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Bareilly News: फर्जी आईएएस विप्रा के जाल में कई फंसे, दो और रिपोर्ट

Tue, 25 Aug 2026 01:18 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2026 01:18 AM IST
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Many ensnared by fake IAS officer Vipra; two more reports filed.
बरेली। खुद को आईएएस अधिकारी बताने वाली डॉ. विप्रा शर्मा ने सरकारी नौकरी का झांसा देकर शहर में बड़े पैमाने पर ठगी की है। अब विप्रा व उसके साथियों के खिलाफ दो नई रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। इसके साथ ही एफआईआर का आंकड़ा 40 से ऊपर पहुंच गया है। पुलिस अब गैंगस्टर लगाकर आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी में है।
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कालीबाड़ी रोड निवासी सुनील यादव ने बताया कि वर्ष 2023 में विप्रा एक लड़के को कंप्यूटर सिखवाने के लिए उनके यहां आई थी। विप्रा ने कहा था कि इसकी सरकारी नौकरी लग गई है। थोड़ा कंप्यूटर चलाना सिखा दें। खुद को आईएएस बताकर विप्रा ने उन्हें प्रभाव में लिया। भाई की नौकरी लगवाने की बात कही। झांसे में आकर सुनील ने अपने भाई सुधीर यादव, जसवीर यादव और उसके दोस्त अरुण की नौकरी के लिए विप्रा को 6.50 लाख रुपये दे दिए।
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इसके बाद इन सभी के फर्जी नियुक्ति पत्र उन्हें डाक से भेज दिए गए। जैसे फर्जी नियुक्ति का समय करीब आता था, तभी विप्रा दूसरा फर्जी नियुक्ति पत्र भेज देती थी। जब काफी वक्त गुजर गया तो उन्होंने रुपये लौटाने के लिए कहा। इस पर विप्रा ने कहा कि वह शिमला में ट्रेनिंग पर है, आकर रुपये देगी। उन्होंने ज्यादा कहा तो विप्रा ने ढाई लाख रुपये लौटा भी दिए, लेकिन चार लाख रुपये हड़प लिए।
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सेल्समैन को भी नहीं छोड़ा
जाटवपुरा निवासी सनी सिंह ने बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह सेलेक्शन प्वाइंट पर सेल्समैन की नौकरी करते थे। वहां विप्रा खरीदारी करने आती थी। विप्रा ने खुद को एसडीएम बताकर उन्हें लिपिक की नौकरी लगवाने का झांसा दिया। विप्रा जिस कार से आती थी, उस पर एसडीएम लिखा था और नीली बत्ती भी लगी थी। इसलिए सनी ने विश्वास कर दो लाख रुपये विप्रा को दे दिए। विप्रा ने न तो उनकी नौकरी लगवाई, न ही रुपये लौटाए। कुछ दिन पहले समाचार पत्रों से पता चला कि विप्रा आईएएस नहीं है और ठगी के मामले में जेल गई है।

वर्जन
विप्रा के खिलाफ चालीस से ज्यादा रिपोर्ट दर्ज हो चुकी हैं। नए मामले भी दर्ज हो रहे हैं। कुछ आरोपी जेल में हैं, जबकि अन्य को चिह्नित किया जा रहा है। महिला व उसके साथियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई कर संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई जाएगी। - शिवम आशुतोष सिंह, एएसपी
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