरी के हिसाब से डीएपी उपलब्ध कराएं। बुधवार की शाम 3600 टन डीएपी की आवक होने पर उसे सहकारी समितियों को भिजवाया गया, इसके बाद हालात थोड़े सुधरते नजर आ रहे हैं।
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अधिकारियों का कहना है कि किसानों में डीएपी की मांग बढ़ी है, लेकिन इस उर्वरक की सरकारी, सहकारी और निजी बिक्री केंद्रों पर कोई कमी नहीं है। बताया कि 2600 टन डीएपी की नई रैक रविवार को यहां पहुंचते ही उसे भी निजी क्षेत्र के विक्रेताओं को उपलब्ध करा दिया जाएगा। डीएपी मिलने में कोई असुविधा होने पर किसान दुकानों पर बिठाए गए विभागीय कर्मचारियों से सहायता ले सकते हैं अथवा सीधे कंट्रोल रूम को टेलीफोन नंबर 8429400522 और 8429400585 पर शिकायत करें।
डीएपी की मांग बढ़ी, लेकिन किल्लत नहीं है, किसान थोड़ा संयम से काम लें और डीएपी की अनावश्यक खरीद नहीं करें। कृषि और सहकारिता विभाग के निगरानी तंत्र में शामिल कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वह सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक संबंधित प्रतिष्ठान पर मौजूद रहें और अधिक दर पर डीएपी बैग देने अथवा टैगिंग की शिकायत पर संबंधित किसान के बयान लेकर अवगत कराएं। नई रेलवे रैक की डीएपी निजी क्षेत्र के थोक प्रतिष्ठानों पर रविवार तक पहुंचने की उम्मीद है।
-डॉ. सतीश चंद्र पाठक, जिला कृषि अधिकारी