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हिरन को छुड़ाने गए वन कर्मियों पर हमलावर हुई महिलाएं
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Tue, 12 Apr 2016 12:29 AM IST
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हिरन को छुड़ाने गए वन कर्मियों पर हमलावर हुई महिलाएं
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संरक्षित प्रजाति के हिरन को बंधक बनाए जाने की सूचना पर गांव नगरा पहुंचे वन कर्मियों पर आरोपी के घर की महिलाएं हमलावर हो उठीं, लेकिन वनकर्मियों ने कमरे में बंद हिरन के बच्चे को मुक्त कराकर इलाज के लिए भिजवाया। इस दौरान मौके पर लोगों की भारी भीड़ लग गई। गांव नगरा के लोगों को जानकारी मिली कि गांव के बशीर के घर में संरक्षित प्रजाति का हिरन बंधक बनाकर रखा गया है। लोगों ने वनकर्मियों को मामले की जानकारी देते हुए कार्रवाई की मांग की। सूचना पाकर खुटार वन चौकी से वन रक्षक कामता प्रसाद वर्मा, वन दरोगा एसपी गौतम, वाचर आदि लेकर गांव नगरा पहुंचे और बशीर के घर धावा बोलकर तलाशी ली तो हिरन नहीं मिला। इस दौरान पुरुष खेत जाने का बहाना कर चले गए और बशीर के परिवार की महिलाएं वनकर्मियों को गाली गलौज करती हुई हमलावर हो उठीं। वनकर्मियों ने घर से बाहर आकर मुखबिर को हिरन नहीं मिलने की बावत बताया तो मुखबिर ने मौके पर आकर खेत में हिरन के पैरों के निशान दिखाए। इसके बाद वनकर्मियों ने बशीर के परिवार की महिलाओं से पुरूषों को मौके पर बुलाने को कहा और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। इस पर एक महिला ने बताया कि हिरन बशीर के भाई आशिक अली के घर पर है। आशिक अली के घर की तलाशी ली गई तो कम आयु का नर हिरन एक कमरे में रस्सियों में जकड़ा मिला। इस दौरान आशिक अली के घर के पुरूष सदस्य भी मौके से खिसक लिए। वनकर्मी लोगों की मदद से हिरन को खुटार वन चौकी लाए। वन रक्षक कामता प्रसाद वर्मा ने बताया कि हिरन घायल अवस्था में मिला है। समझा जाता है कि पकड़े जाने के दौरान हिरन को चोटें आई होंगी। हिरन का इलाज कराने के बाद सेंचुरी क्षेत्र के जंगल में छोड़ दिया जाएगा। हिरन को बंधक बनाने वालों के खिलाफ उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।