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इंस्पेक्टर ने बचाई फंदे से लटके युवक की जान
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Sun, 01 May 2016 12:10 AM IST
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इंस्पेक्टर ने बचाई फंदे से लटके युवक की जान
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पुवायां के कोतवाली प्रभारी ने हिम्मत और सूझबूझ से आग की लपटों के बीच दरवाजे को तोड़कर युवक को फांसी के फंदे से उतारकर जान बचाई। होश में आने पर युवक पुलिस को चकमा देकर भाग निकला।
गांव बनिगवां निवासी 30 वर्षीय नीरज पासी का शुक्रवार रात किसी बात को लेकर पत्नी निशा से विवाद हो गया था। गांव के लोगों के अनुसार नीरज रात भर पत्नी से झगड़ता रहा और शनिवार सुबह पत्नी, बच्चों को बाहर निकालकर घर की बाहरी दीवार पर पड़े छप्पर में आग लगा दी और फांसी पर लटक जाने की बात कहते हुए घर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। निशा के शोर मचाने पर गांव के तमाम लोग मौके पर पहुंचे लेकिन दरवाजे पर पड़े छप्पर में आग लगी होने के कारण कोई भी घर के अंदर घुसने का साहस नहीं कर सका।
सूचना पाकर कोतवाली प्रभारी सुनील कुमार विश्नोई, एसआई नसीम खां के साथ मौके पर पहुंचे। गांव के लोग शोर शराबा कर रहे थे, लेकिन कोई भी नीरज को बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। सुनील विश्नोई हिम्मत से काम लेते हुए जलते छप्पर के नीचे से घुसकर दरवाजे के पास तक पहुंचे और दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गए। इस बीच नीरज फांसी पर लटक चुका था। उन्होंने सहयोगी एसआई की मदद से नीरज को फांसी के फंदे से उतारा। बेहोश नीरज कुछ देर में होश में आया तो पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि फांसी के फंदे से उतारे जाने के बाद नीरज होश में आकर भाग निकला। इस मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
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गांव बनिगवां निवासी 30 वर्षीय नीरज पासी का शुक्रवार रात किसी बात को लेकर पत्नी निशा से विवाद हो गया था। गांव के लोगों के अनुसार नीरज रात भर पत्नी से झगड़ता रहा और शनिवार सुबह पत्नी, बच्चों को बाहर निकालकर घर की बाहरी दीवार पर पड़े छप्पर में आग लगा दी और फांसी पर लटक जाने की बात कहते हुए घर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। निशा के शोर मचाने पर गांव के तमाम लोग मौके पर पहुंचे लेकिन दरवाजे पर पड़े छप्पर में आग लगी होने के कारण कोई भी घर के अंदर घुसने का साहस नहीं कर सका।
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सूचना पाकर कोतवाली प्रभारी सुनील कुमार विश्नोई, एसआई नसीम खां के साथ मौके पर पहुंचे। गांव के लोग शोर शराबा कर रहे थे, लेकिन कोई भी नीरज को बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। सुनील विश्नोई हिम्मत से काम लेते हुए जलते छप्पर के नीचे से घुसकर दरवाजे के पास तक पहुंचे और दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गए। इस बीच नीरज फांसी पर लटक चुका था। उन्होंने सहयोगी एसआई की मदद से नीरज को फांसी के फंदे से उतारा। बेहोश नीरज कुछ देर में होश में आया तो पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि फांसी के फंदे से उतारे जाने के बाद नीरज होश में आकर भाग निकला। इस मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
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