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वरिष्ठ बैंक प्रबंधक ने फांसी लगाकर दी जान

Wed, 16 Mar 2016 12:07 AM IST
ब्यूरो / शाहजहांपुर
ब्यूरो / शाहजहांपुर Updated Wed, 16 Mar 2016 12:07 AM IST
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The senior bank manager lives by hanging
वरिष्ठ बैंक प्रबंधक ने फांसी लगाकर दी जान
बैंक ऑफ बड़ौदा की मंडी शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक 42 वर्षीय ज्ञानप्रकाश गुप्ता ने डिप्रेशन के चलते मंगलवार की रात अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका परिवार लखनऊ के जानकीपुरम कॉलोनी में रहता है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मूल रूप से औरेया निवासी ज्ञानप्रकाश गुप्ता पांच साल पहले लखीमपुर से ट्रांसफर होकर मंडी शाखा में आए थे। वह बैंक में लोन संबंधी काम देखते थे। उनकी पत्नी वंदना गुप्ता 11 वर्षीय बेटे ध्रुव के साथ लखनऊ की जानकीपुरम कॉलोनी में रहती हैं। वह बाराबंकी के निंदूरा ब्लाक के जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। ज्ञानप्रकाश कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गौहरपुर में राजेश कुमार गुप्ता के मकान में किराए पर रहते थे। सोमवार को वह बैंक गए थे। बैंक से शाम करीब सात बजे घर वापस आ गए। रात में करीब दस बजे उन्होंने पत्नी वंदना से फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि काम की वजह से काफी परेशान रहते हैं। वह नींद न आने की बीमारी से परेशान रहते हैं। पत्नी से बात करने के बाद रात में उन्होंने अपने कमरे में लिंटर में लगे कुंडे में रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। पैरों के पास स्टूल रखा हुआ था। सुबह साढ़े नौ बजे घर में काम करने वाली नौकरानी आई तो उसने ज्ञानप्रकाश का शव फांसी के फंदे से लटका देखा तो उसने मकान मालिक को बताया। खबर लगते ही मोहल्ले के लोगों की भीड़ लग गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी फांसी से लटकने से मौत होना बताई गई है। 
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सोमवार को लखनऊ से वापस आए थे ज्ञानप्रकाश 
शनिवार और रविवार को बैंक की छुट्टी थी। ज्ञानप्रकाश शुक्रवार बैंक की छुट्टी होने के बाद घर चले गए थे। सोमवार की सुबह ही वह घर से वापस आए थे। पत्नी वंदना पोस्टमार्टम हाउस पर रो-रोकर कह रही थी कि उन्हें ऐसा मालूम होता वह पति को घर ही रोक लेती। बेटा ध्रुव रोती हुई मां को बार-बार समझाने का प्रयास कर रहा था। वंदना ने बताया कि ज्ञानप्रकाश का इलाज देहरादून से चल रहा था। कुछ दिन पहले ही वहां से दवाई लेेकर आए थे।
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