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पुवायां के मंझले राजा ने खुद को गोली से उड़ाया
पुवायां (शाहजहांपुर)
Updated Fri, 30 Jan 2015 12:14 AM IST
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लखनऊ के गोमती नगर क्षेत्र में आर्मी से रिटायर्ड विंग कमांडर और पुवायां (शाहजहांपुर) के मंझले राजा अभय सिंह (72) ने बृहस्पतिवार सुबह बेडरूम में अपनी लाइसेंसी पिस्टल कनपटी से सटाकर खुद को गोली मार ली। फायर की आवाज सुनकर पत्नी व नौकर दौड़े। बेड पर अभय सिंह का खून से लथपथ शव और पास में लाइसेंसी पिस्टल पड़ी थी। कमरे से सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने खुदकुशी के जिक्र के साथ शरीर केजीएमयू को दान करने की बात लिखी थी।
पुलिस के मुताबिक, गोमतीनगर विश्वास खंड में रहने वाले अभय सिंह ने बृहस्पतिवार सुबह 10:15 बजे अपने बेडरूम में खुद को गोली से उड़ा लिया। दूसरे कमरे में टीवी देख रही पत्नी आशा सिंह दौड़ी। घर में काम कर रहे नौकर रामसजीवन, सुनील व गुड़िया भी कमरे में पहुंचे। बेड पर अभय खून से लथपथ पड़े थे। रामसजीवन ने पुलिस कंट्रोलरूम फोन किया। पुलिस के पहुंचने से पहले अभय सिंह दम तोड़ चुके थे। पुलिस ने कमरे में छानबीन के साथ आशा व नौकरों से तहकीकात की। बेड पर पड़ा लाइसेंसी पिस्टल कब्जे में लिया और शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। कमरे से सुसाइड नोट मिला। मंझले राजा के नाम से प्रसिद्ध अभय ने सुसाइड नोट में अंग्रेजी में लिखा था कि ‘मैं खुदकुशी कर रहा हूं, इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। मेरे मरने बाद शव केजीएमयू के एनाटॉमी विभाग को दान कर दिया जाए’। उनका पिस्टल बेड पर मिला और फर्श पर दो खोखे पड़े थे। पुलिस ने आशा सिंह से जानकारी लेने के बाद मुंबई में गोदरेज कंपनी में कार्यरत उनके बेटे अनिरुद्ध व दिल्ली में एनजीओ चलाने वाले छोटे बेटे अक्षय को फोन पर मौत की सूचना दी।
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पुलिस के मुताबिक, गोमतीनगर विश्वास खंड में रहने वाले अभय सिंह ने बृहस्पतिवार सुबह 10:15 बजे अपने बेडरूम में खुद को गोली से उड़ा लिया। दूसरे कमरे में टीवी देख रही पत्नी आशा सिंह दौड़ी। घर में काम कर रहे नौकर रामसजीवन, सुनील व गुड़िया भी कमरे में पहुंचे। बेड पर अभय खून से लथपथ पड़े थे। रामसजीवन ने पुलिस कंट्रोलरूम फोन किया। पुलिस के पहुंचने से पहले अभय सिंह दम तोड़ चुके थे। पुलिस ने कमरे में छानबीन के साथ आशा व नौकरों से तहकीकात की। बेड पर पड़ा लाइसेंसी पिस्टल कब्जे में लिया और शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। कमरे से सुसाइड नोट मिला। मंझले राजा के नाम से प्रसिद्ध अभय ने सुसाइड नोट में अंग्रेजी में लिखा था कि ‘मैं खुदकुशी कर रहा हूं, इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। मेरे मरने बाद शव केजीएमयू के एनाटॉमी विभाग को दान कर दिया जाए’। उनका पिस्टल बेड पर मिला और फर्श पर दो खोखे पड़े थे। पुलिस ने आशा सिंह से जानकारी लेने के बाद मुंबई में गोदरेज कंपनी में कार्यरत उनके बेटे अनिरुद्ध व दिल्ली में एनजीओ चलाने वाले छोटे बेटे अक्षय को फोन पर मौत की सूचना दी।
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