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सात महीने बाद भी नहीं धरे गए सोनपाल के हत्यारे
खुटार।
Updated Wed, 14 Jan 2015 11:53 PM IST
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क्षेत्र के चर्चित सोनपाल हत्याकांड के कथित खुलासे के सात माह बाद भी दो आरोपियों का पुलिस पता तक नहीं तलाश कर सकी है। इससे पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।
गौरतलब है कि खुटार निवासी बोलेरो चालक सोनपाल 16 जून को बुकिंग पर वाहन को लेकर नैनीताल गया था। उसके वापस नहीं आने पर पिता की ओर से 23 जून को गांव हीरपुर निवासी हरजिंदर सिंह के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में तत्कालीन एसओ रजी अहमद को निलंबित कर दिया गया था।
अधिकारियों ने खुटार में राजेश सिंह को बतौर एसओ तैनात कर घटना के खुलासे और आरोपियों को जेल भेजने के निर्देश दिए थे। लेकिन उन्होंने पहले से ही पुलिस गिरफ्त में रहे हरजिंदर को ही मुख्य आरोपी बताकर घटना का कथित पर्दाफाश कर दिया था। राजेश सिंह के अनुसार हरजिंदर सिंह ने बोलेरो लूटने की नियत से सोनपाल की हत्या की थी। हत्या में हरजिंदर का नौकर नौकर जोगेंद्र और भीरा निवासी उसके रिश्तेदार निक्कू और रंजीत भी शामिल थे।
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पुलिस ने हरजिंदर और जोगेंद्र को जेल भेज दिया था। भीरा के निक्कू और रंजीत के बारे में पुलिस अभी तक कुछ भी पता नहीं लगा सकी है। सात माह बाद भी मामला जहां का तहां अटका होने से पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं।
एक आरोपी की तलाश में कई बार दबिश दी जा चुकी है, जबकि दूसरे का पता नहीं चल रहा है। पुलिस गिरफ्तारी के लिए पूरा प्रयास कर रही है।
-राजेश सिंह एसओ खुटार
गौरतलब है कि खुटार निवासी बोलेरो चालक सोनपाल 16 जून को बुकिंग पर वाहन को लेकर नैनीताल गया था। उसके वापस नहीं आने पर पिता की ओर से 23 जून को गांव हीरपुर निवासी हरजिंदर सिंह के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में तत्कालीन एसओ रजी अहमद को निलंबित कर दिया गया था।
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अधिकारियों ने खुटार में राजेश सिंह को बतौर एसओ तैनात कर घटना के खुलासे और आरोपियों को जेल भेजने के निर्देश दिए थे। लेकिन उन्होंने पहले से ही पुलिस गिरफ्त में रहे हरजिंदर को ही मुख्य आरोपी बताकर घटना का कथित पर्दाफाश कर दिया था। राजेश सिंह के अनुसार हरजिंदर सिंह ने बोलेरो लूटने की नियत से सोनपाल की हत्या की थी। हत्या में हरजिंदर का नौकर नौकर जोगेंद्र और भीरा निवासी उसके रिश्तेदार निक्कू और रंजीत भी शामिल थे।
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पुलिस ने हरजिंदर और जोगेंद्र को जेल भेज दिया था। भीरा के निक्कू और रंजीत के बारे में पुलिस अभी तक कुछ भी पता नहीं लगा सकी है। सात माह बाद भी मामला जहां का तहां अटका होने से पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं।
एक आरोपी की तलाश में कई बार दबिश दी जा चुकी है, जबकि दूसरे का पता नहीं चल रहा है। पुलिस गिरफ्तारी के लिए पूरा प्रयास कर रही है।
-राजेश सिंह एसओ खुटार