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दुराचारी पिता को दस साल की कैद
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Sat, 21 Jan 2017 12:23 AM IST
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जिले के गढ़िया रंगीन थाना क्षेत्र के एक गांव में 12 साल की अपनी बेटी से दो माह तक बलात्कार करने वाले पिता को शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश विजय कुमार डुंगराकोटी ने आईपीसी की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत 10 साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। आदेश दिया कि वसूली जाने वाली जुर्माना राशि में से 20 हजार रुपये पीड़ित बेटी को दिए जाएं। यह सनसनीखेज वाकया 22 फरवरी 2015 को पुलिस के संज्ञान में आया था। पीड़ित किशोरी की ताई ने थाने पहुंचकर बताया कि उसके देवर ने अपनी पत्नी को कुछ माह पहले मारपीट कर घर से निकाल दिया था। तब से घर पर वह अपनी तीन बेटियों के साथ अकेला रह रहा है। करीब 11 साल की बड़ी बेटी को जान से मारने की धमकी देकर और नशे की गोलियां खिलाकर दो माह से लगातार बलात्कार कर रहा है। बेटी परेशान होकर गुमसुम रहने लगी है। पूछने पर किशोरी ने जो कुछ बताया वह चौंकाने वाला था। न्याय दिलाने को वह अपने देवर की पीड़ित बेटी को साथ लेकर रात को थाने पहुंची थीं तो 15 फरवरी 2015 की रात करीब साढ़े नौ बजे मुकदमा दर्ज कर लिया गया। मेडिकल परीक्षण में बलात्कार होने की पुष्टि हुई तो लड़की की उम्र चिकित्सकों के पैनल ने 12 वर्ष बताई। पुलिस द्वारा प्रस्तुत तथ्यों, चिकित्सकीय साक्ष्यों एवं सरकारी वकील नत्थू लाल वर्मा के तर्कों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश विजय कुमार डुंगराकोटी ने आरोपी पिता को दोषी सिद्ध अभियुक्त करार दिया। उन्होंने अपने निर्णय में लिखा कि जिस पिता से अपने संतानों की रक्षा और सुरक्षा की अपेक्षा की जाती है उसी के द्वारा यदि इस तरह का अपराध किया जाता है तो समाज में पिता-पुत्री के रिश्ते में भी असुरक्षा की भावना पैदा हो जाएगी। अभियुक्त द्वारा न केवल एक नाबालिग के साथ बलात्कार किया गया बल्कि पिता-पुत्री के रिश्ते को भी कलंकित किया है। इसलिए ऐसी स्थिति में अभियुक्त को 10 साल की कैद और 40 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किए जाने से न्याय के उद्देश्य की पूर्ति होगी।
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