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दहेज हत्या में पति को उम्र कैद
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
Updated Sun, 28 May 2017 12:35 AM IST
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40 हजार के अर्थदंड से भी किया दंडित
बाइक की खातिर की थी गला दबाकर हत्या
दहेज हत्या के मामले में पति पर दोष साबित होने पर अपर सत्र न्यायाधीश ने उसे उम्र कैद व चालीस हजार अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। इसी के साथ ही कुल देय अर्थदंड में से तीन चौथाई भाग वादी मुन्नालाल को दिलाने का आदेश भी दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना निगोही क्षेत्र के गांव निवाड़ी निवासी मुन्नालाल ने पुवायां के गांव बनिगवां में ब्याही अपनी पुत्री रामकांती की दहेज की खातिर गला दबाकर हत्या किए जाने की रिपोर्ट 10 जून 2011 को दामाद संजीव कुमार के खिलाफ दर्ज कराई थी। मुन्नालाल ने रिपोर्ट में बताया कि उसने पुत्री रामकांती की शादी 23 मई 2010 को बनिगवां निवासी संजीव कुमार के साथ की थी, जिसमें उसने हैसियत अनुसार दान-दहेज दिया था, लेकिन कुछ समय बाद दामाद बाइक की मांग करने लगा। मांग पूरी नहीं होने पर बेटी की दामाद संजीव ने 10 जून 2011 को पिटाई करने के बाद गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पांडेय ने सरकारी वकील अमित सिंह वर्मा द्वारा प्रस्तुत छह गवाहों के बयान और पुलिस की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद दोष सिद्ध होने पर अदालत ने आरोपी संजीव कुमार को आजीवन कारावास की सजा और चालीस हजार के अर्थदंड की सजा से दंडित किया।
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बाइक की खातिर की थी गला दबाकर हत्या
दहेज हत्या के मामले में पति पर दोष साबित होने पर अपर सत्र न्यायाधीश ने उसे उम्र कैद व चालीस हजार अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। इसी के साथ ही कुल देय अर्थदंड में से तीन चौथाई भाग वादी मुन्नालाल को दिलाने का आदेश भी दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना निगोही क्षेत्र के गांव निवाड़ी निवासी मुन्नालाल ने पुवायां के गांव बनिगवां में ब्याही अपनी पुत्री रामकांती की दहेज की खातिर गला दबाकर हत्या किए जाने की रिपोर्ट 10 जून 2011 को दामाद संजीव कुमार के खिलाफ दर्ज कराई थी। मुन्नालाल ने रिपोर्ट में बताया कि उसने पुत्री रामकांती की शादी 23 मई 2010 को बनिगवां निवासी संजीव कुमार के साथ की थी, जिसमें उसने हैसियत अनुसार दान-दहेज दिया था, लेकिन कुछ समय बाद दामाद बाइक की मांग करने लगा। मांग पूरी नहीं होने पर बेटी की दामाद संजीव ने 10 जून 2011 को पिटाई करने के बाद गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पांडेय ने सरकारी वकील अमित सिंह वर्मा द्वारा प्रस्तुत छह गवाहों के बयान और पुलिस की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद दोष सिद्ध होने पर अदालत ने आरोपी संजीव कुमार को आजीवन कारावास की सजा और चालीस हजार के अर्थदंड की सजा से दंडित किया।
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