{"_id":"3426f11da494c079319babc16ad916dd","slug":"the-lives-of-the-two-farmers-from-crop-losses-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फसली नुकसान से फिर गई दो किसानों की जान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फसली नुकसान से फिर गई दो किसानों की जान
शाहजहांपुर।
Updated Tue, 21 Apr 2015 11:10 PM IST
विज्ञापन
फसली नुकसान से किसानों की मौत का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। जलालाबाद के हरेवा गांव में 46 वर्षीय सत्यपाल को चार बीघा खेत में एक क्विंटल गेहूं मिलने पर इतना गहरा आघात लगा कि खेत से घर लौटकर बिस्तर पकड़ लिया और देर रात उनकी सांसें थम गईं। उधर, निगोही क्षेत्र के ढकिया तिवारी में श्वांस रोग से पीड़ित 60 वर्षीय मूल बहादुर सिंह सात बीघा खेत में केवल सात क्विंटल गेहूं मिलने पर हिचकियां लेकर रोए तो उनकी सांस उखड़ गई। इस गांव में पहले भी नुकसान प्रभावित दो किसानों की मौत हो चुकी है। इन्हें मिलाकर जिले में अब तक नुकसान से प्रभावित 38 किसानों की मौत हो चुकी है।
केस-एक
हरेवा में खेत पर बिगड़
गई सत्यपाल की हालत
जलालाबाद। गांव हरेवा के निवासी सत्यपाल सोमवार शाम को खेत में कटे पड़े गेहूं की गहाई कराने गए थे। चार बीघा फसल में मात्र एक क्विंटल गेहूं को देखकर वह वहीं गिर गए और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। आसपास खेतों में मौजूद लोगों ने सत्यपाल को संभालने के साथ ही उनके घर पर खबर दी। सूचना पाकर उनकी पत्नी सुशीला अपने बड़े बेटे बबलू को लेकर वहां पहुंची, लेकिन घरवाले जब तक उनको कहीं ले जाने का इंतजाम करते, सत्यपाल की सासें थम गईं। मुखिया की मौत से घर मे कोहराम मच गया। घरवालों के अनुसार सत्यपाल ने खेत की बुआई के समय गांव के ही कुछ लोगों से 22 हजार की रकम उधार ली थी। मृतक के घर में पत्नी सुशीला के अलावा तीन पुत्रियां व दो पुत्रों की कच्ची गृहस्थी है। बड़ा पुत्र मात्र 14 साल का है। बबलू के मुताबिक चार बीघा में फसल करने के साथ ही उसके पिता मजदूरी आदि करके परिवार की गाड़ी खींच रहे थे।
केस-दो
बुजुर्ग मूल बहादुर सिंह
की खेत में थम गईं सांसें
निगोही। खेत में उपज काफी कम होने से क्षेत्र के गांव ढकिया तिवारी निवासी बुजुर्ग मूल बहादुर सिंह की मृत्यु हो गई। घरवालों के अनुसार मूल बहादुर के नाम 11 बीघा कृषि योग्य भूमि है। उन्होंने सात बीघा खेत में गेहूं बुवाई की और उसमें कर्जा लेकर खाद- पानी लगाया ताकि अच्छी उपज हो। ढकिया तिवारी की क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शाखा से 25 हजार रुपये का कर्जा भी लिया था। रविवार को मूलबहादुर ने थ्रेसर से गहाई कराई तो मात्र सात क्विंटल ही गेहूं निकला। कम निकले गेहूं से मूलबहादुर सिर पकड़ कर खेत में ही बैठकर रोने लगे। खाना भी नहीं खाया। सोमवार को दिन भर गुमसुम चारपाई पर ही लेटे रहे और रोते समय सांस उखड़ जाने से उनके प्राण पखेरू उड़ गए। मृतक के 35 वर्षीय विजय कुमार, 30 वर्षीय पिंटू, 25 वर्षीय रिंकू, 20वर्षीय वीरेश, 18 वर्षीय गुड्डू व पोती -पोता का रो-रो कर बुरा हाल है। एसडीएम पद्म सिंह के अनुसार मूल बहादुर श्वांस रोग से पीड़ित थे और उनकी इसी रोग से मृत्यु हुई है।
