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पुलिस के सामने से भाग गए पशु तस्कर
शाहजहांपुर, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Oct 2016 12:33 AM IST
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गोवंशीय पशुओं की बरामदगी के मामलों में पशुओं की संख्या भले ही घटे-बढ़े लेकिन पुलिस की कहानी एक जैसी ही रहती है। पुलिस पीठा करती है। वाहन पकड़ा जाता है। उससे पशु भी बरामद होते हैं लेकिन पशु तस्कर भाग जाते हैं। हर बार ऐसा ही होता है। बुधवार रात भी यहीं हुआ। जैतीपुर पुलिस ने गश्त के दौरान पशुओं से भरा ट्रक पकड़ा लेकिन पशु तस्कर पुलिस के सामने से भाग गए। ट्रक में 28 गोवंशीय पशु मिले। इनमें तीन की मौत हो चुकी थी।
पुलिस की कहानी के मुताबिक, बुधवार रात करीब 11 बजे एसओ ओमप्रकाश गौतम, एसआई रामनिवास शर्मा और अनित कुमार, कांस्टेबल नरेश कुमार, शाकिर, रामप्रकाश गश्त पर निकले थे। गांव बिहारीपुर में तिलहर की तरफ से तेज रफ्तार में ट्रक आता दिखा तो एसओ को संदेह हुआ। उन्होंने ट्रक चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने ट्रक को दौड़ा दिया।
बकौल एसओ, उन्होंने ट्रक के पीछे गाड़ी दौड़ा कर उसे पकड़ लिया लेकिन ड्राइवर और उसमें सवार पशु तस्कर भाग गए। सवाल यह है कि क्या पशु लदे ट्रक पुलिस की जीप से तेज दौड़ते हैं। उसमें सवार लोग चलते ट्रक से तो कूदकर भागते नहीं होंगे। ट्रक रुकने पर ही उतरते होंगे फिर पुलिस उन्हें क्यों नहीं पकड़ पाती है। पशु तस्कर पुलिस की लापरवाही का फायदा उठाकर भागते हैं या उन्हें भगाया जाता है।
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पुलिस ने बताया कि पकड़े गए ट्रक में 28 गोवंशीय पशु बरामद हुए। इनमें से तीन की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने जीवित पशुओं को गांव वालों के सुपुर्द कर दिया और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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पुलिस की कहानी के मुताबिक, बुधवार रात करीब 11 बजे एसओ ओमप्रकाश गौतम, एसआई रामनिवास शर्मा और अनित कुमार, कांस्टेबल नरेश कुमार, शाकिर, रामप्रकाश गश्त पर निकले थे। गांव बिहारीपुर में तिलहर की तरफ से तेज रफ्तार में ट्रक आता दिखा तो एसओ को संदेह हुआ। उन्होंने ट्रक चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने ट्रक को दौड़ा दिया।
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बकौल एसओ, उन्होंने ट्रक के पीछे गाड़ी दौड़ा कर उसे पकड़ लिया लेकिन ड्राइवर और उसमें सवार पशु तस्कर भाग गए। सवाल यह है कि क्या पशु लदे ट्रक पुलिस की जीप से तेज दौड़ते हैं। उसमें सवार लोग चलते ट्रक से तो कूदकर भागते नहीं होंगे। ट्रक रुकने पर ही उतरते होंगे फिर पुलिस उन्हें क्यों नहीं पकड़ पाती है। पशु तस्कर पुलिस की लापरवाही का फायदा उठाकर भागते हैं या उन्हें भगाया जाता है।
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पुलिस ने बताया कि पकड़े गए ट्रक में 28 गोवंशीय पशु बरामद हुए। इनमें से तीन की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने जीवित पशुओं को गांव वालों के सुपुर्द कर दिया और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।