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नौ लोगों पर दर्ज की गई एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो पुवायां।
Updated Fri, 05 May 2017 12:28 AM IST
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गो संरक्षण के नाम पर धन हड़पने वाली कंपनी के संचालकों पर रिपोर्ट
गो सरंक्षण के नाम पर धोखाधड़ी कर धन जमा कराने और निवेश की अवधि पूरी हो जाने के बाद भी धप वापस नहीं करने के मामले में नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गांव गंगसरा के मेवाराम ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसने धेनु ग्रीन इंडिया एग्रो प्रो. कंपनी लिमिटेड उदयपुर के संचालकों ने गाय के उत्थान के लिए गोबर, गोमूत्र, दूध आदि से उत्पाद निर्मित करने का झांसा देकर और गो संरक्षण के लिए गोशालाओं के निर्माण की बात कीते हुए धन निवेश कराया था। कई अभिकर्ताओं ने 3.95 लाख रुपये कंपनी के पुवायां कार्यालय में जमा कराए थे। समयावधि पूरी हो जाने के बाद भी निवेशकों का भुगतान नहीं किया गया है। भुगतान के लिए अभिकर्ता कई बार कानपुर कार्यालय गए, भुगतान के लिए आश्वासन भी दिया गया, लेकिन वर्तमान समय में प्रधान कार्यालय बंद कर दिया गया है।
पुवायां स्थित कार्यालय के किराए आदि का आठ माह से भुगतान नहीं होने के कारण भवन को खाली करा लिया गया है। इस कंपनी में धन जमा करने वालों को इससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धन जमा करने वाले लोग अभिकर्ताओं पर दबाव बना रहे हैं। इससे अभिकर्ताओं को जान का खतरी पैदा हो गया है। पुलिस ने कानपुर के अनिल कुमार तिवारी, लखनऊ के देवेंद्र प्रकाश तिवारी, कानपुर के कृष्णकांत अग्निहोत्री, प्रदीप कुमार मिश्रा, धनंजय दुबे, पुवायां के ब्रांच मैनेजर पुवायां निवासी आनोक श्रीवास्तव, बसखेड़ा बुजुर्ग के सतेंद्र सिंह और कानपुर के महेश श्ांकर शुक्ला, संचित मिश्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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गो सरंक्षण के नाम पर धोखाधड़ी कर धन जमा कराने और निवेश की अवधि पूरी हो जाने के बाद भी धप वापस नहीं करने के मामले में नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गांव गंगसरा के मेवाराम ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसने धेनु ग्रीन इंडिया एग्रो प्रो. कंपनी लिमिटेड उदयपुर के संचालकों ने गाय के उत्थान के लिए गोबर, गोमूत्र, दूध आदि से उत्पाद निर्मित करने का झांसा देकर और गो संरक्षण के लिए गोशालाओं के निर्माण की बात कीते हुए धन निवेश कराया था। कई अभिकर्ताओं ने 3.95 लाख रुपये कंपनी के पुवायां कार्यालय में जमा कराए थे। समयावधि पूरी हो जाने के बाद भी निवेशकों का भुगतान नहीं किया गया है। भुगतान के लिए अभिकर्ता कई बार कानपुर कार्यालय गए, भुगतान के लिए आश्वासन भी दिया गया, लेकिन वर्तमान समय में प्रधान कार्यालय बंद कर दिया गया है।
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पुवायां स्थित कार्यालय के किराए आदि का आठ माह से भुगतान नहीं होने के कारण भवन को खाली करा लिया गया है। इस कंपनी में धन जमा करने वालों को इससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धन जमा करने वाले लोग अभिकर्ताओं पर दबाव बना रहे हैं। इससे अभिकर्ताओं को जान का खतरी पैदा हो गया है। पुलिस ने कानपुर के अनिल कुमार तिवारी, लखनऊ के देवेंद्र प्रकाश तिवारी, कानपुर के कृष्णकांत अग्निहोत्री, प्रदीप कुमार मिश्रा, धनंजय दुबे, पुवायां के ब्रांच मैनेजर पुवायां निवासी आनोक श्रीवास्तव, बसखेड़ा बुजुर्ग के सतेंद्र सिंह और कानपुर के महेश श्ांकर शुक्ला, संचित मिश्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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