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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Chandigarh file a reply to the High Court on the compensation of two million

बीस लाख के मुआवजे पर चंडीगढ़ हाईकोर्ट में जवाब दाखिल

Sat, 21 Jan 2017 12:23 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर Updated Sat, 21 Jan 2017 12:23 AM IST
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आतंकवादी बताते हुए एनकाउंटर करने के मामले में मृत युवक के पिता की 20 लाख रुपये मुआवजा दिलाने की मांग पर पुलिस ने चंडीगढ़ हाईकोर्ट में जवाब दाखिल कराया है। घटनाक्रम के मुताबिक 12 अक्तूबर 1993 की रात पुवायां के तत्कालीन इंस्पेक्टर आरके सिंह ने गांव बिलसड़ी बुजुर्ग के पास पंजाब के लुधियाना के थापा पापल के गांव सहास मदारा के हरजीत सिंह को एक लाख का इनामी आतंकी बताते हुए मार गिराया था। आरके सिंह सिंह को हरजीत सिंह के एनकाउंटर के बाद प्रमोशन दिया गया था। उन्हें राष्ट्रपति पदक से भी नवाजा गया था। पुवायां के मोहल्ला कसभरा तकिया निवासी वकील विजय वर्मा ने हरजीत सिंह के एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए मुख्यमंत्री और कई अधिकारियों से शिकायत की थी। वर्ष 1996 में उनकी ओर से आरके सिंह के खिलाफ अपहरण, हत्या और साक्ष्य मिटाने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके बाद हरजीत सिंह के परिवार के लोगों की मांग पर पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। सीबीआई जांच में हरजीत सिंह का एनकाउंटर को फर्जी साबित हुआ था और हत्या आदि धाराओं में पटियाला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। 28 नवंबर 2014 को आरके सिंह को हिरासत में ले लिया गया था। 30 नवंबर 2014 को उनके सहित चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। आरोपी फिलहाल पंजाब की जेल में सजा काट रहे हैं। वहीं, हरजीत सिंह के पिता मोहिंदर सिंह ने वर्ष 2015 में चंडीगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि उनके पुत्र हरजीत को पंजाब और यूपी पुलिस ने फर्जी एनकाउंटर में मार दिया था, जिसमें दोषियों का सजा भी हुई है। अब वह वृद्ध और काम करने में लाचार हैं। उनको गुजर बसर के लिए पंजाब और यूपी सरकार से 20 लाख रुपये का मुआवजा दिलाया जाए। हाईकोर्ट ने इस मामले में पंजाब और यूपी सरकार को दस-दस लाख रुपये देने अथवा रुपये क्यों न दिए जाएं, इस पर जवाब दाखिल करने को कहा था। पुवायां कोतवाली ने मामले की रिपोर्ट शासन को भेजी थी। 18 जनवरी को मुकदमे की सुनवाई में पुवायां कोतवाली से गए एसआई प्रमोद कुमार कोर्ट पहुंचे। कोतवाली प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि सरकार ने वकील के मार्फत जवाब हाईकोर्ट में दाखिल करा दिया है।
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