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जिला कृषि अधिकारी को कारोबारियों ने धुना
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Sun, 14 Aug 2016 11:11 PM IST
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जिला कृषि अधिकारी को कारोबारियों ने धुना
- फोटो : श्ााहजहांपुर उत्तर प्रदेश्ा
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चौक कोतवाली क्षेत्र में रंगमहला के पास रामगंज मोहल्ले में खाद कारोबारी से 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने, न देने पर दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की धमकी देने और गल्ले में हाथ डालने के आरोप में कारोबारियों ने जिला कृषि अधिकारी एसपी सिंह को पीट दिया। रिश्वतखोरी का विरोध करते हुए कारोबारियों ने अधिकारी की वीडियो क्लिपिंग भी बनाई। भीड़ ने उनकी वैगन आर कार का पिछला शीशा तोड़ दिया।
सूचना पाकर पुलिस पहुंची लेकिन कारोबारियों ने बिना उच्चाधिकारियों के आए उन्हें छोड़ने से इंकार कर दिया। करीब तीन घंटे के हंगामे के बाद कोतवाली में व्यापार मंडल पदाधिकारियों की मौजूदगी में जिला कृषि अधिकारी व चार अज्ञात के खिलाफ धारा 384, 504 और 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई।
जिला कृषि अधिकारी करीब साढ़े तीन बजे मोहल्ला रामगंज स्थित राधेश्याम अखिलेश कुमार नामक खाद फर्म पर निजी कार से कुछ लोगों के साथ पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने फर्म के मालिक योगेश अग्रवाल पर गलत माल बेचने का आरोप लगाकर 50 हजार रुपये मांगे। न देने पर लाइसेंस निरस्त करने की धमकी दी। योगेश ने रिश्वत देने से मना किया तो जिला कृषि अधिकारी ने गालीगलौज की। शोर सुनकर आसपास के कारोबारी आ गए। आरोप है कि अधिकारी ने कारोबारी के गल्ले में हाथ डाल दिया। यह देख अन्य कारोबारी भड़क गए और अधिकारी पर टूट पड़े। अधिकारी ने भागने की कोशिश की लेकिन कारोबारियों ने पकड़ लिया। भीड़ चिल्ला रही थी, यह अधिकारी कभी फ्रिज, कभी स्कूटी तो कभी अन्य महंगे सामान रिश्वत में मांगता है। बीते 10 दिनों में इसने खाद कारोबारियों से लाखों रुपये वसूले हैं। बीच-बीच में भीड़ जिला कृषि अधिकारी को थप्पड़ मार रही थी। सूचना पर व्यापार मंडल के तमाम पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और भीड़ को मारपीट करने से रोका।
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इस बीच पहुंची पुलिस ने चुटहिल जिला कृषि अधिकारी को जीप में बैठाया तो भीड़ ने रास्ता रोक लिया और बिना एफआईआर दर्ज किए ले जाने से मना कर दिया। हालात बेकाबू होते देख एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय, सिटी मजिस्ट्रेट विजय शंकर दूबे, एसपी सिटी अष्टभुजा प्रताप सिंह, सीओ सिटी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव और सीओ सदर अखिलेश भदौरिया फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। भीड़ न छोड़ने पर अड़ी रही तो एसपी सिटी ने हंगामा करने वालों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने समझाया तो भीड़ ने जिला कृषि अधिकारी को छोड़ा। इसके बाद अधिकारी हिरासत में लिए गए जिला कृषि अधिकारी को लेकर कोतवाली पहुंचे। उनके साथ-साथ कारोबारी भी थाने पहुंचे। पीड़ित कारोबारी योगेश अग्रवाल की तहरीर पर एफआईआर दर्ज होने तक कारोबारी कोतवाली में डटे रहे।
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सूचना पाकर पुलिस पहुंची लेकिन कारोबारियों ने बिना उच्चाधिकारियों के आए उन्हें छोड़ने से इंकार कर दिया। करीब तीन घंटे के हंगामे के बाद कोतवाली में व्यापार मंडल पदाधिकारियों की मौजूदगी में जिला कृषि अधिकारी व चार अज्ञात के खिलाफ धारा 384, 504 और 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई।
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जिला कृषि अधिकारी करीब साढ़े तीन बजे मोहल्ला रामगंज स्थित राधेश्याम अखिलेश कुमार नामक खाद फर्म पर निजी कार से कुछ लोगों के साथ पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने फर्म के मालिक योगेश अग्रवाल पर गलत माल बेचने का आरोप लगाकर 50 हजार रुपये मांगे। न देने पर लाइसेंस निरस्त करने की धमकी दी। योगेश ने रिश्वत देने से मना किया तो जिला कृषि अधिकारी ने गालीगलौज की। शोर सुनकर आसपास के कारोबारी आ गए। आरोप है कि अधिकारी ने कारोबारी के गल्ले में हाथ डाल दिया। यह देख अन्य कारोबारी भड़क गए और अधिकारी पर टूट पड़े। अधिकारी ने भागने की कोशिश की लेकिन कारोबारियों ने पकड़ लिया। भीड़ चिल्ला रही थी, यह अधिकारी कभी फ्रिज, कभी स्कूटी तो कभी अन्य महंगे सामान रिश्वत में मांगता है। बीते 10 दिनों में इसने खाद कारोबारियों से लाखों रुपये वसूले हैं। बीच-बीच में भीड़ जिला कृषि अधिकारी को थप्पड़ मार रही थी। सूचना पर व्यापार मंडल के तमाम पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और भीड़ को मारपीट करने से रोका।
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इस बीच पहुंची पुलिस ने चुटहिल जिला कृषि अधिकारी को जीप में बैठाया तो भीड़ ने रास्ता रोक लिया और बिना एफआईआर दर्ज किए ले जाने से मना कर दिया। हालात बेकाबू होते देख एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय, सिटी मजिस्ट्रेट विजय शंकर दूबे, एसपी सिटी अष्टभुजा प्रताप सिंह, सीओ सिटी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव और सीओ सदर अखिलेश भदौरिया फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। भीड़ न छोड़ने पर अड़ी रही तो एसपी सिटी ने हंगामा करने वालों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने समझाया तो भीड़ ने जिला कृषि अधिकारी को छोड़ा। इसके बाद अधिकारी हिरासत में लिए गए जिला कृषि अधिकारी को लेकर कोतवाली पहुंचे। उनके साथ-साथ कारोबारी भी थाने पहुंचे। पीड़ित कारोबारी योगेश अग्रवाल की तहरीर पर एफआईआर दर्ज होने तक कारोबारी कोतवाली में डटे रहे।