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महिला तस्कर सहित दो पकड़े, पांच फरार
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Mon, 12 Sep 2016 12:09 AM IST
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पांच क्विंटल गोमांस को कार से ले जाते एक महिला तस्कर सहित दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जबकि पांच आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मांस की सैंपलिंग कराकर जांच को भेजा है। पिछले एक पखवाड़े में गोमांस के तस्करों के खिलाफ रोजा पुलिस की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है।
प्रभारी निरीक्षक यतेंद्र भारद्वाज शनिवार की रात हाईवे पर गश्त पर थे, तभी गुर्री के एक सिपाही ने संदिग्ध कार को क्षेत्र से भगा ले जाने की सूचना दी, जिससे हरकत में आए प्रभारी निरीक्षक भारद्वाज ने दरोगा तेजपाल सिंह और बिरजाराम, सिपाही रामलखन अवस्थी, महिला आरक्षी आरती सिंह को बरतारा के पास लगाकर नाकेबंदी कराई।
रात करीब तीन बजे बरतारा के पास नाकेबंदी कर रही पुलिस ने सीतापुर की ओर से आ रही कार को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखकर बदमाश भागने लगे, जिसमें एक महिला और एक अन्य आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया। कार की तलाशी लेने पर पुलिस को पिछले हिस्से में करीब पांच क्विंटल गोमांस काले रंग की पन्नियों में भरा मिला।
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पकड़ी गई महिला ने पुलिस को अपना नाम नरगिस निवासी मोमिन नगर थाना कठघर मुरादाबाद तथा दूसरे आरोपी ने अपना नाम मो. हुसैन निवासी जगतपुर थाना मूढ़ापांडे जिला मुरादाबाद बताया है। आरोपियों ने बताया कि वह यह मांस लखनऊ क्षेत्र से लेकर रामपुर जा रहे थे। पुलिस ने मांस की सैंपलिंग कराकर जांच को भेजा है।
पुलिस ने मौके से भागे पांच अन्य आरोपियों सहित सात लोगों के खिलाफ एसआई तेजपाल सिंह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। बता दें कि करीब 13 दिन पहले भी रोजा पुलिस ने प्रतिबंधित मांस से भरी एक डीसीएम बरामद की थी।
तस्करी में महिलाओं का हो रहा इस्तेमाल
रोजा। गोमांस की तस्करी में महिला की गिरफ्तारी के बाद एक बात साफ हो गई है कि तस्करी में महिलाओं का भी इस्तेमाल हो रहा है। नरगिस ने पुलिस से खुलासा किया है कि इनके आका रामपुर में रहते हैं, जो प्रति फेरा तीन से पांच हजार रुपये की पगार देते हैं, जबकि खाना और रास्ते का खर्च अलग से मिलता है। इस गोरखधंधे में अलग-अलग आकाओं की अलग-अलग महिलाएं कैरियर का काम कर रही हैं। गोमांस का कारोबार भी धड़ल्ले से चल रहा है, जो सप्ताह में दो बार इधर से उधर किया जाता है। कार में महिला सवार होने के कारण पुलिस भी उन पर जल्दी हाथ नहीं डालती, लेकिन गोमांस के सौदागरों की प्रतिद्वंद्विता के चलते मुखबिरी पुलिस को होने के बाद मैनेज होकर काम निकल जाता है। अक्सर वह पुलिस को धौंस दिखाकर अपना काम निकाल लेती हैं, लेकिन उसे पहली बार पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
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प्रभारी निरीक्षक यतेंद्र भारद्वाज शनिवार की रात हाईवे पर गश्त पर थे, तभी गुर्री के एक सिपाही ने संदिग्ध कार को क्षेत्र से भगा ले जाने की सूचना दी, जिससे हरकत में आए प्रभारी निरीक्षक भारद्वाज ने दरोगा तेजपाल सिंह और बिरजाराम, सिपाही रामलखन अवस्थी, महिला आरक्षी आरती सिंह को बरतारा के पास लगाकर नाकेबंदी कराई।
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रात करीब तीन बजे बरतारा के पास नाकेबंदी कर रही पुलिस ने सीतापुर की ओर से आ रही कार को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखकर बदमाश भागने लगे, जिसमें एक महिला और एक अन्य आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया। कार की तलाशी लेने पर पुलिस को पिछले हिस्से में करीब पांच क्विंटल गोमांस काले रंग की पन्नियों में भरा मिला।
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पकड़ी गई महिला ने पुलिस को अपना नाम नरगिस निवासी मोमिन नगर थाना कठघर मुरादाबाद तथा दूसरे आरोपी ने अपना नाम मो. हुसैन निवासी जगतपुर थाना मूढ़ापांडे जिला मुरादाबाद बताया है। आरोपियों ने बताया कि वह यह मांस लखनऊ क्षेत्र से लेकर रामपुर जा रहे थे। पुलिस ने मांस की सैंपलिंग कराकर जांच को भेजा है।
पुलिस ने मौके से भागे पांच अन्य आरोपियों सहित सात लोगों के खिलाफ एसआई तेजपाल सिंह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। बता दें कि करीब 13 दिन पहले भी रोजा पुलिस ने प्रतिबंधित मांस से भरी एक डीसीएम बरामद की थी।
तस्करी में महिलाओं का हो रहा इस्तेमाल
रोजा। गोमांस की तस्करी में महिला की गिरफ्तारी के बाद एक बात साफ हो गई है कि तस्करी में महिलाओं का भी इस्तेमाल हो रहा है। नरगिस ने पुलिस से खुलासा किया है कि इनके आका रामपुर में रहते हैं, जो प्रति फेरा तीन से पांच हजार रुपये की पगार देते हैं, जबकि खाना और रास्ते का खर्च अलग से मिलता है। इस गोरखधंधे में अलग-अलग आकाओं की अलग-अलग महिलाएं कैरियर का काम कर रही हैं। गोमांस का कारोबार भी धड़ल्ले से चल रहा है, जो सप्ताह में दो बार इधर से उधर किया जाता है। कार में महिला सवार होने के कारण पुलिस भी उन पर जल्दी हाथ नहीं डालती, लेकिन गोमांस के सौदागरों की प्रतिद्वंद्विता के चलते मुखबिरी पुलिस को होने के बाद मैनेज होकर काम निकल जाता है। अक्सर वह पुलिस को धौंस दिखाकर अपना काम निकाल लेती हैं, लेकिन उसे पहली बार पुलिस ने गिरफ्तार किया है।