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पानी में डूबने से किशोरी समेत दो की मौत
शाहजहांपुर
Updated Sat, 18 Jul 2015 12:01 AM IST
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जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर एक किशोरी समेत दो लोगों की पानी में डूबने से मौत हो गई। निगोही क्षेत्र के गांव बाबर की रहने वाली बबली धान की पौध की रोपाई करते वक्त 20 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर पानी में डूब गई। वहीं परौर थाना क्षेत्र में गाय की पूंछ पकड़कर कर नदी पार करने की कोशिश कर रहे ग्रामीण रामगोपाल अरिल की नदी में डूबकर मौत हो गई।
बीस फीट गहरे गड्ढे में डूबकर किशोरी की मौत
निगोही। थाना क्षेत्र के गांव बाबर की रहने वाली एक किशोरी की पानी भरे गड्ढे में डूबकर मौत हो गई। 16 वर्षीय किशोरी बबली पुत्री रामप्रताप का शव ईंट भट्ठों के लिए खोदे करीब 20 फीट गहरे गड्ढे से निकाला गया। परिवार वालों ने बगैर पोस्टमार्टम कराए शव का अंतिम संस्कार कर दिया। गांव के कुछ लोग किशोरी की मौत संदिग्ध हालत में होने की बात कह रहे हैं।
थाना क्षेत्र के गांव तालगांव के रहने वाले सफदर बेग का ईंट भट्ठा सिपरिया उदयभानपुर में है। आरोप है कि उन्होंने मिट्टी का खनन करने के लिए तमाम गड्ढे कर रखे हैं। भट्ठे के पास ही करीब 20 फीट गहरा गड्ढा बना दिया गया। गड्ढे के पास स्थित खेत में पानी भरा हुआ था। सफदर बेग खेत में मजदूरों से धान की रोपाई करा रहे थे। रोपाई के लिए मजदूरों को बबली के पिता रामप्रताप लाते थे। वह भट्ठे पर ईंट की पथाई का काम भी करते हैं। शुक्रवार सुबह सात बजे राम प्रताप अपनी बेटी बबली के अलावा ममता, रमशा, हितेशा, ऊषा, अनीता और राजू को लेकर खेत पर गए। सभी खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। सुबह करीब नौ बजे बबली अपने घर खाना खाने की बात कहकर चली गई। तभी वह 20 फीट गहरे गड्ढे में गिर गई। गड्ढे में पानी भरा हुआ था, जिसमें डूबने से बबली की मौत हो गई।
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रामप्रताप दोपहर करीब 12 बजे घर पहुंचा तो पत्नी कुसुमा से बबली के बारे में पूछा। कुसुमा ने बेटी के घर न लौटने की बात कही। खोजबीन करने पर खेत के पास एक स्थान पर बबली के बालों में लगी क्लिप पानी में उतराती हुई दिखाई दी। वहां गोताखोरों की मदद से दोपहर करीब बजे पानी भरे गड्ढे के अंदर से बबली का शव निकाला गया। इससे परिवार में कोहराम मच गया।
इस हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच गई। रामप्रताप ने बेटी बबली के शव का पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया। फिर बबली का शव दफना दिया गया। बबली छह भाई-बहनों में चौथे नंबर की थी।
पिता ने शव का पोस्टमार्टम कराने से लिखित रूप में मना कर दिया है। उन्हें समझाने की काफी कोशिश भी गई, लेकिन नहीं मानेंÐ
केके यादव, एसओ, निगोही थाना
अधिक खनन होने से चली गई जान
निगोही। बबली के डूबने की वजह अधिक खनन बताई जा रही है। ऐसा इसलिए भी है कि यदि भट्ठे के पास 20 फीट गहराई तक मिट्टी नहीं निकाली गई होती तो बबली की जान नहीं जाती। खेत के पास स्थित बीस फीट गहरे गड्ढे को भरवा दिया गया होता तब भी अनहोनी नहीं होती।
अरिल नदी में डूब कर किशोर की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
परौर। थाना क्षेत्र में अरिल नदी पार करने की कोशिश रहे किशोर की पानी में डूबकर मौत हो गई। नदी के बीच में पहुंचकर हाथ से पूंछ छूटने पर हादसा हो गया।
थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी निवासी सुखराम पाल का 14 वर्षीय पुत्र रामगोपाल उर्फ गप्पू बृहस्पतिवार को गाय चराने गया था। घर लौटते समय वह गाय की पूंछ पकड़कर अरिल नदी पार कर रहा था। नदी के बीच में पहुंचने पर किसी तरह रामगोपाल के हाथ से गाय की पूंछ छूट गई, जिससे वह पानी में डूबने लगा। रामगोपाल के शोर मचाने पर खेतों में काम कर रहे ग्रामीण नदी की ओर दौड़ पड़े, लेकिन उसे बचा नहीं सके। इस दौरान पड़ोस के गांव से तैराक बुलाए गए। तैराकों ने रामगोपाल का शव नदी से निकाला। इस हादसे का पता लगने पर घर में कोहराम मच गया। प्रभारी तहसीलदार ज्ञानेंद्र कुमार यादव, कानूनगो राकेश कुमार दुबे ने मौका मुआयना किया है।
