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महिलाओं की बेइज्जती के विरोध में उतरे संगठन

Tue, 19 May 2015 12:17 AM IST
शाहजहांपुर
शाहजहांपुर Updated Tue, 19 May 2015 12:17 AM IST
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An insult to women's In protest subsides organization
जलालाबाद क्षेत्र के हरेवा गांव में दलित महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए
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जाने के मामले में विभिन्न संगठन सोमवार को सड़क पर उतर आए। महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पर नारेबाजी कर सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित महिलाओं को पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की। उधर, दलित संगठनों ने हरेवा कांड के विरोध में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर आरोपियों को कड़ी सजा दिए जाने की मांग की।

महिला कांग्रेस ने सीबीआई जांच की मांग उठाई
महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट जाकर महिलाओं को बेआबरू करने वालों के खिलाफ हुंकार भरी। संगठन की वरिष्ठ पदाधिकारी सावित्री शर्मा और शारदा थापा ने कहा कि सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली घटना के बारे में भुक्तभोगी महिलाओं से सारा वाकया जानकर यही प्रतीत होता है कि गुंडे-बदमाशों के मन में पुलिस-प्रशासन को लेकर कोई भय नहीं रह गया है।
राज्यपाल के नाम ज्ञापन में कहा गया है कि घटना की सीबीआई से जांच कराकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए, जिससे फिर कभी ऐसा शर्मनाक कृत्य सामने नहीं आए। कांग्रेसी महिलाओं ने चेतावनी दी कि महिलाओं के सम्मान से समझौता करने की कोशिश किए जाने पर संगठन की महिलाएं उग्र आंदोलन को बाध्य हो जाएंगी। प्रदर्शन में रचना निगम, ममता सिंह, सीमा गुप्ता, कुसुमलता, वंदना सक्सेना आदि शामिल रहीं।


दलित संगठनों ने जुलूस निकालकर दिया धरना
दलित वर्ग महासंघ के बैनर तले विभिन्न घटक संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता प्रदर्शन को खिरनीबाग के जीआईसी ग्राउंड पर इक_ा हुए। वहां से कार्यकर्ता जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचे और जमकर नारेबाजी करके धरना दिया। इस मौके पर महासंघ के संरक्षक जगदीश चंद्रा ने हरेवा कांड को घोर अमानवीय ठहराते हुए कहा कि पुलिस-प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाए।
संयोजक सियाराम दिनकर ने कहा कि तीन दिन के अंदर पांच सूत्रीय मांग पत्र पर गौर नहीं किया गया तो दलित संगठन फिर एक प्लेटफॉर्म पर आकर निर्णायक आंदोलन छेडने को बाध्य हो जाएंगे। राज्यपाल के नाम डीएम को दिए ज्ञापन में एसपी और एएसपी ग्रामीण को निलंबित कर घटना की किसी निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने, पीड़ित महिलाओं को 20-20 लाख रुपये मुआवजा देकर उन्हें किसी अन्य स्थान पर सरकारी आवास देकर पुनर्वासित कराने, पीड़ित परिवारों को सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस देने आदि मांगें शामिल हैं।
प्रदर्शन में कोरी समाज, बौद्ध महासभा, अंबेडकर मेमोरियल संस्थान, भगवान बुद्ध विहार समिति, संत गाडगे धोबी समाज, अनुसूचित जाति विद्याथी्र परिषद, कठेरिया समाज, सफाई मजदूर संघ आदि से जुड़े राम सिंह, रामनाथ वर्मा, बीआर भारती, राजाराम कठेरिया, प्रमोद गौरव, महेश गौतम, सत्येंद्र कुमार, विश्राम सिंह, महेंद्र सिंह दिनकर, डॉ. अमर सिंह, दौलत राम, रामभजन, सुरेश चंद्र कठेरिया, ज्वाला प्रसाद आदि शामिल रहे।


कांग्रेस ने अनुसूचित आयोग से किया पत्राचार
जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रशांत कठेरिया ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पूनिया को पत्र भेजकर हरेवा कांड की पीड़िताओं को न्याय दिलाने के लिए पुलिस-प्रशासन के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराने का आग्रह किया है। पत्र में कहा गया है कि आरोपियों के आतंक से घटना के दो दिन बाद भी गांव के पीड़ित पक्ष में भय बरकरार है।
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