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Bareilly News: मंदिर से बाहर फेकीं मूर्तियां, तीन घरों के दरवाजों पर मिलीं अस्थियां
Tue, 25 Aug 2026 01:19 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 25 Aug 2026 01:19 AM IST
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शाही। मुस्लिम बहुल गांव बीथम नौगवां में रविवार रात किसी खुराफाती ने 57 साल पुराने शिव मंदिर में स्थापित शिव परिवार की मूर्तियां उखाड़कर बाहर फेंक दी। इसके अलावा सोमवार सुबह तीन घरों के दरवाजों पर अस्थियां भी पड़ी मिलीं। आक्रोशित ग्रामीणों ने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
पुजारी लालाराम ने बताया कि रविवार शाम को पूजा-आरती के बाद वह घर चले गए थे। वह सोमवार सुबह पांच बजे मंदिर की सफाई करने पहुंचे तो वहां स्थापित महादेव, पार्वती और श्रीगणेश की मूर्तियां नहीं दिखीं। आसपास तलाशने पर मंदिर के दूसरे हिस्से में तीनों मूर्तियां मिल गईं। उनको देखकर लगा कि उनको उखाड़कर फेंका गया है।
इस बीच गांव के नत्थूलाल और टेकचंद के घरों के दरवाजों पर अस्थियां पड़ी मिलीं। डोरीलाल के घर के बाहर खड़े ई-रिक्शे में भी अस्थियां मिलीं। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने सुचना देकर पुलिस बुला ली। पुजारी लालाराम, ग्राम प्रशासक धर्मपाल, भूपराम, दिनेश चंद्र, अमित कुमार, लेखराज, नंदराम आदि ने संयुक्त रूप से तहरीर देकर खुराफाती के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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अंत्येष्टि के तीन दिन बाद गायब मिलीं अस्थियां
गांव के लोगों ने बताया कि मोर सिंह की मां शांति देवी की तीन दिन पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। परिजनों ने गांव की श्मशान भूमि पर उनकी अंत्येष्टि की थी। मोर सिंह के मुताबिक, परिजनों के साथ वह तीसरे दिन मां की अस्थियां लेने गए थे, लेकिन वे वहां नहीं मिलीं। आशंका है कि वही अस्थियां दरवाजों पर फेकी गई हैं।
दरोगा ने थानाध्यक्ष को नहीं दी जानकारी
पुजारी लालाराम ने बताया कि सूचना पर हल्का दरोगा मौके पर आए थे। उन्होंने मामले को आगे न बढ़ाने की हिदायत दी और लौट गए। ग्रामीणों ने थानाध्यक्ष से शिकायत की तो पता लगा कि हल्का दरोगा ने उनको मामले की सूचना भी नहीं दी थी। इसके बाद थानाध्यक्ष ने गांव पहुंचकर मामले की जानकारी ली।
वर्जन
खुराफाती की पहचान के लिए मुखबिरों को लगाया है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा। - अजय कुमार, सीओ मीरगंज
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पुजारी लालाराम ने बताया कि रविवार शाम को पूजा-आरती के बाद वह घर चले गए थे। वह सोमवार सुबह पांच बजे मंदिर की सफाई करने पहुंचे तो वहां स्थापित महादेव, पार्वती और श्रीगणेश की मूर्तियां नहीं दिखीं। आसपास तलाशने पर मंदिर के दूसरे हिस्से में तीनों मूर्तियां मिल गईं। उनको देखकर लगा कि उनको उखाड़कर फेंका गया है।
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इस बीच गांव के नत्थूलाल और टेकचंद के घरों के दरवाजों पर अस्थियां पड़ी मिलीं। डोरीलाल के घर के बाहर खड़े ई-रिक्शे में भी अस्थियां मिलीं। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने सुचना देकर पुलिस बुला ली। पुजारी लालाराम, ग्राम प्रशासक धर्मपाल, भूपराम, दिनेश चंद्र, अमित कुमार, लेखराज, नंदराम आदि ने संयुक्त रूप से तहरीर देकर खुराफाती के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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अंत्येष्टि के तीन दिन बाद गायब मिलीं अस्थियां
गांव के लोगों ने बताया कि मोर सिंह की मां शांति देवी की तीन दिन पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। परिजनों ने गांव की श्मशान भूमि पर उनकी अंत्येष्टि की थी। मोर सिंह के मुताबिक, परिजनों के साथ वह तीसरे दिन मां की अस्थियां लेने गए थे, लेकिन वे वहां नहीं मिलीं। आशंका है कि वही अस्थियां दरवाजों पर फेकी गई हैं।
दरोगा ने थानाध्यक्ष को नहीं दी जानकारी
पुजारी लालाराम ने बताया कि सूचना पर हल्का दरोगा मौके पर आए थे। उन्होंने मामले को आगे न बढ़ाने की हिदायत दी और लौट गए। ग्रामीणों ने थानाध्यक्ष से शिकायत की तो पता लगा कि हल्का दरोगा ने उनको मामले की सूचना भी नहीं दी थी। इसके बाद थानाध्यक्ष ने गांव पहुंचकर मामले की जानकारी ली।
वर्जन
खुराफाती की पहचान के लिए मुखबिरों को लगाया है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा। - अजय कुमार, सीओ मीरगंज