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बीस फीट गहरे गड्ढे में डूबकर किशोरी की मौत
निगोही। थाना क्षेत्र के गांव बाबर की रहने वाली एक किशोरी की पानी भरे गड्ढे में डूबकर मौत हो गई। 16 वर्षीय किशोरी बबली पुत्री रामप्रताप का शव ईंट भट्ठों के लिए खोदे करीब 20 फीट गहरे गड्ढे से निकाला गया। परिवार वालों ने बगैर पोस्टमार्टम कराए शव का अंतिम संस्कार कर दिया। गांव के कुछ लोग किशोरी की मौत संदिग्ध हालत में होने की बात कह रहे हैं।
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थाना क्षेत्र के गांव तालगांव के रहने वाले सफदर बेग का ईंट भट्ठा सिपरिया उदयभानपुर में है। आरोप है कि उन्होंने मिट्टी का खनन करने के लिए तमाम गड्ढे कर रखे हैं। भट्ठे के पास ही करीब 20 फीट गहरा गड्ढा बना दिया गया। गड्ढे के पास स्थित खेत में पानी भरा हुआ था। सफदर बेग खेत में मजदूरों से धान की रोपाई करा रहे थे। रोपाई के लिए मजदूरों को बबली के पिता रामप्रताप लाते थे। वह भट्ठे पर ईंट की पथाई का काम भी करते हैं। शुक्रवार सुबह सात बजे राम प्रताप अपनी बेटी बबली के अलावा ममता, रमशा, हितेशा, ऊषा, अनीता और राजू को लेकर खेत पर गए। सभी खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। सुबह करीब नौ बजे बबली अपने घर खाना खाने की बात कहकर चली गई। तभी वह 20 फीट गहरे गड्ढे में गिर गई। गड्ढे में पानी भरा हुआ था, जिसमें डूबने से बबली की मौत हो गई।
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रामप्रताप दोपहर करीब 12 बजे घर पहुंचा तो पत्नी कुसुमा से बबली के बारे में पूछा। कुसुमा ने बेटी के घर न लौटने की बात कही। खोजबीन करने पर खेत के पास एक स्थान पर बबली के बालों में लगी क्लिप पानी में उतराती हुई दिखाई दी। वहां गोताखोरों की मदद से दोपहर करीब बजे पानी भरे गड्ढे के अंदर से बबली का शव निकाला गया। इससे परिवार में कोहराम मच गया।
इस हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच गई। रामप्रताप ने बेटी बबली के शव का पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया। फिर बबली का शव दफना दिया गया। बबली छह भाई-बहनों में चौथे नंबर की थी।
पिता ने शव का पोस्टमार्टम कराने से लिखित रूप में मना कर दिया है। उन्हें समझाने की काफी कोशिश भी गई, लेकिन नहीं मानेंÐ
केके यादव, एसओ, निगोही थाना
अधिक खनन होने से चली गई जान
निगोही। बबली के डूबने की वजह अधिक खनन बताई जा रही है। ऐसा इसलिए भी है कि यदि भट्ठे के पास 20 फीट गहराई तक मिट्टी नहीं निकाली गई होती तो बबली की जान नहीं जाती। खेत के पास स्थित बीस फीट गहरे गड्ढे को भरवा दिया गया होता तब भी अनहोनी नहीं होती।
अरिल नदी में डूब कर किशोर की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
परौर। थाना क्षेत्र में अरिल नदी पार करने की कोशिश रहे किशोर की पानी में डूबकर मौत हो गई। नदी के बीच में पहुंचकर हाथ से पूंछ छूटने पर हादसा हो गया।
थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी निवासी सुखराम पाल का 14 वर्षीय पुत्र रामगोपाल उर्फ गप्पू बृहस्पतिवार को गाय चराने गया था। घर लौटते समय वह गाय की पूंछ पकड़कर अरिल नदी पार कर रहा था। नदी के बीच में पहुंचने पर किसी तरह रामगोपाल के हाथ से गाय की पूंछ छूट गई, जिससे वह पानी में डूबने लगा। रामगोपाल के शोर मचाने पर खेतों में काम कर रहे ग्रामीण नदी की ओर दौड़ पड़े, लेकिन उसे बचा नहीं सके। इस दौरान पड़ोस के गांव से तैराक बुलाए गए। तैराकों ने रामगोपाल का शव नदी से निकाला। इस हादसे का पता लगने पर घर में कोहराम मच गया। प्रभारी तहसीलदार ज्ञानेंद्र कुमार यादव, कानूनगो राकेश कुमार दुबे ने मौका मुआयना किया है।