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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Six people in culpable homicide, 10 years' imprisonment

गैर इरादतन हत्या में छह लोगों को 10 साल की कैद

Sun, 23 Oct 2016 12:01 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर Updated Sun, 23 Oct 2016 12:01 AM IST
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पुराने मुकदमेबाजी में लाठी-डंडे और नाजायज असलहों से दूसरे पक्ष के तीन लोगों को घायल कर देने एवं उनमें एक की उपचार के दौरान मौत हो जानेे के मामले की सुनवाई पूरी करते हुए शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय अनिल कुमार पांडेय ने एक ही परिवार के छह सदस्यों (राजवीर यादव, ऋषिपाल यादव, सत्यपाल यादव, वीरेंद्र यादव, सतेंद्र यादव और अनिल यादव) को धारा 147, 148, 149, 304 और 308 के तहत दोषी सिद्ध मानते हुए 10 -10 साल की कैद और 18 - 18 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वसूली जाने वाली जुर्माना राशि की आधी रकम वादी बहार पाल सिंह और घटना में चुटैल हुए कलट्टर व ओमकार को अदा करने का निर्देश दिया। घटना जैतीपुर थाना क्षेत्र के गांव बिहारीपुर खुर्द में 15 दिसंबर 2009 की शाम पांच बजे हुई थी। राजवीर यादव और बहार पाल सिंह के परिवारों के बीच पुरानी मुकदमेबाजी की रंजिश थी। शाम को बहार पाल का भाई ओम प्रकाश, कलट्टर सिंह और ओमकार बाइक से घर लौट रहे थे। गांव में वह जैसे ही राजवीर के खेत के पास पहुंचे तो वहां पहले घात लगाए बैठे राजवीर, ऋषिपाल, सत्यपाल, जोगेंद्र, वीरेंद्र, सतेंद्रल और अनिल ने उन्हें टोकते हुए रोका और गालियां देने लगे। वे तीनों कुछ समझ पाते तब तक दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों से वार करना शुरू कर दिया। ओम प्रकाश और कलट्टर मौके पर ही जमीन पर गिर पड़े और अचेत हो गए। गांव के दूसरे लोगों ने मौके पर पहुंचकर हमलावरों को ललकारा तो वह सब जान से मार डालने की धमकी देते हुए मौके से भाग निकले। तीन घायलों को लेकर बहार पाल रात साढ़े आठ बजे थाने पहुंचे और उनकी तहरीर पर धारा 147, 148, 308, 323, 504 और 506 में केस दर्ज किया गया। घायलों को अस्पताल भेजा गया जहां उपचार के दौरान ओम प्रकाश की मौत होने पर यह केस धारा 304 में तरमीम कर दिया गया। विवेचना एसआई वीरपाल सिंह को सौंपी गई। विवेचक ने साक्ष्यों और दस्तावेजों के साथ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। विवेचना के दौरान एक आरोपी जोगेंद्र की मौत हो गई। सरकारी वकील उमेश गुर्जर की ओर से कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई के दौरान कुल नौ गवाह पेश किये गए। सभी गवाहों के बयान और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्क को सुनने के बाद शनिवार को न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया।
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