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Shahjahanpur News: जागरूक रहकर ही साइबर अपराध से बचाव संभव
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बोलतीं एसपी देहात दीक्षा भांवरे अरुण। सं
शाहजहांपुर। एसपी ग्रामीण दीक्षा भांवरे अरुण ने कहा कि सावधान और जागरूक रहकर ही साइबर अपराध से बचा जा सकता है। मोबाइल पर आने वाले प्रत्येक लिंक, फोटो और मेसेज को शक भरी निगाह से देखें। अन्जान व्यक्ति की वीडियोकॉल को बिलकुल रिसीव न करें।
वह अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बृहस्पतिवार को आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बोल रहीं थीं। कांट-जलालाबाद रोड पर जिगनेरा में स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एसपी देहात ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकारों की जानकारी दी।
कहा कि साइबर ठगी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तत्काल संपर्क करें। उन्होंने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112, महिला हेल्पलाइन 1090, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 आदि के संबंध में भी जानकारी दी। एसपी देहात ने बताया कि दुर्घटना होने पर शुरुआत का कुछ समय गोल्डन ऑवर कहा जाता है। यह काफी महत्वपूर्ण समय होता है। दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति में घायल व्यक्ति को शीघ्र चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराएं।
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सीओ इशिता सिंह ने डिजिटल अरेस्ट के बारे में जानकारी दी। कहा कि पुलिस किसी को डिजिटल रूप से अरेस्ट नहीं करती। अब तो शिक्षित लोग भी साइबर ठगी में फंस रहे हैं। किसी पर अंधविश्वास नहीं करें। हर चीज को शक की निगाह से देखें तो साइबर अपराध से बच सकते हैं।
उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन वर्तमान समय की जरूरत बन चुका है। पढ़ाई से लेकर सारे जरूरी अभिलेख भी इसमें रहते हैं। ऐसे में मोबाइल का उपयोग काफी सावधानी से करने की आवश्यकता है। किसी को ओटीपी शेयर नहीं करें। कहा कि पुलिस से डरना नहीं है। पुलिस भी समाज का अभिन्न अंग है।
कोई दिक्कत आती है तो प्रत्येक थाने में महिलाओं के लिए हेल्पडेस्क बनी है, जहां पर महिलाओं की बात महिला स्टाफ ही सुनता है। छात्र-छात्राओं से भी सवाल कर जवाब दिए गए। प्राचार्य डाॅ.राजेश कुमार ने साइबर अपराध से बचाव के अनुभव को साझा किया। उप प्राचार्य डॉ. सुधा स्वामी ने आभार जताया। कार्यक्रम में करीब 65 छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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कुछ सवाल, जिनके दिए गए जवाब
-साइबर अपराध होने पर सबसे पहले क्या करें?
हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं।
-क्या पुलिस किसी को वीडियोकॉल कर सकती है?
साइबर ठग इसे हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस किसी को वीडियोकॉल नहीं करती है।
-एपीके फाइल क्यों नहीं डाउनलोड करना चाहिए
साइबर ठग एपीके फाइल भेजकर मोबाइल को हैक कर लेते हैं।
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वह अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बृहस्पतिवार को आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बोल रहीं थीं। कांट-जलालाबाद रोड पर जिगनेरा में स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एसपी देहात ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकारों की जानकारी दी।
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कहा कि साइबर ठगी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तत्काल संपर्क करें। उन्होंने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112, महिला हेल्पलाइन 1090, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 आदि के संबंध में भी जानकारी दी। एसपी देहात ने बताया कि दुर्घटना होने पर शुरुआत का कुछ समय गोल्डन ऑवर कहा जाता है। यह काफी महत्वपूर्ण समय होता है। दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति में घायल व्यक्ति को शीघ्र चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराएं।
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सीओ इशिता सिंह ने डिजिटल अरेस्ट के बारे में जानकारी दी। कहा कि पुलिस किसी को डिजिटल रूप से अरेस्ट नहीं करती। अब तो शिक्षित लोग भी साइबर ठगी में फंस रहे हैं। किसी पर अंधविश्वास नहीं करें। हर चीज को शक की निगाह से देखें तो साइबर अपराध से बच सकते हैं।
उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन वर्तमान समय की जरूरत बन चुका है। पढ़ाई से लेकर सारे जरूरी अभिलेख भी इसमें रहते हैं। ऐसे में मोबाइल का उपयोग काफी सावधानी से करने की आवश्यकता है। किसी को ओटीपी शेयर नहीं करें। कहा कि पुलिस से डरना नहीं है। पुलिस भी समाज का अभिन्न अंग है।
कोई दिक्कत आती है तो प्रत्येक थाने में महिलाओं के लिए हेल्पडेस्क बनी है, जहां पर महिलाओं की बात महिला स्टाफ ही सुनता है। छात्र-छात्राओं से भी सवाल कर जवाब दिए गए। प्राचार्य डाॅ.राजेश कुमार ने साइबर अपराध से बचाव के अनुभव को साझा किया। उप प्राचार्य डॉ. सुधा स्वामी ने आभार जताया। कार्यक्रम में करीब 65 छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कुछ सवाल, जिनके दिए गए जवाब
-साइबर अपराध होने पर सबसे पहले क्या करें?
हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं।
-क्या पुलिस किसी को वीडियोकॉल कर सकती है?
साइबर ठग इसे हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस किसी को वीडियोकॉल नहीं करती है।
-एपीके फाइल क्यों नहीं डाउनलोड करना चाहिए
साइबर ठग एपीके फाइल भेजकर मोबाइल को हैक कर लेते हैं।

राजकीय मेडिकल कॉलेज में पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बोलतीं एसपी देहात दीक्षा भांवरे अरुण। सं