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संभलकर खरीदे पुवायां में आवासीय प्लाट
पुवायां।
Updated Wed, 06 Jan 2016 09:08 PM IST
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पुवायां नगर के आसपास इन दिनों आवासीय प्लाट बेचने वालों की बाढ़ सी आ गई है। तमाम स्थानों पर नई कॉलोनियों का नामकरण कर कृषि योग्य भूमि में प्लाटिंग की जा रही है। यह अवैध है। ऐसी भूमि मकान के लिए खरीदने से तमाम तरह की दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं।
पुवायां के अलावा गैर जनपद तक के तमाम लोगों ने आवासीय प्लाट बेचने के लिए पुवायां के आसपास तमाम कृषि योग्य भूमि खरीद ली है और इस पर खुलेआम प्लाटिंग की जा रही है। नियमानुसार कृषि योग्य भूमि को अकृषक घोषित (143) कराने के बाद ही प्लाटिंग की जा सकती है, लेकिन यह अनुमति केवल दो-तीन लोगों ने ही ले रखी है, जबकि तमाम लोग बिना अनुमति लिए ही लोगों को प्लाट बेच रहे हैं। जानकारी के अभाव में लोग प्लाट खरीद रहे हैं। प्लाटिंग करने वाले भी ग्राहक को यह जानकारी देने की जरूरत नहीं समझते हैं।
कृषि भूमि को अकृषक घोषित कराने के लिए एसडीएम कोर्ट में एक प्रार्थनापत्र देना पड़ता है। इसके बाद मामले की जांच कराई जाती है और संतुष्ट होने के बाद एसडीएम भूमि को अकृषक घोषित कर सकते हैं, लेकिन यह प्रक्रिया असल में इतनी सरल नहीं है। भूमि को अकृषक घोषित किए जाने से पहले यह देखा जाता है कि जमीन पर तीन वर्ष से कोई फसल आदि न हुई हो। इसके अलावा भूमि पर व्यवसायिक गतिविधि चल रही हो, भूमि की नींव भी भरी हुई होनी चाहिए।
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पुवायां में जिन स्थानों पर प्लाटिंग हो रही है उनमें से कई पर तो इस वर्ष भी फसल खड़ी थी और नींव तो शायद की कहीं भरी हुई हो। ऐसे में भूमि को अकृषक घोषित कराना टेढ़ी खीर है। इस कारण प्लाटिंग करने वाले लोगों को धोखे में रखकर अवैध रूप से प्लाट बेच रहे हैं।
की जाएगी कार्रवाई
मैंने किसी भी भूमि पर 143 की कार्रवाई नहीं की है। यदि बिना अनुमति लिए प्लाटिंग हो रही है तो शिकायत मिलने पर संबंधित को नोटिस भेजा जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।
- सलिल कुमार पटेल, एसडीएम पुवायां
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पुवायां के अलावा गैर जनपद तक के तमाम लोगों ने आवासीय प्लाट बेचने के लिए पुवायां के आसपास तमाम कृषि योग्य भूमि खरीद ली है और इस पर खुलेआम प्लाटिंग की जा रही है। नियमानुसार कृषि योग्य भूमि को अकृषक घोषित (143) कराने के बाद ही प्लाटिंग की जा सकती है, लेकिन यह अनुमति केवल दो-तीन लोगों ने ही ले रखी है, जबकि तमाम लोग बिना अनुमति लिए ही लोगों को प्लाट बेच रहे हैं। जानकारी के अभाव में लोग प्लाट खरीद रहे हैं। प्लाटिंग करने वाले भी ग्राहक को यह जानकारी देने की जरूरत नहीं समझते हैं।
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कृषि भूमि को अकृषक घोषित कराने के लिए एसडीएम कोर्ट में एक प्रार्थनापत्र देना पड़ता है। इसके बाद मामले की जांच कराई जाती है और संतुष्ट होने के बाद एसडीएम भूमि को अकृषक घोषित कर सकते हैं, लेकिन यह प्रक्रिया असल में इतनी सरल नहीं है। भूमि को अकृषक घोषित किए जाने से पहले यह देखा जाता है कि जमीन पर तीन वर्ष से कोई फसल आदि न हुई हो। इसके अलावा भूमि पर व्यवसायिक गतिविधि चल रही हो, भूमि की नींव भी भरी हुई होनी चाहिए।
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पुवायां में जिन स्थानों पर प्लाटिंग हो रही है उनमें से कई पर तो इस वर्ष भी फसल खड़ी थी और नींव तो शायद की कहीं भरी हुई हो। ऐसे में भूमि को अकृषक घोषित कराना टेढ़ी खीर है। इस कारण प्लाटिंग करने वाले लोगों को धोखे में रखकर अवैध रूप से प्लाट बेच रहे हैं।
की जाएगी कार्रवाई
मैंने किसी भी भूमि पर 143 की कार्रवाई नहीं की है। यदि बिना अनुमति लिए प्लाटिंग हो रही है तो शिकायत मिलने पर संबंधित को नोटिस भेजा जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।
- सलिल कुमार पटेल, एसडीएम पुवायां