फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   dap fertiliger

समितियों पर डीएपी की किल्लत, दुकानों पर थमाया जा रहा बीज

Fri, 12 Nov 2021 12:54 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 12 Nov 2021 12:54 AM IST
विज्ञापन
dap fertiliger
रमेश कश्यप । - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। रबी सीजन की फसलों की बुआई का दौर शुरू होने के साथ ही गेहूं में डालने के लिए डीएपी की मांग बढ़ रही है। किसानों को एक बोरी खाद पाने के लिए सहकारी समितियों पर जद्दोजहद करनी पड़ रही है। खुले बाजार में थोक और फुटकर विक्रेता डीएपी के साथ गेहूं बीज और सूक्ष्म पोषक तत्व लेने को बाध्य कर रहे हैं।
विज्ञापन

इधर, कृषि और सहकारिता विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसान गेहूं और आलू की बुआई में जरूरत से ज्यादा डीएपी लगाने के साथ उसका भंडारण भी कर रहे हैं और इसीलिए जनपद के दूरस्थ ब्लॉकों के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में डीएपी का संकट हो रहा है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक के अनुसार इस माह से निजी क्षेत्र के थोक उर्वरक विक्रेताओं को भी डीएपी दी जाने लगी है, लेकिन किसान आवश्यकता से अधिक डीएपी खरीद रहे हैं, इससे व्यवस्था बिगड़ रही है।
विज्ञापन

उनका कहना है कि बीते वर्ष की तरह इस वर्ष भी शासन से मांग के अनुरूप जनपद को डीएपी मिल रही है, लेकिन ज्यादातर किसान फसलों में निर्धारित मात्रा से अधिक डीएपी लगाने के साथ उसका भंडारण भी कर रहे हैं। सहायक निबंधक (सहकारिता) डॉ. गणेश गुप्ता के अनुसार आलू की बुआई में डीएपी की खपत थोड़ी ज्यादा होती है, लेकिन दो एकड़ खेत वाले किसान भी 20 से 25 बोरी डीएपी मांग रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसी दशा में समितियों पर केवल सीमित किसानों को डीएपी मिल पाएगी। जनपद को प्राप्त हुई 3712 टन डीएपी सहकारिता विभाग के सभी 120 बिक्री केंद्रों पर पहुंचाई जा रही है। 42 केंद्रों पर दोपहर तक डीएपी पहुंचने की सूचना मिल चुकी है और शेष केंद्रों पर शुक्रवार सुबह तक डीएपी की नई खेप पहुंच जाएगी
अधिकारियों ने बिक्री केंद्रों का किया निरीक्षण
जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक ने तिलहर और मिर्जापुर क्षत्र के कई बिक्री केंद्रों का निरीक्षण किया और वहां तैनात विभागीय कर्मचारियों को शासन के नियमों के अनुसार डीएपी का वितरण कराने के निर्देश दिए। सहायक निबंधक सहकारिता डॉ. गणेश गुप्ता ने कांट, मदनापुर और ददरौल क्षेत्र में जमुनिया दौलतपुर, ढका उधरनपुर, लस्करपुर आदि गांवों में सहकारी समितियों का दौरा किया।
बताया कि कांट में दो ट्रक डीएपी पहुंच गई है और बंडा, खुटार, पुवायां आदि ब्लॉकों के बिक्री केंद्रों पर भी डीएपी की तेजी से आपूर्ति कराई जा रही है। एआर कोऑपरेटिव ने समितियों पर मौजूद किसानों को समझाया कि केवल जरूरत के अनुसार खाद लें ताकि सभी किसानों को डीएपी सुलभ हो सके।
डीएपी नहीं मिलने से गेहूं बुवाई रोके हुए हैं। क्षेत्र में कहीं खाद नहीं मिल रही है। धूप के कारण खेत से नमी निकली जा रही है। बुआई की नौबत आने पर सिंचाई का खर्च बढ़ जाएगा।
-दीपक मिश्रा, भिटारा
गढ़िया रंगीन क्षेत्र में कहीं खाद नहीं है। जहां मिल रही है, वहां दुकानदार 1500 रुपये से कम में नहीं दे रहे हैं। इससे बुआई लेट हो रही है। पहले बाढ़ ने और अब खाद बर्बाद कर रही है।
-निर्दोष कुमार, घसा कल्याणपुर
क्षेत्र में खाद की बहुत बड़ी किल्लत है। जिन दुकानदारों के पास डीएपी है वह गेहूं का बीज भी लेने की शर्त पर खाद दे रहे हैं। डीएपी 1500 रुपये बिक रही है।

-रमेश कश्यप, खमरिया
रबी की बुआई को खेत तैयार हैं, लेकिन क्षेत्र में कहीं खाद नहीं मिल रही है। खाद नहीं मिलने से खेत सूख रहे हैं। यही हाल रहा तो गेहूं की बुआई करने में बहुत देर हो जाएगी।
-माखन लाल, बझेड़ा भगवानपुर

माखन ।

माखन ।- फोटो : SHAHJAHANPUR

दीपक मिश्रा ।

दीपक मिश्रा ।- फोटो : SHAHJAHANPUR

निर्दोश सिंह ।

निर्दोश सिंह ।- फोटो : SHAHJAHANPUR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed