फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Rigging of stall Trying to grab land

हेराफेरी कर गौशाला की भूमि हड़पने की कोशिश

Fri, 31 Jul 2015 11:25 PM IST
शाहजहांपुर
शाहजहांपुर Updated Fri, 31 Jul 2015 11:25 PM IST
विज्ञापन
Rigging of stall Trying to grab land
शहर के मिश्रीपुर इलाके में स्थित रामबाग की श्रीगोपाल गौशाला को शहर के एक उद्योगपति द्वारा चार दशक पहले दान की गई करीब आठ बीघा जमीन और बाग पर कुछ लोग कब्जा के प्रयास में जुटे हैं। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर गौशाला की देखरेख करने वाले भोलागंज के व्यापारी शुक्रवार को भड़क उठे। उन्होंने डीएम शुभ्रा सक्सेना और एसपी बबलू कुमार को ज्ञापन देकर गौशाला की संपत्ति बचाने की मांग की। डीएम ने राजस्व विभाग से जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। एसपी ने आश्वस्त किया कि किसी अदालती निर्णय अथवा निर्देश के बगैर दूसरे पक्ष को गौशाला की जमीन पर कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।
विज्ञापन

व्यापारियों के साथ गए उद्योगपति एवं व्यापार मंडल कंछल गुट के प्रदेश मंत्री नारायण दास अग्रवाल ने अफसरों को बताया कि सदर तहसील के अभिलेखों में मिश्रीपुर की गाटा संख्या 12 की 0.2230 हेक्टेयर जमीन सह खातेदार के तौर पर उनके पिता स्व. श्याम लाल निवासी दलेलगंज के नाम दर्ज थी। इस जमीन के अन्य खातेदारों में उनके चाचा ईश्वर प्रकाश पुत्र मंगलसेन और मदन लाल पुत्र बद्री प्रसाद निवासी दलेलगंज के नाम तत्कालीन खसरा-खतौनी में चढ़े थे।
विज्ञापन

अधिकारियों को नारायण दास ने बताया कि पिता स्व. श्याम लाल ने अपने हिस्से की करीब आठ बीघा जमीन गौशाला को दान कर दी थी। गौवंश की रक्षा करने के उद्देश्य से उसी जमीन पर श्रीगोपाल गौशाला कायम की गई। इस समय वहां 160 से अधिक गायें पाली जा रही हैं। इसकी देखरेख और गायों की सेवा भोलागंज के कई उद्योगपति और व्यापारी अपने स्तर से कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

अफसरों को बताया गया कि गौशाला को दान दी गई जमीन छल-कपट करके हड़पने के लिए मोहल्ला फतेहपुर रेती के एक व्यक्ति ने अभिलेखों में हेराफेरी करके अपने नाम दर्ज करा ली, जबकि वह व्यक्ति जमीन के वास्तविक स्वामी अथवा उनके एकमात्र उत्तराधिकारी नारायण दास का न तो पारिवारिक है और न ही रिश्तेदार। इस मामले में थाना रामचंद्र मिशन में आरोपी के खिलाफ तहरीर देने पर भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।

ज्ञापन के साथ दिया स्वामित्व का प्रमाण
ज्ञापन के साथ प्रमाण के तौर पर फसली सन 1369 के खतौनी प्रपत्र की प्रमाणित नकल भी संलग्न की गई है। व्यापारियों को सुनने और उनके प्रमाण देखने के बाद डीएम ने आश्वस्त किया कि राजस्व विभाग से जांच करके दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने भी भरोसा दिया कि किसी अदालती निर्णय और स्पष्ट आदेश के बगैर दूसरे पक्ष को कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।


एसपी ने जैविक संयंत्र लगाने का दिया सुझाव
व्यापारियों से ज्ञापन लेकर एसपी बबलू कुमार ने उन्हें संतुष्ट करने के साथ सुझाव दिया कि गौशाला की संपत्ति में शामिल अतिरिक्त भूमि गोबर से जैविक खाद और बायो गैस बनाने वाले संयंत्र लगा दिए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे अतिरिक्त भूमि का सदुपयोग हो सकेगा और उससे होने वाली आय गौशाला की व्यवस्थाओं पर खर्च की जा सकेगी। शिष्टमंडल में शामिल रामचंद्र सिंघल, हरि किशोर गुप्ता, मुकेश कुमार, अजय कुमार, दामोदर दास, अशोक अग्रवाल, ओमप्रकाश, मुकुल अग्रवाल, निखिल कुमार, मनोज गोयल, अंशुमान अग्रवाल आदि ने भी सुझाव पर सहमति जाहिर की।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed