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किसान समस्या का क्रिमिनल नेग्लिजेंसी करने पर अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
Updated Thu, 24 Nov 2016 11:33 PM IST
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खेती
- फोटो : ब्यूरो
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किसान दिवस पर पहुंची समस्याओं के लंबित रहने पर डीएम सख्त
क्रिमिनल नेग्लिजेंसी से किसान को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति होगी, सर्वे को समिति गठित
नहर, नलकूप और बिजली विभाग के अधिकारियों के कसे पेंच
शासन के निर्देशों के अनुपालन में हर माह के तीसरे बुधवार को आयोजित होने वाले किसान दिवस आयोजनों के समय प्राप्त कृषि विकास से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का बारंबार निर्देश दिए जाने के बाद भी तमाम बिंदुओं पर नहर, नलकपू और बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही पर बृहस्पतिवार को डीएम राम गणेश ने गंभीर संज्ञान लिया। उन्होंने इस हालात को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कहा कि संबंधित अधिकारीगण के स्तर पर ऐसी लापरवाही तथा वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर पर्याप्त पर्यवेक्षण के अभाव के चलते किसानों की समस्याएं जस की तस हैं। उन्होंने संबंधितों को फिर से बिंदुवार समस्याओं को तत्काल निस्तारित करने को कहा और आगे से ऐसी लापरवाही को क्रिमिनल नेग्लिजेंसी मानते हुए संबंधितों पर समुचित विधिक कार्यवाही की जाएगी। साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों के विरूद्ध उनके द्वारा सक्षम प्राधिकारी या सक्षम न्यायालय से समुचित दंड दिलाने की कार्यवाही होगी।
डीएम ने कहा कि इन विभागों के अधिकारियों की क्रिमिनल नेग्लिजेंसी के चलते किसान को होने वाले नुकसान की भरपाई बाजार मूल्य के समतुल्य कराते हुए मूल्यांकन और सर्वे उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी, तहसीलदार, बीडीओ और एसडीएम की समिति से कराया जाएगा। मूल्यांकित धनराशि की भरपाई एवं क्षतिपूर्ति संबंधित विभाग के अभियंता तथा संबंधित कर्मचारियों के वेतन से अनुपातिक कटौती करते हुए यथा आवश्यक भूराजस्व के बकाये की भॉति वसूल कराते हुए संबंधित किसान को भुगतान सुनिश्चित कराया जाएगा। संबंधित अधिकारियों की क्रिमिनल नेग्लिजेंसी के कारण पलेवा, सिंचाई और बुआई न हो पाने की स्थिति में संबंधित किसान को हुई हानि का मूल्यांकन उपरोक्त समिति द्वारा नियमित की जाएगी और किसान को क्षतिपूर्ति मुहैया कराते हुए नियमित डीएम को रिपोर्ट दी जाएगी ताकि किसानों को अकारण किसी क्लेश अथवा दुर्भाग्यपूर्ण घटना का शिकार होने से बचाया जा सके।
डीएम ने पुन: संबंधित विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे क्रिमिनल नेग्लिजेंसी न करते हुए किसानों की विद्यमान समस्याओं का तत्काल समाधान करेंगे और कृत कार्यवाही की रिपोर्ट देंगे।
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विभागों से यह थी अपेक्षा
1. नहर विभाग के अभियंतागण जिले के सभी नहरों, रजवाहों और माईनरों की टेल तक पर्याप्त एवं सुव्यवस्थित पानी मुहैया कराएंगे।
2. यह भी देखेंगे कि नहरों के अव्यवस्थित जल संचालन से जल जमाव की स्थिति उत्पन्न न हो और कृषकों द्वारा बोई गई फसल में अनावश्यक जल प्लावन न हो।
3. किसी भी खारिजे से पानी की एक भी बूंद व्यर्थ न बहने पाये।
4. नलकूप के अभियंतागण जिले के सभी राजकीय नलकूप सुव्यवस्थित रूप से संचालित करें और राजकीय नलकूपों पर आपरेटरों की शतप्रतिशत उपस्थिति एवं उपलब्धता रहे।
