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घटतौली में लिप्त पांच पेट्रोल पंपों पर होगी एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
Updated Fri, 07 Jul 2017 12:15 AM IST
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पेट्रोलियम मशीन की डिस्पोजल यूनिट में चिप लगाकर पेट्रोल-डीजल की घटतौली करते पकड़े जा चुके जिले के पांच पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ जल्द एफआईआर कराकर उनके बिक्री लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। इसके लिए आपूर्ति विभाग ने पेट्रोलियम फिलिंग स्टेशन चिन्हित कर लिए है। ऐसे ही एक मामले में कटरा के जय पीतांबरा फिलिंग स्टेशन का लाइसेंस निरस्त कर दिए जाने से पेट्रोलियम डीलर्स में खलबली मच गई है।
दो माह पूर्व प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एसटीएफ की धरपकड़ के दौरान पेट्रोलियम मशीनों की डिस्पोजल यूनिटों में चिप लगाकर तेल चोरी के कई मामले पकड़े जाने पर जिले के अधिकारी भी चौकन्ने हो गए थे। मई के पहले सप्ताह में जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम ने पेट्रोल पंपों पर छापेमारी शुरू की थी। इसी दौरान चार मई को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी के कटरा स्थित जय पीतांबरा पंप की डीजल डिस्पोजल यूनिट से चिप बरामद हुई थी।
डीएसओ कमलेश गुप्ता ने बताया कि जय पीतांबरा पंप का लाइसेंस करीब दो सप्ताह पूर्व निरस्त किया जा चुका है। इसी तरह की कार्रवाई पांच अन्य पेट्रोल पंपों पर भी की जाएगी। इनमें भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन का एक और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के दो पंप पुवायां तहसील में हैं। इंडियन ऑयल कारपोरेशन के कांट और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के तिलहर स्थित पंप का लाइसेंस निरस्त होने की प्रक्रिया जारी है।
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इधर, पेट्रोलियम डीलर्स प्रशासन की सख्त कार्रवाई से परेशान और नाराज हैं। खुलकर पीड़ा इसलिए जाहिर नहीं कर रहे कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार शासन के निर्देश पर कार्रवाई हो रही है, लेकिन नियम विरुद्ध दंड प्रक्रिया से उनमें रोष पनप रहा है। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के कार्यकारी जिलाध्यक्ष राजकुमार गुप्ता और महासचिव नरेश चंद्र गुप्ता का कहना है कि मेजरमेंट में कमी जैसे मामलों पर केवल कंपाउंड (जुर्माना) लेने का प्रावधान है और अभी तक यही प्रक्रिया अपनाई जाती रही। उन्होंने बताया कि इस बारे में प्रांतीय नेतृत्व ने न्यायालय की शरण लेकर जनहित याचिका दायर करने का निर्णय किया है।
अनूप
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दो माह पूर्व प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एसटीएफ की धरपकड़ के दौरान पेट्रोलियम मशीनों की डिस्पोजल यूनिटों में चिप लगाकर तेल चोरी के कई मामले पकड़े जाने पर जिले के अधिकारी भी चौकन्ने हो गए थे। मई के पहले सप्ताह में जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम ने पेट्रोल पंपों पर छापेमारी शुरू की थी। इसी दौरान चार मई को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी के कटरा स्थित जय पीतांबरा पंप की डीजल डिस्पोजल यूनिट से चिप बरामद हुई थी।
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डीएसओ कमलेश गुप्ता ने बताया कि जय पीतांबरा पंप का लाइसेंस करीब दो सप्ताह पूर्व निरस्त किया जा चुका है। इसी तरह की कार्रवाई पांच अन्य पेट्रोल पंपों पर भी की जाएगी। इनमें भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन का एक और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के दो पंप पुवायां तहसील में हैं। इंडियन ऑयल कारपोरेशन के कांट और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के तिलहर स्थित पंप का लाइसेंस निरस्त होने की प्रक्रिया जारी है।
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इधर, पेट्रोलियम डीलर्स प्रशासन की सख्त कार्रवाई से परेशान और नाराज हैं। खुलकर पीड़ा इसलिए जाहिर नहीं कर रहे कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार शासन के निर्देश पर कार्रवाई हो रही है, लेकिन नियम विरुद्ध दंड प्रक्रिया से उनमें रोष पनप रहा है। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के कार्यकारी जिलाध्यक्ष राजकुमार गुप्ता और महासचिव नरेश चंद्र गुप्ता का कहना है कि मेजरमेंट में कमी जैसे मामलों पर केवल कंपाउंड (जुर्माना) लेने का प्रावधान है और अभी तक यही प्रक्रिया अपनाई जाती रही। उन्होंने बताया कि इस बारे में प्रांतीय नेतृत्व ने न्यायालय की शरण लेकर जनहित याचिका दायर करने का निर्णय किया है।
अनूप