फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   RAM ASREY Crime Branch began to arrest

रामआसरे की गिरफ्तारी के लिए लगी क्राइम ब्रांच

Tue, 29 Sep 2015 12:03 AM IST
मिर्जापुर।
मिर्जापुर। Updated Tue, 29 Sep 2015 12:03 AM IST
विज्ञापन
RAM ASREY Crime Branch began to arrest
गांव बख्तारगंज में शनिवार को पिता-पुत्र की हत्या के बाद नामजद शातिर अपराधी रामआसरे और उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच और पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं। पुलिस टीमें फर्रुखाबाद, एटा, हरदोई, बदायूं आदि जिलों में संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रहीं हैं। पुलिस ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बनाने के लिए कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
विज्ञापन



29 की उम्र में किया था पहला
अपराध, मां ने दिया था साथ
पृथ्वीपुर ढाई ग्राम पंचायत के मजरा बख्तावरगंज (लुखड़पुरा) में शनिवार को पिता-पुत्र की हत्या करने वाले ए क्लास हिस्ट्रीशीटर रामआसरे यादव ने 29 वर्ष की उम्र में अपराध की दुनिया में प्रवेश किया। उसने सबसे पहले गांव के छोटेलाल को चाकू से गोदकर मरणासन्न कर दिया था। इस घटना में उसकी मां ने उसका साथ दिया था।
विज्ञापन

एसओ प्रभुकांत ने बताया कि बख्तावरगंज गांव निवासी जंगीसिंह यादव के घर वर्ष 1963 में जन्में रामआसरे ने अपराध की शुरूआत अपने गांव से ही की थी। उसके विरूद्ध वर्ष 1992 मे गांव के छोटेलाल पुत्र छेदालाल की हत्या के प्रयास का पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। वर्ष 1995 में रामआसरे ने अपने साथियों के साथ ढाईगांव मे त्यागीजी महाराज के आश्रम में पुलिस कांस्टेबिल रमेश कुमार पर गोली चलाकर जानलेवा हमला किया। वर्ष 1998 मे उसने गांव के ही अमरसिंह के साथ लूट की घटना को अंजाम दिया था। वर्ष 2002 में दो हत्याएं करने के बाद वह कुख्यात बड़ेलल्ला-रानी ठाकुर गैंग में शामिल होकर शातिर अपराधी बन गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

थाने के अपराध रजिस्टर के अनुसार उसके विरूद्ध हत्या, लूट, बलात्कार, हत्या के प्रयास, एनडीपीएस, गैंगस्टर, आम्र्स एक्ट सहित 19 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने आखिरी बार वर्ष 2007 में रामआसरे के विरूद्ध गैंगस्टर की कार्रवाई की थी, जिसमें जमानत करवाने के बाद से हाजिर न्यायालय नहीं हुआ है।



आसान नहीं रामआसरे की गिरफ्तारी
पुलिस का मानना है कि कुख्यात बड़ेलल्ला-रानी ठाकुर गैंग का सक्रिय सदस्य रहा शातिर अपराधी रामआसरे यादव के खुले रहने से समाज को भारी खतरा है। उसकी शीघ्र गिरफ्तारी की जायेगी। जबकि लोगों का मानना है कि शातिर दिमाग रामआसरे को गिरफ्तार करना पुलिस के लिए आसान नहीं है। वह कटरी के चप्पे-चप्पे को जानता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed