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वकीलों ने किया चक्का जाम
पुवायां।
Updated Mon, 14 Dec 2015 11:28 PM IST
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दरोगा पर मारपीट कर अभद्रता करने, रुपये और सोने का लॉकेट छीनने का आरोप लगाते हुए तहसील और सिविल बार संघ के वकीलों ने सोमवार दोपहर दो बजे से शाहजहांपुर-पलिया स्टेट हाइवे पर चक्का जाम कर दिया। बाद में दरोगा के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का आश्वासन मिलने पर शाम पांच बजे जाम समाप्त किया गया।
गांव सिरखिड़ी निवासी वकील सुशील कुमार त्रिपाठी का आरोप है कि उनके गांव के रूपराम पांच दिसंबर को मारपीट में घायल हो गए थे। रविवार रात उनकी मौत हो गई। सोमवार को वह गांव के राजकिशोर के साथ रूपराम की मौत की तहरीर दिलाने थाने गए थे। दरोगा कर्णवीर सिंह उन्हें थाने में मिले और अभद्रता करने लगे। विरोध करने पर गाली गलौज करते हुए गिरेबान पकड़कर धक्का दे दिया और जेब में रखी पांच हजार की नगदी, सोने का लॉकेट छीन लिया। दरोगा ने गले में पड़ा मफलर खींच कर मारने का प्रयास किया और थाने के बाहर भी उनके साथ मारपीट की।
सुशील त्रिपाठी ने सिविल बार संघ के पदाधिकारियों को मामले की जानकारी दी तो तमाम वकील थाने पहुंचे और कोतवाली प्रभारी को मामले की जानकारी दी। बात नहीं बनने पर वकीलों ने राजीव चौक पर चक्का जाम कर दिया। तहसील बार संघ के वकील भी उनके समर्थन में मौके पर पहुंच गए। जाम की जानकारी पाकर एसडीएम सलिल कुमार पटेल, सीओ उमेश शर्मा ने मौके पर पहुंचकर वकीलों से वार्ता की, लेकिन वकीलों ने कहा कि दरोगा का निलंबन कर रूपराम की मौत की रिपोर्ट दर्ज किए जाने के बाद ही जाम समाप्त किया जाएगा।
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इसके बाद मौके पर पहुंचे एएसपी मनीराम यादव ने वकीलों से वार्ता की और पूरे मामले से एसपी बबलू कुमार को अवगत कराया। बाद में मामले की जांच सीओ से कराए जाने और दरोगा के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का आश्वासन मिलने के बाद शाम पांच बजे जाम खोला गया।
दरोगा ने की अभद्रता
मैं दरोगा को रूपराम की मौत की जानकारी देने वादी के साथ थाने गया था। दरोगा कर्णवीर ने मेरे साथ मारपीट की और रुपये, लॉकेट आदि छीन लिया। वकील होने का परिचय देने के बाद भी दरोगा अभद्रता करता रहा। दरोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
- सुशील कुमार त्रिपाठी, अधिवक्ता पुवायां
सारे आरोप गलत
मैंने वकील सुशील त्रिपाठी से कोई अभद्रता नहीं। रूपराम की मौत के मामले में वादी को लाने को कहा गया तो अधिवक्ता ने गाली गलौज करना शुरू कर दिया और अन्य वकीलों को गलत सूचना देकर गुमराह किया। सारे आरोप निराधार हैं।
- कर्णवीर सिंह, एसआई कोतवाली पुवायां
तीन घंटे तक हाइवे जाम होने से परेशान रहे लोग
पुवायां। दरोगा के अभद्रता के मामले में वकीलों ने सोमवार दोपहर दो बजे राजीव चौक पर जाम लगा दिया। एसडीएम और सीओ से वार्ता के बाद भी हल नहीं निकलने पर जाम पांच बजे तक जारी रहा। तीन घंटे तक जाम लगे रहने के कारण खुटार, पुवायां, बंडा और निगोही मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। जाम में रोडवेज की बसें, स्कूल वाहन और तमाम निजी वाहन भी फंस गए। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान जिसने भी वाहन निकालने की कोशिश की उसे वकीलों के कोप का शिकार बनना पड़ा। वकीलों ने कई वाहनों की चाबियां लेकर अपने पास रख ली, इससे लोग दूसरे रास्तों से भी नहीं निकल सके।
वीडियो बनाने वाले को दौड़ाया
पुवायां। जाम की सूचना पाकर सीओ उमेश शर्मा मौके पर पहुंचे तो उनके साथ आए एक सिपाही ने जाम लगा रहे वकीलों की वीडियो रिकार्डिंग शुरू कर दी। यह देख वकीलों ने सिपाही को दौड़ा लिया। वकीलों के विरोध पर वीडियो नहीं बनाई जा सकी। जाम के दौरान पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
कई थानों की फोर्स और पीएसी को बुलाया
पुवायां। वकीलों के चक्का जाम करने की सूचना पर बवाल की आशंका के चलते खुटार सहित कई थानों की पुलिस और पीएसी के जवानों को मौके पर बुला लिया गया। वकीलों ने फोर्स देखकर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। थाने में वार्ता के दौरान भी वकीलों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और पुलिसकर्मियों पर बातचीत का लहजा सही नहीं होने का आरोप लगाया।
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गांव सिरखिड़ी निवासी वकील सुशील कुमार त्रिपाठी का आरोप है कि उनके गांव के रूपराम पांच दिसंबर को मारपीट में घायल हो गए थे। रविवार रात उनकी मौत हो गई। सोमवार को वह गांव के राजकिशोर के साथ रूपराम की मौत की तहरीर दिलाने थाने गए थे। दरोगा कर्णवीर सिंह उन्हें थाने में मिले और अभद्रता करने लगे। विरोध करने पर गाली गलौज करते हुए गिरेबान पकड़कर धक्का दे दिया और जेब में रखी पांच हजार की नगदी, सोने का लॉकेट छीन लिया। दरोगा ने गले में पड़ा मफलर खींच कर मारने का प्रयास किया और थाने के बाहर भी उनके साथ मारपीट की।
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सुशील त्रिपाठी ने सिविल बार संघ के पदाधिकारियों को मामले की जानकारी दी तो तमाम वकील थाने पहुंचे और कोतवाली प्रभारी को मामले की जानकारी दी। बात नहीं बनने पर वकीलों ने राजीव चौक पर चक्का जाम कर दिया। तहसील बार संघ के वकील भी उनके समर्थन में मौके पर पहुंच गए। जाम की जानकारी पाकर एसडीएम सलिल कुमार पटेल, सीओ उमेश शर्मा ने मौके पर पहुंचकर वकीलों से वार्ता की, लेकिन वकीलों ने कहा कि दरोगा का निलंबन कर रूपराम की मौत की रिपोर्ट दर्ज किए जाने के बाद ही जाम समाप्त किया जाएगा।
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इसके बाद मौके पर पहुंचे एएसपी मनीराम यादव ने वकीलों से वार्ता की और पूरे मामले से एसपी बबलू कुमार को अवगत कराया। बाद में मामले की जांच सीओ से कराए जाने और दरोगा के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का आश्वासन मिलने के बाद शाम पांच बजे जाम खोला गया।
दरोगा ने की अभद्रता
मैं दरोगा को रूपराम की मौत की जानकारी देने वादी के साथ थाने गया था। दरोगा कर्णवीर ने मेरे साथ मारपीट की और रुपये, लॉकेट आदि छीन लिया। वकील होने का परिचय देने के बाद भी दरोगा अभद्रता करता रहा। दरोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
- सुशील कुमार त्रिपाठी, अधिवक्ता पुवायां
सारे आरोप गलत
मैंने वकील सुशील त्रिपाठी से कोई अभद्रता नहीं। रूपराम की मौत के मामले में वादी को लाने को कहा गया तो अधिवक्ता ने गाली गलौज करना शुरू कर दिया और अन्य वकीलों को गलत सूचना देकर गुमराह किया। सारे आरोप निराधार हैं।
- कर्णवीर सिंह, एसआई कोतवाली पुवायां
तीन घंटे तक हाइवे जाम होने से परेशान रहे लोग
पुवायां। दरोगा के अभद्रता के मामले में वकीलों ने सोमवार दोपहर दो बजे राजीव चौक पर जाम लगा दिया। एसडीएम और सीओ से वार्ता के बाद भी हल नहीं निकलने पर जाम पांच बजे तक जारी रहा। तीन घंटे तक जाम लगे रहने के कारण खुटार, पुवायां, बंडा और निगोही मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। जाम में रोडवेज की बसें, स्कूल वाहन और तमाम निजी वाहन भी फंस गए। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान जिसने भी वाहन निकालने की कोशिश की उसे वकीलों के कोप का शिकार बनना पड़ा। वकीलों ने कई वाहनों की चाबियां लेकर अपने पास रख ली, इससे लोग दूसरे रास्तों से भी नहीं निकल सके।
वीडियो बनाने वाले को दौड़ाया
पुवायां। जाम की सूचना पाकर सीओ उमेश शर्मा मौके पर पहुंचे तो उनके साथ आए एक सिपाही ने जाम लगा रहे वकीलों की वीडियो रिकार्डिंग शुरू कर दी। यह देख वकीलों ने सिपाही को दौड़ा लिया। वकीलों के विरोध पर वीडियो नहीं बनाई जा सकी। जाम के दौरान पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
कई थानों की फोर्स और पीएसी को बुलाया
पुवायां। वकीलों के चक्का जाम करने की सूचना पर बवाल की आशंका के चलते खुटार सहित कई थानों की पुलिस और पीएसी के जवानों को मौके पर बुला लिया गया। वकीलों ने फोर्स देखकर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। थाने में वार्ता के दौरान भी वकीलों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और पुलिसकर्मियों पर बातचीत का लहजा सही नहीं होने का आरोप लगाया।