5. अपरिहार्य परिस्थितियों में यांत्रिक खराबी होने पर न्यूनतम काल खंड में पूरी समयबद्धता एवं संवेदनशीलता के साथ ठीक कराते रहें।
6.कहीं-कहीं टयूब वेलों में डिलेवरी पाईप लगाने की आवश्यकता होने पर तदनुसार अपेक्षित कार्यवाही की जाए।
7. जिन राजकीय नलकूपों में जल स्तर नीचे चला गया था उन सभी में कॉलम पाईप तत्काल लगाएं।
8. लिफ्ट केनाल के अभियंतागण जिले के सभी पंप कैनालों का संचालन कराकर सम्बन्धित कृषकों को पानी मुहैया कराएं।
9. विद्युत विभाग के अभियंतागण नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति कराएं तथा लोबोल्टेज की समस्या का समय-समय पर निदान कराते रहें।
10. राजकीय नलकूपों और निजी नलकूपों की मांग के अनुसार पर्याप्त क्षमता के ट्रांसफार्मर मुहैया कराते रहेंगे।
11. सीडीओ, एडीएम वित्त, एडीएम प्रशासन, डीडीओ और एसडीएम अंतर विभागीय समन्वय अंतर विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए किसानों की समस्याएं दूर करें।
तमाम निर्देश के बाद भी विद्यमान समस्याएं
1. लो बोल्टेज की समस्या का समाधान पूरी तरह से नही हो पाया है। ॉ
2. उचित क्षमता के ट्रांसफार्मर शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत राजकीय नलकूपों में उपलब्ध नहीं हो रहे।
3. निजी नलकूपों को संचालित करने वाले कृषकों को भी भंडार गृह से ट्रांसफार्मर समय पर नहीं मिल रहे। 4. विद्युत के ब्रेकडाउन होने पर तत्काल निर्धारित समय-सीमा में ब्रेकडाउन ठीक नहीं हो पाते।
5.विद्युत विभाग के कई अभियंता आवश्यकता पड़ने पर दूरभाष पर उपलब्ध नहीं होते हैं और मोबाईल भी स्विच ऑफ रहता है।
6. राजकीय नलकूपों में संबंधित अभियंता द्वारा खराब मोटरों को ठीक करके पुन: राजकीय नलकूपों पर पहुंचानें में अनुचित विलंब किया जाना।
7.कहीं-कहीं नहरों में कटान हो जाने से कृषकों की बोई गई फसल/भूमि जल प्लावन की स्थिति में हो जाती है।
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क्रिमिनल नेग्लिजेंसी से किसान को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति होगी, सर्वे को समिति गठित
नहर, नलकूप और बिजली विभाग के अधिकारियों के कसे पेंच
शासन के निर्देशों के अनुपालन में हर माह के तीसरे बुधवार को आयोजित होने वाले किसान दिवस आयोजनों के समय प्राप्त कृषि विकास से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का बारंबार निर्देश दिए जाने के बाद भी तमाम बिंदुओं पर नहर, नलकपू और बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही पर बृहस्पतिवार को डीएम राम गणेश ने गंभीर संज्ञान लिया। उन्होंने इस हालात को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कहा कि संबंधित अधिकारीगण के स्तर पर ऐसी लापरवाही तथा वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर पर्याप्त पर्यवेक्षण के अभाव के चलते किसानों की समस्याएं जस की तस हैं। उन्होंने संबंधितों को फिर से बिंदुवार समस्याओं को तत्काल निस्तारित करने को कहा और आगे से ऐसी लापरवाही को क्रिमिनल नेग्लिजेंसी मानते हुए संबंधितों पर समुचित विधिक कार्यवाही की जाएगी। साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों के विरूद्ध उनके द्वारा सक्षम प्राधिकारी या सक्षम न्यायालय से समुचित दंड दिलाने की कार्यवाही होगी।
