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तक्षशिला प्रबंधन पर लगा अवैध वसूली का आरोप
शाहजहांपुर।
Updated Tue, 28 Apr 2015 11:21 PM IST
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विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) जयेश प्रसाद ने तक्षशिला पब्लिक स्कूल के प्रबंधतंत्र पर अभिभावकों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। मानव संसाधन विकास मंत्री को पत्र भेजकर उन्होंने स्कूल में अवैध वसूली किए जाने का आरोप लगाते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
एमएलसी प्रसाद ने मानव संसाधन विकास मंत्री को पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि तक्षशिला पब्लिक स्कूल में शिक्षा के अधिकार कानून का उल्लंघन किया जा रहा है। प्रबंधक और प्रधानाचार्य अभिभावकों से वार्षिक कोर्स मनमाने रेट पर स्कूल में ही उपलब्ध कराते हैं, कक्षा नौ के विद्यार्थियों को जानबूझ कर अधिक संख्या में फेल कर दिया जाता है, जिससे संबंधित अभिभावकों से पुन: प्रवेश, कोर्स और मासिक फीस वसूल की जा सके। इतना ही नहीं नवीन प्रवेश भी मनमाने तरीके से किए जाते हैं। टेस्ट में बच्चों को फेल कर बाद में प्रधानाचार्य और प्रबंधक से साठगांठ कर गोपनीय तरीके से प्रवेश कर लिए जाते हैं। स्कूल में अभिभावकों से प्रत्येक माह डेवलपमेंट के नाम से अवैध वसूली की जाती है और बीपीएल श्रेणी का कोटा भी पूरा नहीं किया जाता।
स्कूल में नियमानुसार ही फीस ली जाती है और बोर्ड के नियम-कानून का पूर्णतया पालन किया जाता है। मनमर्जी से शिक्षण संस्थाएं नहीं चलाई जा सकतीं। कक्षा नौ में जो विद्यार्थी विषय फेल हैं, उनको एक मौका और देकर संबंधित विषय की परीक्षा बोर्ड के निर्देशानुसार ही करा दी गई है, फिर भी यदि छात्र फेल हो जाता है तो उसे कैसे पास किया जा सकता है। अगर ऐसा ही करेंगे, तो परीक्षा का क्या मतलब रह जाएगा।
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- अरुण खंडेलवाल, निदेशक, तक्षशिला पब्लिक स्कूल
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एमएलसी प्रसाद ने मानव संसाधन विकास मंत्री को पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि तक्षशिला पब्लिक स्कूल में शिक्षा के अधिकार कानून का उल्लंघन किया जा रहा है। प्रबंधक और प्रधानाचार्य अभिभावकों से वार्षिक कोर्स मनमाने रेट पर स्कूल में ही उपलब्ध कराते हैं, कक्षा नौ के विद्यार्थियों को जानबूझ कर अधिक संख्या में फेल कर दिया जाता है, जिससे संबंधित अभिभावकों से पुन: प्रवेश, कोर्स और मासिक फीस वसूल की जा सके। इतना ही नहीं नवीन प्रवेश भी मनमाने तरीके से किए जाते हैं। टेस्ट में बच्चों को फेल कर बाद में प्रधानाचार्य और प्रबंधक से साठगांठ कर गोपनीय तरीके से प्रवेश कर लिए जाते हैं। स्कूल में अभिभावकों से प्रत्येक माह डेवलपमेंट के नाम से अवैध वसूली की जाती है और बीपीएल श्रेणी का कोटा भी पूरा नहीं किया जाता।
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स्कूल में नियमानुसार ही फीस ली जाती है और बोर्ड के नियम-कानून का पूर्णतया पालन किया जाता है। मनमर्जी से शिक्षण संस्थाएं नहीं चलाई जा सकतीं। कक्षा नौ में जो विद्यार्थी विषय फेल हैं, उनको एक मौका और देकर संबंधित विषय की परीक्षा बोर्ड के निर्देशानुसार ही करा दी गई है, फिर भी यदि छात्र फेल हो जाता है तो उसे कैसे पास किया जा सकता है। अगर ऐसा ही करेंगे, तो परीक्षा का क्या मतलब रह जाएगा।
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- अरुण खंडेलवाल, निदेशक, तक्षशिला पब्लिक स्कूल