{"_id":"5ab66dff4f1c1b21578b6501","slug":"life-imprisonment-for-10-in-double-murder-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"दोहरे हत्याकांड में सगे भाइयों सहित दस लोगों को उम्रकैद ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दोहरे हत्याकांड में सगे भाइयों सहित दस लोगों को उम्रकैद
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,शाहजहांपुर
Updated Sat, 24 Mar 2018 08:55 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निगोही क्षेत्र के गांव बनासदेवी में वर्ष 2013 में हुए दोहरे हत्याकांड के मुकदमे की सुनवाई के दौरान षष्ठम् अपर सत्र न्यायाधीश फराह मतलूब ने दस आरोपियों को दोष सिद्ध होने पर उम्रकैद की सजा और 1.35-1.35 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माने की कुल धनराशि में से मृतकों के आश्रितों को तीन-तीन लाख रुपये व घायल को 50 हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति दिलाए जाने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
वादी सर्वेश कुमार सिंह के गांव में ग्राम समाज की भूमि पर खड़े पेड़ों को गलत तरीके से काटने के संबंध में ब्लॉक निगोही के कर्मचारी नौ अप्रैल 2013 को जांच करने आए थे। जांच के दौरान उसके भाई सतीश पुत्र श्रीपाल, वीरेश पुत्र राजपाल सिंह व गांव के लोगों ने जानकारी जांचकर्ताओं को दी थी। इसी रंजिश के कारण दस अप्रैल 2013 की रात आठ बजे उसके गांव के धर्मेंद्र, पप्पू (सगे भाई), लालता प्रसाद, राजेश(सगे भाई) व धर्मवीर, जदुनाथ, संजीव, राजकुमार, बाबूराम, बलराम ने उसे व भाई सतीश, भांजे वीरेश व चचेरे भाई अखिलेश को गांव के दीनदयाल की परचून की दुकान के सामने घेर लिया और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर इन लोगों ने एक राय होकर अपने हाथों में लिए असलहों से फायर करने शुरू कर दिए। इसमें सतीश, वीरेश और अखिलेश को गोली लग गई। इसके बाद आरोपी घायल सतीश को घसीटते हुए रामदयाल के दरवाजे पर ले गए, जहां सतीश की मौत हो गई, जबकि घायल अवस्था में वीरेश की मौके से भागने के दौरान खाद की गोदाम के पास गिरने के बाद मौत हो गई। अखिलेश के हाथ व पेट में गोली की चोटें आईं। सर्वेश सिंह की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर नामजद आरोपी धर्मेंद्र व धर्मवीर को 14 अप्रैल 2013 को गिरफ्तार कर 315 बोर व 12 बोर का तमंचा दोनों के पास से बरामद कर जेल भेजा। कोर्ट में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान व सरकारी वकील उमेश गुर्जर के तर्को को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने धर्मेद्र, पप्पू, धर्मवीर, जदुनाथ, संजीव, राजकुमार,लालता प्रसाद, राजेश, बाबूराम, बलराम को दोषी पाते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा व 1.35-1.35 लाख रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया। इसके साथ ही आरोपी धर्मेंद्र व धर्मवीर को आम्र्स एक्ट के तहत तीन-तीन वर्ष के कारावास व पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा अलग से सुनाई गई।
विज्ञापन