{"_id":"0e5c6694b898323a5accc7b9dd8d2963","slug":"have-you-been-insulted-compromise-now-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेइज्जती तो हो चुकी अब समझौता कर लो","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बेइज्जती तो हो चुकी अब समझौता कर लो
संजीव पाठक. शाहजहांपुर
Updated Wed, 20 May 2015 11:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ा हरेवा कांड की पीड़ित दलित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाने में भी वोटों का नफा-नुकसान देख रहे नेताओं ने आखिर राजनीतिक दांव चलने शुरू कर दिए हैं। बहुसंख्यक कश्यप बिरादरी कहीं नाराज न हो जाए, इस खौफ से विधायक नीरज मौर्य तो घटना को ही झुठलाने में लगे हैं। वह जानते हैं कि उनके कश्यप बिरादरी के पक्ष में खड़े होने से सपा को मजबूरन अपने पांव पीछे खींचने होंगे। हालांकि सपा के नेता भी अब तक वोटों के नफा-नुकसान को सामने रखकर ही इस घटना पर बड़े सधे लहजे में बोल रहे थे।
सपा नेताओं में सिर्फ पूर्व सांसद मिथलेश कुमार और उनकी पत्नी, विधायक शकुंतला देवी ने ही दलित महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने की शर्मनाक घटना पर आक्रामकता दिखाई थी। दरअसल यह उनकी विवशता भी थी, क्योंकि ये दलित महिलाएं न केवल उनकी बिरादरी की हैं, बल्कि रिश्तेदार भी हैं। बसपा विधायक नीरज मौर्य ने वोटों के गणित का यह सब गुणा-भाग लगाने के बाद ही कश्यप बिरादरी के पक्ष में खड़े होने में ही अपना भलाई समझी है।
दरअसल, हरेवा की पीड़ित महिलाएं दलित तो हैं लेकिन जाटव बिरादरी की नहीं हैं। शायद बसपा को इसलिए उनसे बहुत ज्यादा हमदर्दी भी नहीं है। चूंकि इस बिरादरी के जिले में बड़े नेता मिथलेश कुमार हैं तो जाहिर सी बात है कि बिरादरी भी उनके साथ यानी सपा से जुड़ी है। लिहाजा बसपा को उनके लिए न्याय मांगने में कोई बहुत ज्यादा फायदा नहीं, बल्कि नुकसान ही नजर आ रहा है। नुकसान इस मायने में कि अगर कश्यप बिरादरी नाराज हुई तो इसका बड़ा खामियाजा जिले में बसपा को खासतौर से विधायक नीरज मौर्य को भुगतना होगा। इसलिए वह सच को सच कहने की भी हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
विज्ञापन
बसपा विधायक नीरज मौर्य का यह बयान कि दलित महिलाओं के कपड़े कश्यप बिरादरी की महिलाओं के साथ झगड़े में फटे थे और उन्हें गांव में नंगा कर घुमाने की बात पूरी तरह गलत है, साबित करता है कि उनकी यह राजनीतिक चाल सपा को पटखनी देने के लिए है। वह किसी भी कीमत पर कश्यप बिरादरी का विरोध मोल लेना नहीं चाहते। वह जानते हैं कि उनके इस बयान का विरोध करने की भी हिम्मत सपा नहीं जुटा पाएगी। सपा के सामने इस मामले में अपने पांव पीछे खींचने के अलावा और कोई चारा नहीं होगा।
पूर्व सपा सांसद के रिश्तेदार हैं हरेवा के पीड़ित
शाहजहांपुर। बड़ा हरेवा कांड की पीड़ित महिलाएं पूर्व सपा सांसद मिथलेश कुमार की रिश्तेदार हैं। दरअसल मिथलेश कुमार भी दलित बिरादरी (धानुक) से ताल्लुक रखते हैं। उनकी विधायक पत्नी शकुंतला देवी ने घटना के संबंध में मुख्यमंत्री को दिए पत्र में इसका स्पष्ट उल्लेख किया है।
पुवायां से सपा की विधायक और पूर्व सांसद मिथलेश की पत्नी शकुंतला देवी ने 18 मई को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दिए पत्र में साफ लिखा है कि हरेवा कांड की पीड़ित दलित महिलाएं उनके समाज की हैं और रिश्तेदार हैं। शायद यही वजह रही कि सपा नेताओं में सबसे पहले मिथलेश कुमार ही हरेवा पहुंचे और पीड़ित महिलाओं से बात कर घटना की जानकारी ली। उन्होंने घटना पर अफसोस जताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया।
