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ढाईघाट मेले में कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Tue, 15 Nov 2016 12:35 AM IST
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कार्तिक पूर्णिमा पर सोमवार का दिन गंगा मैया के नाम रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गर्रा और खन्नौत नदियों में भी स्नान कर पुण्य कमाया। पवित्र नदियों के तट पर मेले भी लगे। बच्चों ने झूलों और चाट-पकौड़ी का आनंद लिया, वहीं महिलाओं और पुरुषों ने आवश्यकतानुसार खरीदारी भी की। मेला क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। कार्तिक पूर्णिमा का सनातन धर्म में बहुत महत्व है। सुबह से ही महिलाओं ने तुलसी माता की विधि-विधान से पूजा अर्चना की और पोशाक पहनाकर शृंगार किया। खील-खिलौने, फल, मिष्ठान पुष्प आदि अर्पित कर आरती उतारी और माता तुलसी तथा भगवान सालिगराम से मनौती मांगी। इस दिन तुलसी जी का भगवान सालिगराम से विवाह भी कई स्थानों पर संपन्न कराया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा के घटियाघाट पहुंचकर श्रद्धा की डुबकी लगाई और पुण्य कमाया। घटियाघाट जाने के लिए आधीरात के बाद शहर में कई स्थानों से बसें चलीं। इसके अलावा तमाम श्रद्धालु अपने वाहनों से भी घटियाघाट और ढाईघाट पर स्नान-ध्यान के लिए पहुंचे।
इधर, जो श्रद्धालु घटियाघाट और ढाईघाट नहीं पहुंच सके उन्होंने शहर की गर्रा और खन्नौत नदियों में स्नान कर गंगाजी के प्रति आस्था दिखाई। दोनों नदियों के तट पर मेले लगाए गए। गर्रा फाटक और गर्रा पार्क में सजे मेले में महिलाओं और पुरुषों ने शृंगार सामग्री के साथ मिट्टी के बर्तन आदि की खरीदारी की और चाट-पकौड़ी का आनंद लिया। इसी प्रकार की रौनक बिसरात घाट पर भी देखने को मिली। बच्चों ने झूलों का आनंद लिया। तमाम लोगों ने परिवार के साथ नौका विहार का भी आनंद लिया।
कार्तिक पूर्णिमा पर बाजारों में रहा सन्नाटा
कार्तिक पूर्णिमा पर दुकानदारों ने गंगा मैया के में स्नान-ध्यान के लिए कूच किया। चूंकि बाजार पहले से ही नोटो की किल्लत से जूझ रहा था, सो दुकानदारों ने इसका लाभ उठाते हुए गंगा स्नान करना ही बेहतर समझा और प्रतिष्ठान बंद कर परिवार के साथ घटियाघाट और ढाईघाट पहुंचकर पुण्य कमाया। पूर्णिमा पर शहर का बाजार पूरी तरह से बंद रहा।
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मिर्जापुर। कार्तिक मेला ढाईघाट में मुख्य पर्व कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर सोमवार को तमाम श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। गंगा स्नन के बाद श्रद्धालुओं ने मेले में जरूरत की वस्तुओं की खरीददारी की।
सूर्य की किरण फूटने से पहले हर हर गंगे के उद्घोष के साथ शुरू हुआ गंगा स्नान का क्रम सांय तक जारी रहा। बाहर से आए श्रद्धालुओं ने गंगा घाट के निकट भंडारे का आयोजन कर हजारों श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण कर पुण्य कमाया।
गंगा स्नान के बाद धर्म परायण लोगों ने आर्य समाज के पंडालों में प्रवचन सुने, वहीं महिलाओं और बच्चों ने जलेबी और चाट पकौड़ी का आनंद लिया। श्रद्धालुओं ने मेले में जरूरत के सामान तथा महिलाओं ने जमकर श्रंगार सामग्री की खरीददारी की। साथ ही दूर दराज से आए ग्रामीणों ने मेले में लाठियां भी खरीदीं।
खोए बुर्जुगों-बच्चों का उनके परिजनों से मिलवाया
मिर्जापुर। ढाईघाट मेले मेले में खोया पाया शिविर लगाया गया। इस दौरान मेले में खोए हुए 22 बुर्जुगों एवं बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाया गया।
मेले में 1.4 लाख की भैंस रही आकर्षण का केंद्र
मिर्जापुर। ढाईघाट के पशु मेले में 1. 4 लाख की भैंस आकर्षण का केंद्र रही। भैंस स्वामी दोषपुर थोक गांव निवासी आदेश मिश्र ने बताया कि हरियाणा की यह भैंस खीरी जिले के मनीराम खरीद ले गये हैं।
जाम लगने से लोग हुए परेशान
मिर्जापुर। मुख्य पर्व पर मेले से लगभग पांच सौ मीटर पहले पक्के रोड पर पुलिस की ट्रैफिक कंट्रोल व्यवस्था दगा दे गई। जाम खुलवाने में पुलिस को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मेला कोतवाली प्रभारी कुलदीप मिश्र ने बताया कि मेला प्रवेश शुल्क की वसूली से श्रद्धालुओं को जाम से जूझना पड़ा।
गंगा घाटों पर रही अव्यवस्था
मिर्जापुर। गंगा घाटों पर पुलिस की लचर व्यवस्था से श्रद्धालुओं का धक्का मुक्की का सामना करना पड़ा। अव्यवस्था तब और बढ गई जब तमाम श्रद्धालु बाइकें लेकर गंगातट तक पहुंच गये।
