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अधिकारियों के सामने फफक कर रोए सुमेर
खुटार।
Updated Mon, 15 Jun 2015 09:12 PM IST
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सामाजिक कार्यकर्ता और आईजी अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर के सवाल उठाने के बाद डीएम शुभ्रा सक्सेना और एसपी बबलू कुमार को पत्रकार जगेंद्र सिंह के परिवार से मिलने के लिए वक्त निकालना ही पड़ा। सोमवार को दोनों अधिकारी जगेंद्र के घर पहुंचे और परिवार के लोगों से बात कर कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि एक जून को शाहजहांपुर स्थित आवास पर जलने के बाद पत्रकार जगेंद्र सिंह की लखनऊ में इलाज के दौरान आठ जून को मृत्यु हो गई थी। मृत्यु पूर्व बयान में उन्होंने राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा सहित पुलिसकर्मियों और कई अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। जगेंद्र सिंह की मौत के बाद अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ, एडीएम, एसडीएम के अलावा किसी अधिकारी ने मौके पर जाने की जरूरत नहीं समझी थी। 13 जून को आईजी (नागरिक सुरक्षा) अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने जगेंद्र के घर पहुंचकर डीएम, एसपी के अब तक परिवार से न मिलने पर सवाल उठाया था।
सोमवार को डीएम और एसपी जगेंद्र सिंह के घर पहुंचे और परिवार के लोगों से अलग-अलग बात की। जगेंद्र के पिता सुमेर सिंह अधिकारियों से बात करते हुए फफक कर रो पड़े। उन्होंने राज्यमंत्री की बर्खास्तगी, सभी दोषियों को जेल भेजे जाने, परिवार को मदद और जगेंद्र के पुत्रों को नौकरी दिलाने, सुरक्षा के लिए असलहा का लाइसेंस दिए जाने की मांग रखी। सुमेर सिंह ने कहा कि उन्हें राजीनामा करने को लालच दिया जा रहा है, ऐसे दरिंदों से उन्हें नफरत है। न्याय नहीं मिला तो उनका जीना मुश्किल हो जाएगा। पत्नी सुमन ने कहा कि पति की मौत से वह जीते जी मर गई है। उनके पति ने जलने के बाद आखिरी सांस तक जला देने की बात कही, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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बहन लवली सिंह ने सवाल उठाया कि भाई ने दस दिन पहले ही हत्या किए जाने की आशंका जताई थी, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा क्यों नहीं दी? अधिकारी उनके सवाल पर चुप्पी साध गए। डीएम, एसपी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच हो रही है, कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा। डीएम ने कहा कि परिवार की मदद के लिए वह शासन को लिखेंगी। इस दौरान एडीएम पीके श्रीवास्तव, एसडीएम लालबहादुर भी मौजूद रहे।
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गौरतलब है कि एक जून को शाहजहांपुर स्थित आवास पर जलने के बाद पत्रकार जगेंद्र सिंह की लखनऊ में इलाज के दौरान आठ जून को मृत्यु हो गई थी। मृत्यु पूर्व बयान में उन्होंने राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा सहित पुलिसकर्मियों और कई अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। जगेंद्र सिंह की मौत के बाद अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ, एडीएम, एसडीएम के अलावा किसी अधिकारी ने मौके पर जाने की जरूरत नहीं समझी थी। 13 जून को आईजी (नागरिक सुरक्षा) अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने जगेंद्र के घर पहुंचकर डीएम, एसपी के अब तक परिवार से न मिलने पर सवाल उठाया था।
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सोमवार को डीएम और एसपी जगेंद्र सिंह के घर पहुंचे और परिवार के लोगों से अलग-अलग बात की। जगेंद्र के पिता सुमेर सिंह अधिकारियों से बात करते हुए फफक कर रो पड़े। उन्होंने राज्यमंत्री की बर्खास्तगी, सभी दोषियों को जेल भेजे जाने, परिवार को मदद और जगेंद्र के पुत्रों को नौकरी दिलाने, सुरक्षा के लिए असलहा का लाइसेंस दिए जाने की मांग रखी। सुमेर सिंह ने कहा कि उन्हें राजीनामा करने को लालच दिया जा रहा है, ऐसे दरिंदों से उन्हें नफरत है। न्याय नहीं मिला तो उनका जीना मुश्किल हो जाएगा। पत्नी सुमन ने कहा कि पति की मौत से वह जीते जी मर गई है। उनके पति ने जलने के बाद आखिरी सांस तक जला देने की बात कही, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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बहन लवली सिंह ने सवाल उठाया कि भाई ने दस दिन पहले ही हत्या किए जाने की आशंका जताई थी, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा क्यों नहीं दी? अधिकारी उनके सवाल पर चुप्पी साध गए। डीएम, एसपी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच हो रही है, कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा। डीएम ने कहा कि परिवार की मदद के लिए वह शासन को लिखेंगी। इस दौरान एडीएम पीके श्रीवास्तव, एसडीएम लालबहादुर भी मौजूद रहे।