विधायक शकुंतला देवी ने अपने पत्र में इस घटना के लिए पूरी तरह से स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने लिखा है-दलित महिलाओं के साथ अभद्र और निंदनीय व्यवहार में प्रशासन स्तर के समस्त अधिकारियों की घोर लापरवाही रही है। मैं चाहूंगी कि दोषी समस्त अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करके उन्हें निलंबित करने की कृपा करें।
विज्ञापन
सपा नेताओं में सिर्फ पूर्व सांसद मिथलेश कुमार और उनकी पत्नी, विधायक शकुंतला देवी ने ही दलित महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने की शर्मनाक घटना पर आक्रामकता दिखाई थी। दरअसल यह उनकी विवशता भी थी, क्योंकि ये दलित महिलाएं न केवल उनकी बिरादरी की हैं, बल्कि रिश्तेदार भी हैं। बसपा विधायक नीरज मौर्य ने वोटों के गणित का यह सब गुणा-भाग लगाने के बाद ही कश्यप बिरादरी के पक्ष में खड़े होने में ही अपना भलाई समझी है।
विज्ञापन
दरअसल, हरेवा की पीड़ित महिलाएं दलित तो हैं लेकिन जाटव बिरादरी की नहीं हैं। शायद बसपा को इसलिए उनसे बहुत ज्यादा हमदर्दी भी नहीं है। चूंकि इस बिरादरी के जिले में बड़े नेता मिथलेश कुमार हैं तो जाहिर सी बात है कि बिरादरी भी उनके साथ यानी सपा से जुड़ी है। लिहाजा बसपा को उनके लिए न्याय मांगने में कोई बहुत ज्यादा फायदा नहीं, बल्कि नुकसान ही नजर आ रहा है। नुकसान इस मायने में कि अगर कश्यप बिरादरी नाराज हुई तो इसका बड़ा खामियाजा जिले में बसपा को खासतौर से विधायक नीरज मौर्य को भुगतना होगा। इसलिए वह सच को सच कहने की भी हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
विज्ञापन
बसपा विधायक नीरज मौर्य का यह बयान कि दलित महिलाओं के कपड़े कश्यप बिरादरी की महिलाओं के साथ झगड़े में फटे थे और उन्हें गांव में नंगा कर घुमाने की बात पूरी तरह गलत है, साबित करता है कि उनकी यह राजनीतिक चाल सपा को पटखनी देने के लिए है। वह किसी भी कीमत पर कश्यप बिरादरी का विरोध मोल लेना नहीं चाहते। वह जानते हैं कि उनके इस बयान का विरोध करने की भी हिम्मत सपा नहीं जुटा पाएगी। सपा के सामने इस मामले में अपने पांव पीछे खींचने के अलावा और कोई चारा नहीं होगा।
पूर्व सपा सांसद के रिश्तेदार हैं हरेवा के पीड़ित
शाहजहांपुर। बड़ा हरेवा कांड की पीड़ित महिलाएं पूर्व सपा सांसद मिथलेश कुमार की रिश्तेदार हैं। दरअसल मिथलेश कुमार भी दलित बिरादरी (धानुक) से ताल्लुक रखते हैं। उनकी विधायक पत्नी शकुंतला देवी ने घटना के संबंध में मुख्यमंत्री को दिए पत्र में इसका स्पष्ट उल्लेख किया है।
पुवायां से सपा की विधायक और पूर्व सांसद मिथलेश की पत्नी शकुंतला देवी ने 18 मई को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दिए पत्र में साफ लिखा है कि हरेवा कांड की पीड़ित दलित महिलाएं उनके समाज की हैं और रिश्तेदार हैं। शायद यही वजह रही कि सपा नेताओं में सबसे पहले मिथलेश कुमार ही हरेवा पहुंचे और पीड़ित महिलाओं से बात कर घटना की जानकारी ली। उन्होंने घटना पर अफसोस जताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया।
विधायक शकुंतला देवी ने अपने पत्र में इस घटना के लिए पूरी तरह से स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने लिखा है-दलित महिलाओं के साथ अभद्र और निंदनीय व्यवहार में प्रशासन स्तर के समस्त अधिकारियों की घोर लापरवाही रही है। मैं चाहूंगी कि दोषी समस्त अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करके उन्हें निलंबित करने की कृपा करें।