कृषि विकास प्रदर्शनी का हुआ समापन
मिर्जापुर। मेले में कृषि विकास प्रदर्शनी का राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा ने कहा कि किसानों को प्रदर्शनी में मिली खेती की जानकारी के अनुसार खेती करके अधिक उपज लें। इससे किसानों के साथ ही प्रदेश अन्न उत्पादन में अग्रणी बने। सरकार किसानों को हर प्रकार की सुविधाएं देने को तत्पर है।
इस अवसर पर उप निदेशक कृषि प्रसार डीएस राजपूत, एसडीओ कृषि प्रसार राकेश कुमार व सीजी सागर, पशु चिकित्सक मुश्ताक अहमद, एडीओ कृषि छत्रपाल सिंह सहित गन्ना शोध परिषद के वैज्ञानिक मौजूद रहे।
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इधर, जो श्रद्धालु घटियाघाट और ढाईघाट नहीं पहुंच सके उन्होंने शहर की गर्रा और खन्नौत नदियों में स्नान कर गंगाजी के प्रति आस्था दिखाई। दोनों नदियों के तट पर मेले लगाए गए। गर्रा फाटक और गर्रा पार्क में सजे मेले में महिलाओं और पुरुषों ने शृंगार सामग्री के साथ मिट्टी के बर्तन आदि की खरीदारी की और चाट-पकौड़ी का आनंद लिया। इसी प्रकार की रौनक बिसरात घाट पर भी देखने को मिली। बच्चों ने झूलों का आनंद लिया। तमाम लोगों ने परिवार के साथ नौका विहार का भी आनंद लिया।
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कार्तिक पूर्णिमा पर बाजारों में रहा सन्नाटा
कार्तिक पूर्णिमा पर दुकानदारों ने गंगा मैया के में स्नान-ध्यान के लिए कूच किया। चूंकि बाजार पहले से ही नोटो की किल्लत से जूझ रहा था, सो दुकानदारों ने इसका लाभ उठाते हुए गंगा स्नान करना ही बेहतर समझा और प्रतिष्ठान बंद कर परिवार के साथ घटियाघाट और ढाईघाट पहुंचकर पुण्य कमाया। पूर्णिमा पर शहर का बाजार पूरी तरह से बंद रहा।
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मिर्जापुर। कार्तिक मेला ढाईघाट में मुख्य पर्व कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर सोमवार को तमाम श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। गंगा स्नन के बाद श्रद्धालुओं ने मेले में जरूरत की वस्तुओं की खरीददारी की।
सूर्य की किरण फूटने से पहले हर हर गंगे के उद्घोष के साथ शुरू हुआ गंगा स्नान का क्रम सांय तक जारी रहा। बाहर से आए श्रद्धालुओं ने गंगा घाट के निकट भंडारे का आयोजन कर हजारों श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण कर पुण्य कमाया।
गंगा स्नान के बाद धर्म परायण लोगों ने आर्य समाज के पंडालों में प्रवचन सुने, वहीं महिलाओं और बच्चों ने जलेबी और चाट पकौड़ी का आनंद लिया। श्रद्धालुओं ने मेले में जरूरत के सामान तथा महिलाओं ने जमकर श्रंगार सामग्री की खरीददारी की। साथ ही दूर दराज से आए ग्रामीणों ने मेले में लाठियां भी खरीदीं।
खोए बुर्जुगों-बच्चों का उनके परिजनों से मिलवाया
मिर्जापुर। ढाईघाट मेले मेले में खोया पाया शिविर लगाया गया। इस दौरान मेले में खोए हुए 22 बुर्जुगों एवं बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाया गया।
मेले में 1.4 लाख की भैंस रही आकर्षण का केंद्र
मिर्जापुर। ढाईघाट के पशु मेले में 1. 4 लाख की भैंस आकर्षण का केंद्र रही। भैंस स्वामी दोषपुर थोक गांव निवासी आदेश मिश्र ने बताया कि हरियाणा की यह भैंस खीरी जिले के मनीराम खरीद ले गये हैं।
जाम लगने से लोग हुए परेशान
मिर्जापुर। मुख्य पर्व पर मेले से लगभग पांच सौ मीटर पहले पक्के रोड पर पुलिस की ट्रैफिक कंट्रोल व्यवस्था दगा दे गई। जाम खुलवाने में पुलिस को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मेला कोतवाली प्रभारी कुलदीप मिश्र ने बताया कि मेला प्रवेश शुल्क की वसूली से श्रद्धालुओं को जाम से जूझना पड़ा।
गंगा घाटों पर रही अव्यवस्था
मिर्जापुर। गंगा घाटों पर पुलिस की लचर व्यवस्था से श्रद्धालुओं का धक्का मुक्की का सामना करना पड़ा। अव्यवस्था तब और बढ गई जब तमाम श्रद्धालु बाइकें लेकर गंगातट तक पहुंच गये।
कृषि विकास प्रदर्शनी का हुआ समापन
मिर्जापुर। मेले में कृषि विकास प्रदर्शनी का राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा ने कहा कि किसानों को प्रदर्शनी में मिली खेती की जानकारी के अनुसार खेती करके अधिक उपज लें। इससे किसानों के साथ ही प्रदेश अन्न उत्पादन में अग्रणी बने। सरकार किसानों को हर प्रकार की सुविधाएं देने को तत्पर है।
इस अवसर पर उप निदेशक कृषि प्रसार डीएस राजपूत, एसडीओ कृषि प्रसार राकेश कुमार व सीजी सागर, पशु चिकित्सक मुश्ताक अहमद, एडीओ कृषि छत्रपाल सिंह सहित गन्ना शोध परिषद के वैज्ञानिक मौजूद रहे।