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बेटे को पाकर छलक आईं आंखें
ब्यूरो /रोजा।
Updated Wed, 23 Mar 2016 11:39 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सीतापुर का संदीप अपहरण कांड
जीआरपी ने संदीप को किया पिता के हवाले
बेटे संदीप को रोजा जीआरपी थाने में देखकर पिता राजेश राठौर की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उधर, बच्चों को अगवा के ट्रेन में ले जाने की घटनाओं के मद्देनजर जीआरपी ने सतर्कता बढ़ा दी है।
सोमवार पूर्वांह सीतापुर टेंपो स्टैंड से कचनार थाना रामकोट के संदीप को बंधुआ मजदूरी के लिए अगवा किया था, जिसे रोजा जीआरपी ने मंगलवार की भोर सत्याग्रह एक्सप्रेस के रुकने के बाद प्लेटफार्म पर रोते पाया था। पूछताछ में संदीप ने सरदार बाबा द्वारा जबरन ले जाने की बात पुलिस को बताई थी। जीआरपी की सूचना पर संदीप के पिता राजेश राठौर निवासी कचनार थाना रामकोट जिला सीतापुर मंगलवार देर शाम रोजा जीआरपी पहुंचे। राजेश ने पुलिस को अपने बेटे द्वारा कही गई बातों का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि वह मौसी के यहां जहानीखेड़ा जाने को था। मगर रास्ते में उसका अपहरण कर लिया गया। राजेश ने बताया कि उसके चार बच्चों में संदीप सबसे बड़ा है। वह मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करता है। होली पर संदीप को उसकी मौसी ने अपने घर जहानीखेड़ा बुलाया था। जहां से शाम पांच बजे की सवारी गाड़ी पकड़नी थी। राजेश ने बताया मौसी के घर न पहुंचने पर रात भर संदीप को तलाशा गया। जीआरपी रोजा प्रभारी विवेक मौर्य ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद संदीप को उसके पिता राजेश के सुपुर्द कर दिया। विवेक मौर्य ने बताया कि इस मामले में पीड़ित ने कोई तहरीर नहीं दी है। सतर्कता के लिए अब ट्रेनों में आरपीएफ के साथ मिलकर निगरानी बढ़ाई गई है।
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जीआरपी ने संदीप को किया पिता के हवाले
बेटे संदीप को रोजा जीआरपी थाने में देखकर पिता राजेश राठौर की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उधर, बच्चों को अगवा के ट्रेन में ले जाने की घटनाओं के मद्देनजर जीआरपी ने सतर्कता बढ़ा दी है।
सोमवार पूर्वांह सीतापुर टेंपो स्टैंड से कचनार थाना रामकोट के संदीप को बंधुआ मजदूरी के लिए अगवा किया था, जिसे रोजा जीआरपी ने मंगलवार की भोर सत्याग्रह एक्सप्रेस के रुकने के बाद प्लेटफार्म पर रोते पाया था। पूछताछ में संदीप ने सरदार बाबा द्वारा जबरन ले जाने की बात पुलिस को बताई थी। जीआरपी की सूचना पर संदीप के पिता राजेश राठौर निवासी कचनार थाना रामकोट जिला सीतापुर मंगलवार देर शाम रोजा जीआरपी पहुंचे। राजेश ने पुलिस को अपने बेटे द्वारा कही गई बातों का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि वह मौसी के यहां जहानीखेड़ा जाने को था। मगर रास्ते में उसका अपहरण कर लिया गया। राजेश ने बताया कि उसके चार बच्चों में संदीप सबसे बड़ा है। वह मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करता है। होली पर संदीप को उसकी मौसी ने अपने घर जहानीखेड़ा बुलाया था। जहां से शाम पांच बजे की सवारी गाड़ी पकड़नी थी। राजेश ने बताया मौसी के घर न पहुंचने पर रात भर संदीप को तलाशा गया। जीआरपी रोजा प्रभारी विवेक मौर्य ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद संदीप को उसके पिता राजेश के सुपुर्द कर दिया। विवेक मौर्य ने बताया कि इस मामले में पीड़ित ने कोई तहरीर नहीं दी है। सतर्कता के लिए अब ट्रेनों में आरपीएफ के साथ मिलकर निगरानी बढ़ाई गई है।
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