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कर्ज में डूबे किसान ने फांसी लगाकर दी जान
शाहजहांपुर
Updated Wed, 20 May 2015 11:46 PM IST
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थाना अल्हागंज क्षेत्र के गांव धर्मपुर पिड़रिया निवासी 40 वर्षीय धनीराम कश्यप ने बुधवार को फांसी से लटकर जान दे दी। फसल बर्बाद होने की वजह से धनीराम कर्ज में डूब गए थे, जिसकी वजह से परेशान होकर उन्होंने फांसी लगा ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गांव धर्मपुर पिड़रिया निवासी धनीराम के 35 बीघा जमीन थी। बारिश और वजह से धनीराम की सारी फसल बर्बाद हो गई थी। छह मई को धनीराम की छोटी बेटी रबीना की शादी थी। धनीराम ने सोचा था कि फसल होने के बाद बेटी की शादी आराम से निपटा देंगे, लेकिन फसल नहीं होने से धनीराम ने बेटी की शादी कर्ज लेकर निपटाई थी। बेटी की शादी के बाद कर्ज के बोझ के तले दबे धनीराम काफी परेशान रहने लगे थे। बुधवार की सुबह चाय पीने के बाद धनीराम घर से निकल गए। करीब आठ बजे गांव के बाहर एक पेड़ से धनीराम ने गमछे से लगाकर आत्महत्या कर ली। ग्रामीणों ने धनीराम का शव देखकर परिवार वालों को सूचना दी। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठी हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
धनीराम की मौत से घर में मचा कोहराम
धनीराम की मौत से उनके घर में कोहराम मच गया। उनकी पत्नी सुशीला पति का शव देखकर बेसुध हो गई। धनीराम की दो बड़ी बेटियां विनीता और सरिता हैं। जिनकी शादी उन्होंने पहले ही कर दी थी। छोटी बेटी रबीना का रो-रोकर बुरा हाल है। रबीना की शादी को 15 दिन भी नहीं बीते थे कि पिता की मौत हो गई।
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गांव धर्मपुर पिड़रिया निवासी धनीराम के 35 बीघा जमीन थी। बारिश और वजह से धनीराम की सारी फसल बर्बाद हो गई थी। छह मई को धनीराम की छोटी बेटी रबीना की शादी थी। धनीराम ने सोचा था कि फसल होने के बाद बेटी की शादी आराम से निपटा देंगे, लेकिन फसल नहीं होने से धनीराम ने बेटी की शादी कर्ज लेकर निपटाई थी। बेटी की शादी के बाद कर्ज के बोझ के तले दबे धनीराम काफी परेशान रहने लगे थे। बुधवार की सुबह चाय पीने के बाद धनीराम घर से निकल गए। करीब आठ बजे गांव के बाहर एक पेड़ से धनीराम ने गमछे से लगाकर आत्महत्या कर ली। ग्रामीणों ने धनीराम का शव देखकर परिवार वालों को सूचना दी। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठी हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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धनीराम की मौत से घर में मचा कोहराम
धनीराम की मौत से उनके घर में कोहराम मच गया। उनकी पत्नी सुशीला पति का शव देखकर बेसुध हो गई। धनीराम की दो बड़ी बेटियां विनीता और सरिता हैं। जिनकी शादी उन्होंने पहले ही कर दी थी। छोटी बेटी रबीना का रो-रोकर बुरा हाल है। रबीना की शादी को 15 दिन भी नहीं बीते थे कि पिता की मौत हो गई।
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