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करुण क्रंदन देख-सुनकर स्तब्ध रह गया हर कोई
शाहजहांपुर
Updated Sat, 20 Dec 2014 12:33 AM IST
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सिंधौली क्षेत्र में मैक्स वाहन और ट्रक दुर्घटना में नौ लोगों के मरने और दस लोगों के घायल होने की खबर फैलते ही तमाम लोग जिला अस्पताल में पहुंच गए। दुर्घटना की खबर मिलने पर मृतकों और घायलों के घरवालों का करुण क्रंदन देख-सुनकर वहां पर मौजूद हर कोई स्तब्ध रह गया।
मॉर्च्युरी के आसपास तमाम लोग फूट-फूटकर रो रहे थे। किसी का पिता मरा था, तो किसी का भाई। किसी का बेटा मरा था तो किसी का पति। वहां पर यह भी नहीं पता कि किस मृतक का घरवाले कौन थे। बस सब रोए जा रहे थे। साथ ही एक-दूसरे को संभाल भी रहे थे। मृतकों के घरवालों के साथ अस्पताल में पहुंचे पास-पड़ोसी और रिश्तेदारों की आंखें भी नम थीं। वे लोग अपने आंसुओं को छिपाए रोते हुए लोगों को चुप कराने का प्रयास कर रहे थे। घटना होने की बात सुनकर मौके पर पहुंचे तमाम लोगों की आंखों से आंसू निकलने लगे। ऐसे कुछ लोगों से पूछा कि आप किसके साथ हैं, इस पर बोले कि वे बस देखने के लिए चले आए।
‘आप लोग भीड़ क्यों लगाए हैं? यहां से जाएं’
जवान बेटे को खोने का गम एक मां से ज्यादा और कोई नहीं समझ सकता। पुवायां तहसील में कंप्यूटर आपरेटर पद पर संविदा पर कार्यरत शहर में मल्हार टाकीज के पास रहने वाले विनीत पुत्र संतोष कुमार की मौत की खबर सुनते ही उसकी मां चंद्रकांता बदहवास हो र्गइं। वह बार-बार लोगों से एक ही बात कह रही थी कि ‘आप लोग भीड़ क्यों लगाए हैं? जाइए यहां से’। उन्हें लोगों ने ढाढ़स बंधाने की कोशिश की तो वह बिफर पड़ीं। बेटे को किसी अच्छे अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज करवाने के लिए नगर विधायक सुरेश कुमार खन्ना को फोन करने लगीं।
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मृतकों में तीन लेखपाल, एक कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल
शाहजहांपुर। सिंधौली में हुई सड़क दुर्घटना में मरने वालों में राजस्व विभाग के तीन लेखपाल और एक कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल था। इससे राजस्व विभाग को भारी झटका लगा है। जिला अस्पताल में विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचकर मृतकों के घरवालों को ढांढस बंधाते रहे।
घना कोहरा होने के बावजूद सभी सरकारी कर्मचारियों को समय से कार्यालय में पहुंचने की जल्दी थी। जल्दी की वजह से बंडा में कार्यरत कानूनगो नरसिंह, पुवायां में कंप्यूटर आफिस में अटैच चल रहे लेखपाल अशोक कुमार और रजनीश के साथ ही पुवायां तहसील में कार्यरत कंप्यूटर आपरेटर विनीत कुमार डग्गामार मैक्स वाहन में बैठ गए। उन लोगों को नहीं मालूम था कि यह उनकी अंतिम यात्रा है। विभाग के लोगों के मरने की सूचना तहसील में पहुंची तो वहां कार्यरत तमाम कर्मचारी कामकाज छोड़कर जिला अस्पताल पहुंच गए।
प्रशासनिक अधिकारी और नेताओं ने दिया दिलासा
शाहजहांपुर। सड़क दुर्घटना में नौ लोगों के मरने और दस लोगों के घायल होने की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल में प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। डीएम शुभ्रा सक्सेना, सिटी मजिस्ट्रेट कमलेश द्विवेदी, एसडीएम सदर जयनाथ सिंह यादव और अन्य कई प्र्रशासनिक अधिकारी दिन भर वहां पर जमे रहे।
डीएम पौने एक बजे के करीब जिला अस्पताल पहुंची। उन्होंने सबसे पहले इमरजेंसी के बारे में जानकारी ली। इसके बाद घायलों से मिलकर उन्हें दिलासा दिया। बाद में मृतकों के घरवालों से मिलकर उन्हें ढाढ़स बंधाया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मृतकों की फाइल एक सप्ताह के अंदर तैयार करवाने और घायलों का समुचित इलाज मुफ्त में कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही एसपी राकेश चंद्र साहू, एएसपी ग्रामीण आशाराम यादव, सीओ सिटी राजेश्वर सिंह आदि पुलिस अधिकारियों ने भी परेशान लोगों को शांत करने का प्रयास किया।
सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। इसके बाद वरिष्ठ सपा नेता उपेंद्र सिंह, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह, बसपा के जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह, सपा नेता रिंकू यादव, जिला पंचायत सदस्य नीरज मिश्रा आदि मौजूद रहे।
शुक्रवार को हुए हादसे में यह लोग हुए घायल
सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों में वीरपाल (35), विकास मिश्रा (27), इकरार (40), रईस (31), पारुल शर्मा (20), भावना मिश्रा (20), कृपाशंकर शर्मा (47), हाफिज सत्तार (40) और ड्राइवर विनोद (28) शामिल रहे। एक अन्य घायल सिंधौली के कस्तूरबा विद्यालय का रसोइया रमेश है। इनमें से रईस, पारुल, भावना, कृपाशंकर और हाफिज सत्तार को बरेली रेफर किया गया है।
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मॉर्च्युरी के आसपास तमाम लोग फूट-फूटकर रो रहे थे। किसी का पिता मरा था, तो किसी का भाई। किसी का बेटा मरा था तो किसी का पति। वहां पर यह भी नहीं पता कि किस मृतक का घरवाले कौन थे। बस सब रोए जा रहे थे। साथ ही एक-दूसरे को संभाल भी रहे थे। मृतकों के घरवालों के साथ अस्पताल में पहुंचे पास-पड़ोसी और रिश्तेदारों की आंखें भी नम थीं। वे लोग अपने आंसुओं को छिपाए रोते हुए लोगों को चुप कराने का प्रयास कर रहे थे। घटना होने की बात सुनकर मौके पर पहुंचे तमाम लोगों की आंखों से आंसू निकलने लगे। ऐसे कुछ लोगों से पूछा कि आप किसके साथ हैं, इस पर बोले कि वे बस देखने के लिए चले आए।
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‘आप लोग भीड़ क्यों लगाए हैं? यहां से जाएं’
जवान बेटे को खोने का गम एक मां से ज्यादा और कोई नहीं समझ सकता। पुवायां तहसील में कंप्यूटर आपरेटर पद पर संविदा पर कार्यरत शहर में मल्हार टाकीज के पास रहने वाले विनीत पुत्र संतोष कुमार की मौत की खबर सुनते ही उसकी मां चंद्रकांता बदहवास हो र्गइं। वह बार-बार लोगों से एक ही बात कह रही थी कि ‘आप लोग भीड़ क्यों लगाए हैं? जाइए यहां से’। उन्हें लोगों ने ढाढ़स बंधाने की कोशिश की तो वह बिफर पड़ीं। बेटे को किसी अच्छे अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज करवाने के लिए नगर विधायक सुरेश कुमार खन्ना को फोन करने लगीं।
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मृतकों में तीन लेखपाल, एक कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल
शाहजहांपुर। सिंधौली में हुई सड़क दुर्घटना में मरने वालों में राजस्व विभाग के तीन लेखपाल और एक कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल था। इससे राजस्व विभाग को भारी झटका लगा है। जिला अस्पताल में विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचकर मृतकों के घरवालों को ढांढस बंधाते रहे।
घना कोहरा होने के बावजूद सभी सरकारी कर्मचारियों को समय से कार्यालय में पहुंचने की जल्दी थी। जल्दी की वजह से बंडा में कार्यरत कानूनगो नरसिंह, पुवायां में कंप्यूटर आफिस में अटैच चल रहे लेखपाल अशोक कुमार और रजनीश के साथ ही पुवायां तहसील में कार्यरत कंप्यूटर आपरेटर विनीत कुमार डग्गामार मैक्स वाहन में बैठ गए। उन लोगों को नहीं मालूम था कि यह उनकी अंतिम यात्रा है। विभाग के लोगों के मरने की सूचना तहसील में पहुंची तो वहां कार्यरत तमाम कर्मचारी कामकाज छोड़कर जिला अस्पताल पहुंच गए।
प्रशासनिक अधिकारी और नेताओं ने दिया दिलासा
शाहजहांपुर। सड़क दुर्घटना में नौ लोगों के मरने और दस लोगों के घायल होने की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल में प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। डीएम शुभ्रा सक्सेना, सिटी मजिस्ट्रेट कमलेश द्विवेदी, एसडीएम सदर जयनाथ सिंह यादव और अन्य कई प्र्रशासनिक अधिकारी दिन भर वहां पर जमे रहे।
डीएम पौने एक बजे के करीब जिला अस्पताल पहुंची। उन्होंने सबसे पहले इमरजेंसी के बारे में जानकारी ली। इसके बाद घायलों से मिलकर उन्हें दिलासा दिया। बाद में मृतकों के घरवालों से मिलकर उन्हें ढाढ़स बंधाया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मृतकों की फाइल एक सप्ताह के अंदर तैयार करवाने और घायलों का समुचित इलाज मुफ्त में कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही एसपी राकेश चंद्र साहू, एएसपी ग्रामीण आशाराम यादव, सीओ सिटी राजेश्वर सिंह आदि पुलिस अधिकारियों ने भी परेशान लोगों को शांत करने का प्रयास किया।
सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। इसके बाद वरिष्ठ सपा नेता उपेंद्र सिंह, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह, बसपा के जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह, सपा नेता रिंकू यादव, जिला पंचायत सदस्य नीरज मिश्रा आदि मौजूद रहे।
शुक्रवार को हुए हादसे में यह लोग हुए घायल
सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों में वीरपाल (35), विकास मिश्रा (27), इकरार (40), रईस (31), पारुल शर्मा (20), भावना मिश्रा (20), कृपाशंकर शर्मा (47), हाफिज सत्तार (40) और ड्राइवर विनोद (28) शामिल रहे। एक अन्य घायल सिंधौली के कस्तूरबा विद्यालय का रसोइया रमेश है। इनमें से रईस, पारुल, भावना, कृपाशंकर और हाफिज सत्तार को बरेली रेफर किया गया है।