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बैंक खाते से 1.38 हजार रुपये गबन करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो तिलहर/गढ़िया रंगीन।
Updated Sun, 13 Nov 2016 11:09 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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गांव बिरियाकलां निवासी श्रीपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर लोहिया आवास योजना के तहत लाभार्थी के बैंक खाते से दूसरी किस्त के एक लाख 38 हजार रुपये ग्राम प्रधान व शाखा प्रबंधक की मिलीभगत से निकाल लिए जाने का आरोप लगाते हुए जांच कराकर दोषियों को दंडित किए जाने की मंाग की है।
पत्र में कहा गया है कि पात्रता सूची के आधार पर लोहिया आवास के लिए तीन लाख पांच हजार रुपये स्वीकृत हुआ था। इसमें पहली किस्त के रूप में बैंक आफ बड़ौदा बुधवाना शाखा से एक लाख 37 हजार रुपये उसने स्वयं बैंक खाते से निकाला था। आरोप है कि बाद में एक लाख 38 हजार रुपये शाखा प्रबंधक व ग्राम प्रधान ने मिलीभगत से साठगंाठ करके निकाल लिए। रुपये निकलने का पता चलने पर जब शाखा प्रबंधक व प्रधान से कहा तब दोनों हमलावर हो गए। पीड़ित श्रीपाल का आरोप है कि जालसाजी से रुपये हड़प लिए जाने की शिकायत तमाम अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन दो माह बीत जाने के बाद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। श्रीपाल ने मुख्यमंत्री से मामले की जांच कराकर दोषियों को दंडित किए जाने की मांग की है। प्रधान राधिका देवी ने इस आरोप को निराधार बताया। वहीं बैंक शाखा प्रबंधक मृदांग का कहना है कि खातेदार श्रीपाल के द्वारा की गई शिकायतों के आधार पर रीजनल आफिस से जंाच आई हुई है। जांच में प्रथम दृष्टया खातेदार द्वारा ही धन आहरण किया जाना पाया गया है। आगे की जांच के बाद ही सही निष्कर्ष निकलेगा।
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पत्र में कहा गया है कि पात्रता सूची के आधार पर लोहिया आवास के लिए तीन लाख पांच हजार रुपये स्वीकृत हुआ था। इसमें पहली किस्त के रूप में बैंक आफ बड़ौदा बुधवाना शाखा से एक लाख 37 हजार रुपये उसने स्वयं बैंक खाते से निकाला था। आरोप है कि बाद में एक लाख 38 हजार रुपये शाखा प्रबंधक व ग्राम प्रधान ने मिलीभगत से साठगंाठ करके निकाल लिए। रुपये निकलने का पता चलने पर जब शाखा प्रबंधक व प्रधान से कहा तब दोनों हमलावर हो गए। पीड़ित श्रीपाल का आरोप है कि जालसाजी से रुपये हड़प लिए जाने की शिकायत तमाम अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन दो माह बीत जाने के बाद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। श्रीपाल ने मुख्यमंत्री से मामले की जांच कराकर दोषियों को दंडित किए जाने की मांग की है। प्रधान राधिका देवी ने इस आरोप को निराधार बताया। वहीं बैंक शाखा प्रबंधक मृदांग का कहना है कि खातेदार श्रीपाल के द्वारा की गई शिकायतों के आधार पर रीजनल आफिस से जंाच आई हुई है। जांच में प्रथम दृष्टया खातेदार द्वारा ही धन आहरण किया जाना पाया गया है। आगे की जांच के बाद ही सही निष्कर्ष निकलेगा।
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