विज्ञापन
47652 किसानों को मिले
16.85 करोड़ रुपये
शाहजहांपुर। जिले में अब तक फसली नुकसान से प्रभावित 47652 किसानों को 16.85 करोड़ रुपये की राहत राशि के चेक दिए जा चुके हैं। डीएम शुभ्रा सक्सेना ने बताया कि मंगलवार को पुवायां तहसील में 9982 किसानों को 1.93 करोड़ रुपये के चेक बांटे गए। इसी के साथ लेखपालों के माध्यम से प्रभावित किसानों के घर-घर जाकर चेक वितरित कराए जा रहे हैं।
विज्ञापन
केस-एक
हरेवा में खेत पर बिगड़
गई सत्यपाल की हालत
जलालाबाद। गांव हरेवा के निवासी सत्यपाल सोमवार शाम को खेत में कटे पड़े गेहूं की गहाई कराने गए थे। चार बीघा फसल में मात्र एक क्विंटल गेहूं को देखकर वह वहीं गिर गए और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। आसपास खेतों में मौजूद लोगों ने सत्यपाल को संभालने के साथ ही उनके घर पर खबर दी। सूचना पाकर उनकी पत्नी सुशीला अपने बड़े बेटे बबलू को लेकर वहां पहुंची, लेकिन घरवाले जब तक उनको कहीं ले जाने का इंतजाम करते, सत्यपाल की सासें थम गईं। मुखिया की मौत से घर मे कोहराम मच गया। घरवालों के अनुसार सत्यपाल ने खेत की बुआई के समय गांव के ही कुछ लोगों से 22 हजार की रकम उधार ली थी। मृतक के घर में पत्नी सुशीला के अलावा तीन पुत्रियां व दो पुत्रों की कच्ची गृहस्थी है। बड़ा पुत्र मात्र 14 साल का है। बबलू के मुताबिक चार बीघा में फसल करने के साथ ही उसके पिता मजदूरी आदि करके परिवार की गाड़ी खींच रहे थे।
विज्ञापन
केस-दो
बुजुर्ग मूल बहादुर सिंह
की खेत में थम गईं सांसें
निगोही। खेत में उपज काफी कम होने से क्षेत्र के गांव ढकिया तिवारी निवासी बुजुर्ग मूल बहादुर सिंह की मृत्यु हो गई। घरवालों के अनुसार मूल बहादुर के नाम 11 बीघा कृषि योग्य भूमि है। उन्होंने सात बीघा खेत में गेहूं बुवाई की और उसमें कर्जा लेकर खाद- पानी लगाया ताकि अच्छी उपज हो। ढकिया तिवारी की क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शाखा से 25 हजार रुपये का कर्जा भी लिया था। रविवार को मूलबहादुर ने थ्रेसर से गहाई कराई तो मात्र सात क्विंटल ही गेहूं निकला। कम निकले गेहूं से मूलबहादुर सिर पकड़ कर खेत में ही बैठकर रोने लगे। खाना भी नहीं खाया। सोमवार को दिन भर गुमसुम चारपाई पर ही लेटे रहे और रोते समय सांस उखड़ जाने से उनके प्राण पखेरू उड़ गए। मृतक के 35 वर्षीय विजय कुमार, 30 वर्षीय पिंटू, 25 वर्षीय रिंकू, 20वर्षीय वीरेश, 18 वर्षीय गुड्डू व पोती -पोता का रो-रो कर बुरा हाल है। एसडीएम पद्म सिंह के अनुसार मूल बहादुर श्वांस रोग से पीड़ित थे और उनकी इसी रोग से मृत्यु हुई है।
विज्ञापन
47652 किसानों को मिले
16.85 करोड़ रुपये
शाहजहांपुर। जिले में अब तक फसली नुकसान से प्रभावित 47652 किसानों को 16.85 करोड़ रुपये की राहत राशि के चेक दिए जा चुके हैं। डीएम शुभ्रा सक्सेना ने बताया कि मंगलवार को पुवायां तहसील में 9982 किसानों को 1.93 करोड़ रुपये के चेक बांटे गए। इसी के साथ लेखपालों के माध्यम से प्रभावित किसानों के घर-घर जाकर चेक वितरित कराए जा रहे हैं।