डीएम ने कहा कि इन विभागों के अधिकारियों की क्रिमिनल नेग्लिजेंसी के चलते किसान को होने वाले नुकसान की भरपाई बाजार मूल्य के समतुल्य कराते हुए मूल्यांकन और सर्वे उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी, तहसीलदार, बीडीओ और एसडीएम की समिति से कराया जाएगा। मूल्यांकित धनराशि की भरपाई एवं क्षतिपूर्ति संबंधित विभाग के अभियंता तथा संबंधित कर्मचारियों के वेतन से अनुपातिक कटौती करते हुए यथा आवश्यक भूराजस्व के बकाये की भॉति वसूल कराते हुए संबंधित किसान को भुगतान सुनिश्चित कराया जाएगा। संबंधित अधिकारियों की क्रिमिनल नेग्लिजेंसी के कारण पलेवा, सिंचाई और बुआई न हो पाने की स्थिति में संबंधित किसान को हुई हानि का मूल्यांकन उपरोक्त समिति द्वारा नियमित की जाएगी और किसान को क्षतिपूर्ति मुहैया कराते हुए नियमित डीएम को रिपोर्ट दी जाएगी ताकि किसानों को अकारण किसी क्लेश अथवा दुर्भाग्यपूर्ण घटना का शिकार होने से बचाया जा सके।
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डीएम ने पुन: संबंधित विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे क्रिमिनल नेग्लिजेंसी न करते हुए किसानों की विद्यमान समस्याओं का तत्काल समाधान करेंगे और कृत कार्यवाही की रिपोर्ट देंगे।
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विभागों से यह थी अपेक्षा
1. नहर विभाग के अभियंतागण जिले के सभी नहरों, रजवाहों और माईनरों की टेल तक पर्याप्त एवं सुव्यवस्थित पानी मुहैया कराएंगे।
2. यह भी देखेंगे कि नहरों के अव्यवस्थित जल संचालन से जल जमाव की स्थिति उत्पन्न न हो और कृषकों द्वारा बोई गई फसल में अनावश्यक जल प्लावन न हो।
3. किसी भी खारिजे से पानी की एक भी बूंद व्यर्थ न बहने पाये।
4. नलकूप के अभियंतागण जिले के सभी राजकीय नलकूप सुव्यवस्थित रूप से संचालित करें और राजकीय नलकूपों पर आपरेटरों की शतप्रतिशत उपस्थिति एवं उपलब्धता रहे।
5. अपरिहार्य परिस्थितियों में यांत्रिक खराबी होने पर न्यूनतम काल खंड में पूरी समयबद्धता एवं संवेदनशीलता के साथ ठीक कराते रहें।
6.कहीं-कहीं टयूब वेलों में डिलेवरी पाईप लगाने की आवश्यकता होने पर तदनुसार अपेक्षित कार्यवाही की जाए।
7. जिन राजकीय नलकूपों में जल स्तर नीचे चला गया था उन सभी में कॉलम पाईप तत्काल लगाएं।
8. लिफ्ट केनाल के अभियंतागण जिले के सभी पंप कैनालों का संचालन कराकर सम्बन्धित कृषकों को पानी मुहैया कराएं।
9. विद्युत विभाग के अभियंतागण नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति कराएं तथा लोबोल्टेज की समस्या का समय-समय पर निदान कराते रहें।
10. राजकीय नलकूपों और निजी नलकूपों की मांग के अनुसार पर्याप्त क्षमता के ट्रांसफार्मर मुहैया कराते रहेंगे।
11. सीडीओ, एडीएम वित्त, एडीएम प्रशासन, डीडीओ और एसडीएम अंतर विभागीय समन्वय अंतर विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए किसानों की समस्याएं दूर करें।
तमाम निर्देश के बाद भी विद्यमान समस्याएं
1. लो बोल्टेज की समस्या का समाधान पूरी तरह से नही हो पाया है। ॉ
2. उचित क्षमता के ट्रांसफार्मर शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत राजकीय नलकूपों में उपलब्ध नहीं हो रहे।
3. निजी नलकूपों को संचालित करने वाले कृषकों को भी भंडार गृह से ट्रांसफार्मर समय पर नहीं मिल रहे। 4. विद्युत के ब्रेकडाउन होने पर तत्काल निर्धारित समय-सीमा में ब्रेकडाउन ठीक नहीं हो पाते।
5.विद्युत विभाग के कई अभियंता आवश्यकता पड़ने पर दूरभाष पर उपलब्ध नहीं होते हैं और मोबाईल भी स्विच ऑफ रहता है।
6. राजकीय नलकूपों में संबंधित अभियंता द्वारा खराब मोटरों को ठीक करके पुन: राजकीय नलकूपों पर पहुंचानें में अनुचित विलंब किया जाना।
7.कहीं-कहीं नहरों में कटान हो जाने से कृषकों की बोई गई फसल/भूमि जल प्लावन की स्थिति में हो जाती है।